राजस्थान में स्वास्थ्य एवं कल्याण
डिजिटल स्वास्थ्य मिशन• राजस्थान सरकार द्वारा शुरू डिजिटल स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण करना और प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार करना है।
डिजिटल स्वास्थ्य मिशन
• राजस्थान सरकार द्वारा शुरू डिजिटल स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण करना और प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार करना है।
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA)• यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा लॉन्च किया गया एक डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड है जिसका उद्देश्य व्यक्तियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स का एक केंद्रीकृत डिजिटल संगृह बनाना है, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच चिकित्सीय जानकारी आसानी से साझा की सुविधा मिलती है। • लाभ:- स्वास्थ्य सेवा वितरण की दक्षता को बढ़ावा, रोगी के उपचारों में सुधार और देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है।• दिसंबर 2025 तक राजस्थान में 6.52 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई गई है।
संकेतक राजस्थान NFHS 2019-21 भारत NFHS 2019-21 नवजात मृत्यु दर (NNMR) (प्रति 1000 जीवित जन्म) 20.2 24.9 शिशु मृत्यु दर (IMR) (प्रति 1000 जीवित जन्म) 30.3 35.2 5 वर्ष से कम उम्र की मृत्यु दर (U5MR) (प्रति 1000 जीवित जन्म) 37.6 41.9 संस्थागत प्रसव/जन्म (%) 94.6 88.6 गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (15-49 वर्ष) 46.3 52.2 कुल प्रजनन दर (TFR) प्रति महिला बच्चों की संख्या) 2.0 2.0
मातृ मृत्यु दर (MMR) (वर्ष 2021-2023)• राजस्थान:- 86 (प्रति लाख जीवित जन्मों पर)• भारत:- 88
आयुष्मान आरोग्य मंदिर:-• वर्ष 2023 में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया गया है।• उद्देश्य:- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करना।• 12 सेवाएं प्रदान की जा रही है:- - गर्भावस्था एवं बच्चों के जन्म के समय देखभाल।- नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं।- बाल्यकाल एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं। - परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं।- संचारी एवं गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन।- मुख स्वास्थ्य सेवाएं।- प्रौढ़ एवं उपशामक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं।
शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर• पुराना नाम:- जनता क्लिनिक
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना:-• शुरूआत:- 1 मई 2021• उद्देश्य:- सभी लोगों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना किए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना।• इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹25 लाख तक का सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसमें ₹5 लाख बीमा मोड और ₹20 लाख ट्रस्ट मोड में होते हैं। • साथ ही अंग प्रत्यारोपण और कोक्लियर इम्प्लांट्स के लिए विशेष पैकेज भी शामिल है एवं अन्य राज्यों में प्रतिपूर्ति विकल्प भी उपलब्ध है।• इस योजना में लगभग 1.36 करोड़ परिवार पंजीकृत है। • लाभार्थी:- 1. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)2. सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना (SECC)3. संविदा श्रमिक एवं छोटे व सीमांत किसान4. कोविड-19 से प्रभावित व्यक्ति 5. EWS परिवार और वरिष्ठ नागरिक (70Yr+)6. शेष आबादी ₹850 प्रति परिवार वार्षिक प्रीमियम का भुगतान देकर इस योजना में शामिल हो सकती हैं, शेष प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।• इस योजना के नए चरण में प्रति परिवार ₹2,370 का प्रीमियम निर्धारित किया गया है, जो योजना में 2,179 उपचार पैकेजों को कवर करता हैं, जिनमें से 2,002 पैकेज बीमा मोड में और 177 पैकेज ट्रस्ट मोड में है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) वाउचर योजना • यह योजना गर्भवती महिलाओं विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोग्राफी सेवाओं की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य में 2024 में शुरू की गई।
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना • राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भर्ती एवं बाहरी रोगियों को आवश्यक दवाइयां एवं जांच सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है।• 1,238 दवाइयां, 428 सर्जिकल वस्तुएं और सूचर्स शामिल।
मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान (जांच) योजना• राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में समग्र उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य चरणबद्ध रूप से लगू।
