वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन क्षेत्र
राजस्थान में वानिकी (Forestry):-
• राज्य में कुल अभिलिखित वन क्षेत्र 33,020.32 वर्ग किमी है जो कि राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 9.65% हैं।
भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट 2023 के अनुसार:-
राज्य का वनावरण:- 16,548.21 वर्ग किमी
(कुल भौगोलिक क्षेत्र का 4.84%)
वृक्षावरण:- 10,841.12 वर्ग किमी
कुल वनावरण एवं वृक्षावरण:- 27,389.33 वर्ग किमी
(कुल भौगोलिक क्षेत्र का 8%)
राजस्थान वन अधिनियम 1953 के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्र को आरक्षित वन, संरक्षित वन एवं अवर्गीकृत वन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
आरक्षित (Reserved):- 36.94%
संरक्षित (Protected):- 56.54%
अवर्गीकृत (Unclassified):- 6.51%
• राज्य में 3 राष्ट्रीय उद्यान, 4 बॉयोलॉजिकल पार्क (जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा), 5 टाइगर रिजर्व, 26 वन्यजीव अभयारण्य, 39 कंजर्वेशन रिजर्व है।
राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025
• राज्य सरकार द्वारा पुराने, खराब, अपंजीकृत एवं अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से चरणबद्ध रूप से सड़कों से हटाने के उद्देश्य से राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 जारी की गई है।
नीति की प्रमुख विशेषताएं -
• सम्पूर्ण राज्य में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं की स्थापना करना।
• 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहनों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप करना।
• निजी वाहनों के लिए स्वैच्छिक स्क्रैपिंग का विकल्प, जिसमें भविष्य में अनिवार्यता के प्रावधान की संभावना भी सम्मिलित।
• अधिकार, अपंजीकृत, दुर्घटना में क्षतिग्रस्त, छोड़े गए या जब्त किए गए वाहन भी सम्मिलित।
• वाहन पोर्टल के साथ एकीकृत डिजिटल एवं पारदर्शी स्क्रैपिंग प्रक्रिया।
• वाहन मालिकों को वाहन स्क्रैपिंग प्रमाण पत्र जारी करना।
• वाहन स्वामियों को प्रोत्साहन जिसमें नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में (निर्धारित सीमा के अधीन) अधिकतम 50% तक की छूट सम्मिलित।
राजस्थान ई-वेस्ट प्रबंधन नीति-2023
• ई-वेस्ट से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने तथा इसके प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राजस्थान ई-वेस्ट प्रबंधन नीति-2023 जारी की गई है।
• उद्देश्य:- ई-वेस्ट के सुरक्षित संग्रहण, पुनर्चक्रण एवं निस्तारण को सुनिश्चित करना।
• यह नीति अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक क्षेत्र से एकीकृत कर सर्क्युलर इकोनोमी और संसाधनों की रिकवरी को बढ़ावा देती है।
नीति की प्रमुख विशेषताएं:
• एक प्रभावी एवं पर्यावरण-अनुकूल ई-वेस्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना करना।
• ई-वेस्ट के संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा देना।
• ई-वेस्ट रीसाईक्लिंग क्षेत्र को प्रोत्साहित करना।
राजस्थान जलवायु परिवर्तन नीति-2023
• जारी:- 5 जून 2023
• यह नीति बढ़ते तापमान, लू, सूखा, जल संकट एवं मरुस्थलीकरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समाधान प्रस्तुत करती है।
नीति की प्रमुख विशेषताएं :-
• सभी विभागों की योजना निर्माण एवं निर्णय-प्रक्रिया में जलवायु परिवर्तन संबंधी पहलुओं को मुख्यधारा में शामिल करना।
• राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप शमन उपायों के माध्यम से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाना ।
• समुदायों, बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी तंत्रों की अनुकूलन क्षमता एवं लचीलेपन (Resilience) को बढ़ाना।
• जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियों, नवाचारों और ग्रीन-फाईनेंस को बढ़ावा देना।
राजस्थान वन नीति-2023
• पारिस्थितिक, आर्थिक एवं सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु वैज्ञानिक, पारंपरिक एवं अनुभवजन्य ज्ञान के माध्यम से वनों, वन्यजीवों, जैव विविधता एवं संरक्षित क्षेत्रों के सतत् प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा आगामी 20 वर्षों में वनस्पति आवरण को राज्य के भौगोलिक क्षेत्र के 20% तक बढ़ाने के उद्देश्य से 'राजस्थान वन नीति-2023' जारी की गई है।