मुख्यमंत्री बाल संबल योजना • दुर्लभ रोगों से पीड़ित बच्चों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सहायता योजना प्रारंभ की गई है।
राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (RGHS) • उद्देश्य:- जनप्रतिनिधि/कर्मचारियों/पेंशनरों को कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करना।इसमें राज्य के मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी, सरकारी सेवारत कर्मचारी और पेंशनभोगी, राज्य स्वायत्त निकाय के सेवारत कर्मचारी और पेंशनभोगी और आश्रित शामिल हैं।• RGHS लगभग 13.65 लाख परिवारों को कवर कर रही है।• RGHS पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली है, जिसमें मोबाइल ऐप के माध्यम से सहज और त्वरित सुविधा प्रदान की जाती है।• इसके तहत पंजीकरण जन आधार के माध्यम से किया जाता है।• पात्र पंजीकृत लाभार्थी राज्य के सभी सरकारी, 741 से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों तथा राज्य के बाहर 39 से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस ओपीडी/आईपीडी/डे-केयर सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।• इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा के तहत उपचार भी शामिल हैं।
नोट:- ओपीडी में बिना भर्ती हुए परामर्श मिलता है, डे-केयर में <24 घंटे के लिए (बिना रात रुके) भर्ती होकर सर्जरी होती है जबकि आईपीडी में 24 घंटे से अधिक समय तक भर्ती रहकर जटिल इलाज होता है।
आयुष्मान वय वंदन योजना• शुरुआत:- 29 अक्टूबर 2024• उद्देश्य:- 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) को कैशलेस उपचार प्रदान करना।
आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र(मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र योजना)• उद्देश्य:- ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।
शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान• 15 फरवरी 2024 से प्रारंभ।• उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराना।• मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हेतु।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम• उद्देश्य:- स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच को बढ़ाना और मरीजों के लिए समर्थन प्रदान करना।
राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम• राजस्थान के सभी जिलें फ्लोरोसिस से प्रभावित है।• राजस्थान के 30 जिलों में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम संचालित है।
राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम• भारत सरकार द्वारा शुरू• उद्देश्य:- मुख स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना और ग्रामीण और शहरी आबादी के बीच दंत सेवाओं की पहुंच में असमानता को कम करना।
राष्ट्रीय बहरा नियंत्रण कार्यक्रम • उद्देश्य:- सुनने की क्षमता को बढ़ावा देना और शहरी और ग्रामीण आबादी में बहरापन की सेवाओं की पहुंच में असमानता को कम करना।
सिलिकोसिस नीति 2019 • सिलिकोसिस खदानों, कारखानों, पत्थर कटाई, ग्राइंडिंग, पाउडर निर्माण, गिट्टी, बलुआ पत्थर की मूर्तिकला आदि कार्यों में उत्पन्न धूल के लंबे समय तक संपर्क में आने से होने वाला एक असाध्य रोग है।• सिलिकोसिस पीड़ित को पुनर्वास हेतु ₹3 लाख की सहायता राशि तथा प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाती है।• पीड़ित की मृत्यु पर उसके आश्रित को ₹2 लाख की सहायता राशि तथा विधवा को आयु वर्ग के अनुसार ₹1,250 से ₹1,500 प्रतिमाह विधवा पेंशन दी जाती है।• पीड़ित एवं उसका परिवार 'आस्था कार्ड' धारक परिवार की भांति सभी बीपीएल सुविधाओं का लाभ प्राप्त करता है।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम • इसके तहत राज्य सरकार द्वारा 60 दिवसीय तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई।
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम• यह कार्यक्रम राज्य में वर्ष 2019 में प्रारंभ किया गया।• उद्देश्य:- 2030 तक हेपेटाइटिस-C का उन्मूलन करना तथा हेपेटाइटिस B एवं C के साथ-साथ हेपेटाइटिस A एवं E से होने वाली मृत्यु दर तथा रोगों को कम करना है।
एकीकृत रोग निगरानी कर्यक्रम• संक्रामक एवं गैर संक्रामक रोगों की नियमित निगरानी के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों को नियंत्रित करना।
मिशन मधुहारी कार्यक्रम • शुभारंभ:- 29 नवंबर 2024 को नागौर से।• टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए।
मातृ एवं शिशु सुरक्षा योजना • राज्य में शिशु मृत्यु दर के साथ-साथ प्रसव के दौरान उच्च मातृ मृत्यु दर को कम करना तथा गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को निःशुल्क दवा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।
कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI)• यह एक सामाजिक सुरक्षा योजना है।• उद्देश्य:- भारत में कर्मचारियों और उनके परिवारों को व्यापक चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।• यह योजना कारखानों, होटलों और शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों को कवर करती है, जहां काम से कम 10 कर्मचारी कार्यरत है और जिनका वेतन ₹21,000 प्रति माह से अधिक नहीं है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)उद्देश्य:- व्यक्तिगत, परिवार, समुदाय एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य प्रणाली के स्तरों पर विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना।उपमिशन:-राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशनराष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (2005)
आशा सहयोगिनी• यह एक समुदाय स्तर की कार्यकर्त्ता होती है।• कार्य:- स्वास्थ्य मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना तथा समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करना।• ये स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना, टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव में समन्वयक एवं राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों (मलेरिया, टी.बी.) में सहयोग के कार्य करती हैं।• आशा का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है।• वह चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच संयुक्त कार्यकर्ता होती है।• सितंबर 2025 तक राज्य में 54,022 आशा सहयोगिनी कार्यरत है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम• उद्देश्य:- 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में जन्म दोष और विकास में देरी जैसे 40 पूर्व निर्धारित स्वास्थ्य समस्याओं की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित करना।• राज्य में स्कूलों और समुदायों में स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यकम• उद्देश्य:- विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित क्षेत्रों में 10-19 वर्ष की आयु के किशोरों के समग्र विकास को बढ़ावा देना।• कार्यक्रम के तहत किशोर मैत्री स्वास्थ्य क्लीनिक- “उजाला क्लीनिक” स्थापित किए गए हैं।• इन पर किशोर-किशोरियों को परामर्श एवं चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की जा रही है।
104 जननी एक्सप्रेस सेवा• जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस के जरिए ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और 30 दिन के नवजात शिशुओं को निकटतम चिकित्सा संस्थानों तक ले जाने एवं वापस घर लाने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।• जननी एक्सप्रेस की सेवाएं 104 और 108 सुविधा पर कॉल करके प्राप्त की जा सकती है।
108 टोल फ्री एम्बुलेंस सेवा योजना• शुरुआत:- सितंबर 2008• उद्देश्य:- राज्य के लोगों को निःशुल्क और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं प्रदान करना।
मोबाइल मेडिकल सेवा योजना• शुरूआत:- 2008-09• उद्देश्य:- राजस्थान के दूर दराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना।• इस योजना के तहत रेगिस्तानी, आदिवासी, अविकसित गांवों, क्षेत्रों, ब्लॉकों में हर महीने 20 फ्री मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जाता हैं।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम)• उद्देश्य:- भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण करना।• यह मिशन भविष्य की महामारियों से प्रभावी ढंग से निपटने, प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने पर केंद्रित है।
ग्राम स्वास्थ्य और स्वच्छता समिति • सरपंच/वार्डपंच की अध्यक्षता में अध्यक्षता में 43,440 ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया गया हैं।• समिति के अन्य सदस्य आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता, एएनएम, NGO, SHG एवं महिला स्वास्थ्य संघ आदि के प्रतिनिधि हैं।• उद्देश्य:- स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को व्यवसायिक बनाना और स्वास्थ्य को जन आंदोलन बनाना।
राष्ट्रीय आयुष मिशन• परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी) के द्वारा बीमारियों के इलाज को बढ़ावा दिया जा रहा है।• राजस्थान आयुष नीति 2021• राज्य में राजस्थान राज्य आयुष सोसायटी और राष्ट्रीय आयुष मिशन कार्यालय की स्थापना की गई है।