• यह नीति विद्यमान प्राकृतिक वनों, वन्यजीवों एवं जैव विविधता की सुरक्षा, संरक्षण, पुनर्स्थापन तथा प्रबंधन की परिकल्पना करती है।
नीति की प्रमुख विशेषताएं:-
• विद्यमान वनों में पुनर्वनीकरण को बढ़ावा देकर उपलब्ध स्थानों पर संरक्षण, वनीकरण, कृषि-वानिकी एवं वृक्षारोपण के
माध्यम से वन क्षेत्रों के बाहर वनस्पति का विस्तार कर राज्य में वन एवं वृक्षावरण में वृद्धि करना।
• वन एवं चारागाह पर आधारित संसाधनों तथा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के सतत उपयोग के माध्यम से सामुदायिक
भागीदारी को बढ़ावा देना तथा लोगों के आजीविका अवसरों को बेहतर बनाना।
• मरुस्थलीकरण सहित भूमि क्षरण के सभी रूपों की रोकथाम करना तथा वनों, चारागाहों एवं वृक्षारोपण क्षेत्रों की भूमि की
उत्पादकता में सुधार करना।
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मेरी लाइफ पोर्टल के अनुसार राज्य में 8.21 करोड़ पौधे लगाये गये।
मिशन हरियालो राजस्थान के तहत 2025-26 (दिसंबर तक) 10 करोड़ के लक्ष्य के विरूद्ध 11.64 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया गया।
राज्य स्तरीय वन महोत्सव:- 27 जुलाई 2025
लव-कुश वाटिका:-
इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में 2 लव-कुश वाटिका विकसित की जा रही है।
संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम के तहत राज्य में 2,605 ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है।
विश्व वानिकी उद्यान (झालाना डूंगरी, जयपुर) की तर्ज पर जोधपुर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर व अजमेर में वनस्पति उद्यान (बॉटनीकल गार्डन) स्थापित किए जा रहे हैं।
राजस्थान प्रतिकरात्मक वनारोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (Rajasthan CAMPA) का गठन 14 सितंबर 2018 की अधिसूचना के द्वारा किया गया।
जैव विविधता अधिनियम 2002 के अंतर्गत राजस्थान राज्य जैव विविधता मंडल स्थापित किया गया है। यह मंडल राजस्थान राज्य जैव विविधता नियम 2010 के अनुसार कार्य कर रहा है।
राजस्थान सर्क्युलर इकोनॉमी इंसेटिव स्कीम-2025
• जारी:- '5 जून 2025
• इसके माध्यम से रीसाईक्लिंग एवं पुनः उपयोग के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए अधिकतम 2 करोड रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा तथा सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में कार्यरत MSME एवं स्टार्टअप्स को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत दिए जा रहे ऋण अनुदान में 0.5% की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी।
राजस्थान राज्य प्रदुषण नियंत्रण मंडल ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू करने के लिए नागरिकों हेतु एक पुरस्कार योजना शुरू की गई है, जिसमें किसी भी प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय से संबंधित सूचना देने पर ₹10,000 तक का पुरस्कार तथा किसी भी प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की निर्माण इकाईयों से संबंधित जानकारी देने पर ₹15,000 तक के इनाम का प्रावधान किया गया है।
बीज बैंक: राज्य में वनस्पतियों की उन्नत प्रजातियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025-26 में 25 जिलों में कुल 150 बीज बैंक स्थापित किये गये है।
बर्तन बैंक
• ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत प्रत्येक पंचायत को ₹1 लाख के स्टील बर्तन उपलब्ध करवाये जाकर 1,000 ग्राम पंचायतों में राजीविका कार्यक्रम की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा प्रबंधित बर्तन बैंक स्थापित किए गए हैं।
• इनमें किराया ₹3 प्रति सेट निर्धारित किया गया है तथा ग्राम पंचायतों को BPL, दिव्यांगजन, SC/ST, विधवा अथवा विशेष परिस्थितियों में किराये में 50% की रियायत प्रदान करने के लिए भी अधिकृत किया गया है ।
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख पहलें और योजनाएं:-
1. राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2014
• अवधि मार्च 2030 तक अथवा अन्य नीति द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने तक।
• वर्ष 2029-30 तक के लिए 125 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सौर ऊर्जा:- 90 गीगावॉट
पवन और हाइब्रिड:- 25 गीगावॉट
हाइड्रो, पंप स्टोरेज प्लांट, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली:- 10 गीगावॉट
• नोडल एजेंसी:- राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC)
नीति निम्न बिंदुओं पर भी बल देती हैं:-
मानव संसाधन विकास:- अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्गत शिक्षा और रोजगार सृजन पर ध्यान।
अनुसंधान और विकास (R&D):- नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादों, प्रक्रियाओं एवं प्रणालियां में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु।
नीति के तहत प्रमुख पहल:-
1.सौर एवं पवन प्रौद्योगिकियों का हाइब्रिडाईजेशन
• यह नीति सौर एवं पवन संसाधनों के एकीकरण को बढ़ावा देती है।
2. ऊर्जा भंडारण प्रणाली एवं ग्रीन हाइड्रोजन
• ऊर्जा भंडारण प्रणाली के विकास को प्रोत्साहन।
• ग्रीन हाइड्रोजन एक स्थाई ऊर्जा स्रोत है जो कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए औद्योगिक, विद्युत, परिवहन तथा विमानन क्षेत्रों में उपयोग में लिया जा सकता है।
3. विकेंद्रीकृत उत्पादन
• सोलर रूफटॉप सिस्टम और विकेंद्रीकृत ग्रिड कनेक्टेड परियोजनाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत उत्पादन का समर्थन करती है।
• इससे आधारभूत ढांचे की लागत में बचत होगी और स्थानीय विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यान्वयन में प्रोत्साहन और समर्थन:-
• सोलर रूफटॉप सिस्टम की स्थापना के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन।
• अक्षय ऊर्जा पार्क के आधारभूत ढांचे के विकास हेतु सहयोग।
2. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
3. पीएम कुसुम योजना
• पीएम कुसुम योजना (घटक-ए, चरण-I) के तहत, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC) द्वारा 468.75 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए गए हैं।
4. राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (RSMML)
• यह कंपनी पवन एवं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रही है।
6. राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022
• अवधि:- 5 वर्ष
• उद्देश्य:- वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना और ईवी अपनाने को बढ़ावा देना।
• रीको द्वारा डेडीकेटेड इलेक्ट्रिक वाहन तथा कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पार्कों का विकास किया जाएगा।
प्रावधान:-
• निजी और सार्वजनिक चार्जिंग आधारभूत अवसंरचना का विकास किया जाएगा।
• मजबूत चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करना, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना तथा राज्य में ईवी के निर्माण को प्रोत्साहन देना।
• ईवी के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
• सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की रियल टाइम स्थिति की जानकारी प्रदान करने हेतु एक मोबाइल एप्लीकेशन आधारित प्लेटफार्म की स्थापना की जाएगी।
7. जल संरक्षण और प्रबंधन:- मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0
8. ग्रीन बजट:- के माध्यम से सतत् विकास को प्राथमिकता।
• 2025-26 के लिए राज्य का पहला ग्रीन बजट पेश किया गया।
9. ग्रीन रेटिंग स्कीम:- उद्योगों को पर्यावरणीय प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकित करने हेतु।
10. ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास:-
ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में जल प्रबंधन में सुधार करने, नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने तथा शहरी हरित स्थलों को विकसित करने के उद्देश्य वाली पहलें शामिल हैं।
11. प्रशासनिक सुधार और सुशासन
• राजस्थान जन आधार प्राधिकरण का डिजिटल वितरण प्लेटफार्म, संधारणीय शासन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का एक उदाहरण है।
12. पेपरलेस सुशासन
पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने और IT को शासन से एकीकृत करने के लिए राज्य ने राज-काज पोर्टल (ई-फाइल सिस्टम) शुरू किया है।
उद्देश्य:- समय की बचत करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल एवं सुव्यवस्थित करना जिससे शासन की दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।
सतत् विकास लक्ष्य
सतत् विकास की परिभाषा:- सतत् विकास एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करनें के साथ-2 भावी पीढ़ी की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाई न हो।
सतत विकास लक्ष्य (SDG)
Sustainable development goals.