A - आयुर्वेद:- प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति।Y - योग:- भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास।U - यूनानी:- ग्रीक (यूनान) की चिकित्सा पद्धति।S - सिद्धा:- दक्षिण भारत की चिकित्सा पद्धति।H - होम्योपैथी
टेलीमेडिसिन:- ई-संजीवनी HWC पोर्टल• इसके तहत निम्न श्रेणी के चिकित्सा संस्थान उच्च श्रेणी के चिकित्सा संस्थान से टेली-परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।• इसे हब एण्ड स्पोक मॉडल (Model) भी कहा जाता है।
SAVE WATER
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA)
• यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा लॉन्च किया गया एक डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड है जिसका उद्देश्य व्यक्तियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स का एक केंद्रीकृत डिजिटल संगृह बनाना है, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच चिकित्सीय जानकारी आसानी से साझा की सुविधा मिलती है।
• लाभ:- स्वास्थ्य सेवा वितरण की दक्षता को बढ़ावा, रोगी के उपचारों में सुधार और देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है।
• दिसंबर 2025 तक राजस्थान में 6.52 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई गई है।
मातृ मृत्यु दर (MMR) (वर्ष 2021-2023)
• राजस्थान:- 86 (प्रति लाख जीवित जन्मों पर)
• भारत:- 88
आयुष्मान आरोग्य मंदिर:-
• वर्ष 2023 में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया गया है।
• उद्देश्य:- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करना।
• 12 सेवाएं प्रदान की जा रही है:-
- गर्भावस्था एवं बच्चों के जन्म के समय देखभाल।
- नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं।
- बाल्यकाल एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं।
- परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं।
- संचारी एवं गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन।
- मुख स्वास्थ्य सेवाएं।
- प्रौढ़ एवं उपशामक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं।
शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर
• पुराना नाम:- जनता क्लिनिक
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना:-
• शुरूआत:- 1 मई 2021
• उद्देश्य:- सभी लोगों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना किए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना।
• इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹25 लाख तक का सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसमें ₹5 लाख बीमा मोड और ₹20 लाख ट्रस्ट मोड में होते हैं।
• साथ ही अंग प्रत्यारोपण और कोक्लियर इम्प्लांट्स के लिए विशेष पैकेज भी शामिल है एवं अन्य राज्यों में प्रतिपूर्ति विकल्प भी उपलब्ध है।
• इस योजना में लगभग 1.36 करोड़ परिवार पंजीकृत है।
• लाभार्थी:-
1. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)
2. सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना (SECC)
3. संविदा श्रमिक एवं छोटे व सीमांत किसान
4. कोविड-19 से प्रभावित व्यक्ति
5. EWS परिवार और वरिष्ठ नागरिक (70Yr+)
6. शेष आबादी ₹850 प्रति परिवार वार्षिक प्रीमियम का भुगतान देकर इस योजना में शामिल हो सकती हैं, शेष प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।
• इस योजना के नए चरण में प्रति परिवार ₹2,370 का प्रीमियम निर्धारित किया गया है, जो योजना में 2,179 उपचार पैकेजों को कवर करता हैं, जिनमें से 2,002 पैकेज बीमा मोड में और 177 पैकेज ट्रस्ट मोड में है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) वाउचर योजना
• यह योजना गर्भवती महिलाओं विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोग्राफी सेवाओं की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य में 2024 में शुरू की गई।
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना
• राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भर्ती एवं बाहरी रोगियों को आवश्यक दवाइयां एवं जांच सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है।
• 1,238 दवाइयां, 428 सर्जिकल वस्तुएं और सूचर्स शामिल।
मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान (जांच) योजना
• राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में समग्र उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य चरणबद्ध रूप से लगू।
मुख्यमंत्री बाल संबल योजना
• दुर्लभ रोगों से पीड़ित बच्चों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सहायता योजना प्रारंभ की गई है।
राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (RGHS)
• उद्देश्य:- जनप्रतिनिधि/कर्मचारियों/पेंशनरों को कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करना।
इसमें राज्य के मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी, सरकारी सेवारत कर्मचारी और पेंशनभोगी, राज्य स्वायत्त निकाय के सेवारत कर्मचारी और पेंशनभोगी और आश्रित शामिल हैं।
• RGHS लगभग 13.65 लाख परिवारों को कवर कर रही है।
• RGHS पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली है, जिसमें मोबाइल ऐप के माध्यम से सहज और त्वरित सुविधा प्रदान की जाती है।
• इसके तहत पंजीकरण जन आधार के माध्यम से किया जाता है।
• पात्र पंजीकृत लाभार्थी राज्य के सभी सरकारी, 741 से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों तथा राज्य के बाहर 39 से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस ओपीडी/आईपीडी/डे-केयर सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
• इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा के तहत उपचार भी शामिल हैं।
नोट:- ओपीडी में बिना भर्ती हुए परामर्श मिलता है, डे-केयर में <24 घंटे के लिए (बिना रात रुके) भर्ती होकर सर्जरी होती है जबकि आईपीडी में 24 घंटे से अधिक समय तक भर्ती रहकर जटिल इलाज होता है।
आयुष्मान वय वंदन योजना
• शुरुआत:- 29 अक्टूबर 2024
• उद्देश्य:- 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) को कैशलेस उपचार प्रदान करना।
आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
(मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र योजना)
• उद्देश्य:- ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।
शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान
• 15 फरवरी 2024 से प्रारंभ।
• उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराना।
• मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हेतु।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
• उद्देश्य:- स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच को बढ़ाना और मरीजों के लिए समर्थन प्रदान करना।
राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम
• राजस्थान के सभी जिलें फ्लोरोसिस से प्रभावित है।
• राजस्थान के 30 जिलों में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम संचालित है।
राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम
• भारत सरकार द्वारा शुरू
• उद्देश्य:- मुख स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना और ग्रामीण और शहरी आबादी के बीच दंत सेवाओं की पहुंच में असमानता को कम करना।
राष्ट्रीय बहरा नियंत्रण कार्यक्रम
• उद्देश्य:- सुनने की क्षमता को बढ़ावा देना और शहरी और ग्रामीण आबादी में बहरापन की सेवाओं की पहुंच में असमानता को कम करना।
सिलिकोसिस नीति 2019
• सिलिकोसिस खदानों, कारखानों, पत्थर कटाई, ग्राइंडिंग, पाउडर निर्माण, गिट्टी, बलुआ पत्थर की मूर्तिकला आदि कार्यों में उत्पन्न धूल के लंबे समय तक संपर्क में आने से होने वाला एक असाध्य रोग है।
• सिलिकोसिस पीड़ित को पुनर्वास हेतु ₹3 लाख की सहायता राशि तथा प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाती है।
• पीड़ित की मृत्यु पर उसके आश्रित को ₹2 लाख की सहायता राशि तथा विधवा को आयु वर्ग के अनुसार ₹1,250 से ₹1,500 प्रतिमाह विधवा पेंशन दी जाती है।
• पीड़ित एवं उसका परिवार 'आस्था कार्ड' धारक परिवार की भांति सभी बीपीएल सुविधाओं का लाभ प्राप्त करता है।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम
• इसके तहत राज्य सरकार द्वारा 60 दिवसीय तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई।
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम
• यह कार्यक्रम राज्य में वर्ष 2019 में प्रारंभ किया गया।
• उद्देश्य:- 2030 तक हेपेटाइटिस-C का उन्मूलन करना तथा हेपेटाइटिस B एवं C के साथ-साथ हेपेटाइटिस A एवं E से होने वाली मृत्यु दर तथा रोगों को कम करना है।
एकीकृत रोग निगरानी कर्यक्रम
• संक्रामक एवं गैर संक्रामक रोगों की नियमित निगरानी के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों को नियंत्रित करना।
मिशन मधुहारी कार्यक्रम
• शुभारंभ:- 29 नवंबर 2024 को नागौर से।
• टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए।
मातृ एवं शिशु सुरक्षा योजना
• राज्य में शिशु मृत्यु दर के साथ-साथ प्रसव के दौरान उच्च मातृ मृत्यु दर को कम करना तथा गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को निःशुल्क दवा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।
कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI)
• यह एक सामाजिक सुरक्षा योजना है।
• उद्देश्य:- भारत में कर्मचारियों और उनके परिवारों को व्यापक चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