एजेंडा 2030
• सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 देशों द्वारा सतत् विकास के वर्ष 2030 के एजेंडा 2030 को अपनाया गया।
• एजेंडा 2030 में कुल 17 सतत् विकास लक्ष्य (SDG) निर्धारित किए गए हैं, जो 169 targets से संबद्ध है।
• SDG 1 जनवरी 2016 से लागू हुए।
• एजेंडा 2030 'कोई भी पीछे ना रहे' के सिद्धांत पर आधारित है।
• SDG 5P पर आधारित है:-
1. लोग (People)
2. ग्रह (Planet)
3. समृद्धि (Prosperity)
4. शांति (Peace)
5. साझेदारी (Partnership)
प्रश्न.सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों में एसडीजी के लिए एक व्यापक विकासात्मक एजेंडा शामिल है। स्पष्ट कीजिए ?
सतत विकास लक्ष्य निम्नलिखित है -
1. गरीबी का अन्त (No poverty) • दीनदयाल अन्त्योदय योजना, मनरेगा |
2. भुखमरी समाप्त करना (No hunger) • सार्वजनिक वितरण प्रणाली • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना |
3. आरोग्य एवं कल्याण (Good health) • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 • मिशन इंद्रधनुष • आयुष्मान भारत योजना • मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना |
4. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality education) • नई शिक्षा नीति 2020 • पीएम ई-विद्या योजना |
5. लैंगिंक समानता (Gender equality) • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ • राष्ट्रीय पोषण मिशन • आई एम शक्ति फंड |
6. शुद्ध जल-एवं स्वच्छता (Clean water and sanitation) • अटल भूजल योजना • जल जीवन मिशन • राजीव गांधी जल संचय योजना • अमृत योजना |
7. किफायती और स्वच्छ ऊर्जा (Clean energy) • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन • राष्ट्रीय सोलर मिशन • कुसुम योजना • राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता मिशन • राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन |
8. सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास (Good jobs and economic growth) • स्टार्टअप इंडिया • मेक इन इंडिया • आत्मनिर्भर भारत अभियान |
9. उद्योग, नवाचार और अवसंरचना (Innovations and infrastructure) • राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन • राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन |
10. असमानता में कमी लाना (Reduces inequality) • सुगम्य भारत अभियान • नारी शक्ति वंदन अधिनियम |
12. उत्तरदायी उपभोग एवं उत्पादन (Responsible consumption and production) |
14. जल में जीवन (Life below water) • ब्लू इकोनामी • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना • डीप सी मिशन (Deep Sea Mission) |
15. भूमि पर जीवन (Life on land) • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 • राष्ट्रीय ग्रीन इंडिया मिशन 2014 • राजस्थान इको-टूरिज्म नीति 2021 |
16. शान्ति, न्याय और सुदृढ़ संस्थाएं (Peace and justice) • यूएन शांति मिशनों में योगदान |
17. गोल्स के लिए भागीदारियाँ (Partnerships for the goals) • नीति आयोग, विश्व बैंक |
भारत की सतत विकास लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता:-
• नीति आयोग भारत में एसडीजी के क्रियान्वयन की देखरेख करता है।
• नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट के आधार पर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग जारी करता है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके एसडीजी इंडिया इंडेक्स स्कोर के आधार पर 4 श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है -
1. Aspirant:- 0-49
2. Performer:- 50-64
3. Front runner:- 65-99
4. Achiever:- 100
SDG इंडिया इंडेक्स 4.0 • जुलाई 2024 में जारी। • 16 लक्ष्यों के 113 संकेतक (लक्ष्य 14 शामिल नहीं) • शीर्ष रैंक:- केरल, उत्तराखंड (दोनों 79) • अंतिम स्थान पर:- बिहार • भारत का स्कोर:- 71 राजस्थान का स्कोर:- 67 (Front Runner) SDG 7 में 100 पूर्ण स्कोर हासिल। | राजस्थान SDG इंडेक्स 6.0 • अक्टूबर 2025 में जारी। • 14 लक्ष्यों के 100 संकेतकों पर विकसित। • राजस्थान का समग्र स्कोर:- 59.15 शीर्ष जिलें:- 1.झुंझुनूं (67.13) 2.नागौर (63.95) 3.अजमेर अंतिम जिलें:- जैसलमेर (51.82) भरतपुर (52.87) सवाई माधोपुर (54.79) |
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के द्वारा राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क (NIF - National Indicator Framework) विकसित किया गया है।
वर्तमान में 284 संकेतक शामिल।
राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क (NIF) किससे संबंधित है ? - सतत् विकास लक्ष्य।
राजस्थान में सतत् विकास लक्ष्य
सतत विकास लक्ष्य के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता:-
• राजस्थान सरकार "कोई भी पीछे ना रहे" के उद्देश्य से SDG एजेंडा 2030 को साकार करने के प्रयास कर रही है। (Leaving no one behind)
संस्थागत व्यवस्था:-
• राजस्थान सरकार ने एसडीजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजना विभाग (Planning department) को नोडल विभाग बनाया गया है।
• राज्य द्वारा SDG क्रियान्वयन की प्रगति को ट्रैक करने, प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा डेटा-आधारित नीतिगत निर्णयों में सहायता प्रदान करने हेतु 4 सितंबर 2025 को आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय में सतत् विकास लक्ष्य कोऑर्डिनेशन एंड ऐक्सिलिरेशन सेंटर की स्थापना की गई है।
• जागरूकता के लिए एक त्रैमासिक SDG बुलेटिन जारी की जा रही है।
• मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय एसडीजी क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है।
• जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एसडीजी क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है।
• राज्य संकेतक फ्रेमवर्क (SIF):- कुल 316 संकेतक
• जिला संकेतक फ्रेमवर्क (DIF):- कुल 217 संकेतक
• ब्लॉक संकेतक फ्रेमवर्क (DIF):- कुल 110 संकेतक
29 जून 2025 को 19वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राजस्थान SDG स्टेटस रिपोर्ट का नवीनतम सातवां संस्करण जारी किया।
• SIF (3.0) के 316 संकेतकों पर आधारित।
• संकेतकों को उनकी प्रगति के आधार पर 4 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:-
Achieve:- ऐसे संकेतक जिनके वर्ष 2030 के टारगेट्स को राज्य द्वारा अर्जित कर लिया गया उ।
On Track:- ऐसे संकेतक जिन्हें वर्तमान गति से अर्जित कर लिया जाएगा।
Slow Progress:- जिनकी प्रगति धीमी है।
Out of Track:- जिम राज्य की प्रकृति अत्यधिक नकारात्मक
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