• यह योजना कारखानों, होटलों और शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों को कवर करती है, जहां काम से कम 10 कर्मचारी कार्यरत है और जिनका वेतन ₹21,000 प्रति माह से अधिक नहीं है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)
उद्देश्य:- व्यक्तिगत, परिवार, समुदाय एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य प्रणाली के स्तरों पर विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना।
उपमिशन:-
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (2005)
आशा सहयोगिनी
• यह एक समुदाय स्तर की कार्यकर्त्ता होती है।
• कार्य:- स्वास्थ्य मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना तथा समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करना।
• ये स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना, टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव में समन्वयक एवं राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों (मलेरिया, टी.बी.) में सहयोग के कार्य करती हैं।
• आशा का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है।
• वह चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच संयुक्त कार्यकर्ता होती है।
• सितंबर 2025 तक राज्य में 54,022 आशा सहयोगिनी कार्यरत है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
• उद्देश्य:- 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में जन्म दोष और विकास में देरी जैसे 40 पूर्व निर्धारित स्वास्थ्य समस्याओं की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित करना।
• राज्य में स्कूलों और समुदायों में स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यकम
• उद्देश्य:- विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित क्षेत्रों में 10-19 वर्ष की आयु के किशोरों के समग्र विकास को बढ़ावा देना।
• कार्यक्रम के तहत किशोर मैत्री स्वास्थ्य क्लीनिक- “उजाला क्लीनिक” स्थापित किए गए हैं।
• इन पर किशोर-किशोरियों को परामर्श एवं चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की जा रही है।
104 जननी एक्सप्रेस सेवा
• जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस के जरिए ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और 30 दिन के नवजात शिशुओं को निकटतम चिकित्सा संस्थानों तक ले जाने एवं वापस घर लाने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।
• जननी एक्सप्रेस की सेवाएं 104 और 108 सुविधा पर कॉल करके प्राप्त की जा सकती है।
108 टोल फ्री एम्बुलेंस सेवा योजना
• शुरुआत:- सितंबर 2008
• उद्देश्य:- राज्य के लोगों को निःशुल्क और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं प्रदान करना।
मोबाइल मेडिकल सेवा योजना
• शुरूआत:- 2008-09
• उद्देश्य:- राजस्थान के दूर दराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना।
• इस योजना के तहत रेगिस्तानी, आदिवासी, अविकसित गांवों, क्षेत्रों, ब्लॉकों में हर महीने 20 फ्री मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जाता हैं।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम)
• उद्देश्य:- भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण करना।
• यह मिशन भविष्य की महामारियों से प्रभावी ढंग से निपटने, प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने पर केंद्रित है।
ग्राम स्वास्थ्य और स्वच्छता समिति
• सरपंच/वार्डपंच की अध्यक्षता में अध्यक्षता में 43,440 ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया गया हैं।
• समिति के अन्य सदस्य आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता, एएनएम, NGO, SHG एवं महिला स्वास्थ्य संघ आदि के प्रतिनिधि हैं।
• उद्देश्य:- स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को व्यवसायिक बनाना और स्वास्थ्य को जन आंदोलन बनाना।
राष्ट्रीय आयुष मिशन
• परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी) के द्वारा बीमारियों के इलाज को बढ़ावा दिया जा रहा है।
• राजस्थान आयुष नीति 2021
• राज्य में राजस्थान राज्य आयुष सोसायटी और राष्ट्रीय आयुष मिशन कार्यालय की स्थापना की गई है।
A - आयुर्वेद:- प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति। Y - योग:- भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास। U - यूनानी:- ग्रीक (यूनान) की चिकित्सा पद्धति। S - सिद्धा:- दक्षिण भारत की चिकित्सा पद्धति। H - होम्योपैथी |
टेलीमेडिसिन:-
ई-संजीवनी HWC पोर्टल
• इसके तहत निम्न श्रेणी के चिकित्सा संस्थान उच्च श्रेणी के चिकित्सा संस्थान से टेली-परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
• इसे हब एण्ड स्पोक मॉडल (Model) भी कहा जाता है।
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