राजस्थान में शिक्षा। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26

  

राजस्थान में शिक्षा 

शिक्षा:-
शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है।

निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना
• राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल द्वारा
• कक्षा 1 से 8 तक सभी विद्यार्थी।
• कक्षा 9 से 12 तक में पढ़ने वाली सभी छात्राओं, SC,  ST के छात्रों तथा वे छात्र जिनके माता-पिता आयकर दाता नहीं है को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण।

निःशुल्क साईकिल वितरण योजना
• सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाली सभी वर्ग की स्कूली बालिकाओं को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है।

लाडो प्रोत्साहन योजना
• इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी बालिका के माता-पिता/अभिभावक को अधिकतम कुल राशि का ₹1.50 लाख का भुगतान 7 किस्तों में किया जाता है।

मुख्यमंत्री संबल योजना 
• निजी प्रशिक्षण संस्थानों में प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा एजुकेशन अध्ययन करने वाली विधवा/परित्यक्ता महिलाओं को ₹9,000 फीस की प्रतिपूर्ति की जाती है।

मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना
• उद्देश्य:- पंजीकृत मदरसों को डिजिटल और भौतिक संसाधनों से उन्नत करना।
• प्राथमिक स्तर के मदरसों के लिए अधिकतम राशि ₹15 लाख का प्रावधान।
• उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसों के लिए अधिकतम राशि ₹25 लाख का प्रावधान।
• राज्य सरकार (90) : मदरसा (10)

समग्र शिक्षा
• यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य प्री-स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक सभी बच्चों के लिए समावेशी, समानतापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
• राज्य में इसका क्रियान्वयन राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा किया जाता है।
• केंद्र (60) : राज्य (40)
• मुख्य उद्देश्य:- सीखने के परिणामों में सुधार, सामाजिक और लैंगिक अंतर को कम करना, समानता और न्यूनतम स्कूली मानकों को सुनिश्चित करना, व्यावसायिक शिक्षा, खेल एवं शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देना, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के क्रियान्वयन को समर्थन देना। 

(A) प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा
• राज्यम समेकित बाल विकास योजना (ICDS) के तहत संचालित 62,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में 3-6 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 12 लाख बच्चे पूर्व-विद्यालय शिक्षा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

(B) निपुण भारत मिशन (मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान)
• उद्देश्य:- कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रदान करना।
• पहली और दूसरी क्लास के विद्यार्थियों की मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान कौशलों को मजबूत करने के लिए निपुण भारत मिशन के तहत में निपुण राजस्थान अभियान 30 अक्टूबर 2025 को शुरू किया गया।
• बच्चों के पठन कौशल को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत राज्य स्तर पर प्रखर राजस्थान 2.0 कार्यक्रम शुरू किया गया है।
• निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए कक्षा 1-5 में अध्यापन कराने वाले शिक्षकों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर समझ विकसित करने के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
• 31 अक्टूबर 2025 को राज्य के सभी स्कूलों में मेगा PTM (अभिभावक शिक्षक बैठक) का आयोजन किया गया 

(C) पहुंच एवं ठहराव:-
 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल
शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े क्षेत्रों में विशेष रूप से शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य में 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों की शुरुआत की गई है।
CBSE पैटर्न पर इंग्लिश मीडियम में शिक्षा।
55% सीट छात्राओं के लिए आरक्षित।
• विद्यार्थियों की सर्वांगीण विकास हेतु 41 नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय (10 मेवात बालिका आवासीय विद्यालय भी शामिल) संचालित किया जा रहे हैं।
राज्य में 1 अप्रैल 2010 से बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू है जिसके तहत कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 25% आरक्षण अनिवार्य है। इसके लिए ₹2.5 लाख रुपए आय पात्रता सीमा है।

(D) शिक्षा में आधारभूत ढांचे का विकास कार्य:-
ज्ञान संकल्प पोर्टल
• उद्देश्य:- भामाशाहों, दानदाताओं और कंपनियों (csr) से धनराशि एकत्रित कर स्कूलों को वित्तीय सहायता प्रदान करना एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत करना।

(F) गुणवत्ता एवं नवाचार हस्तक्षेप:-
जादुई पिटारा:- यह एक अभिनव खेल-आधारित शिक्षण सामग्री हैं, जिसे शिक्षा मंत्रालय द्वारा 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए नई पद्धतियों एवं प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सीखने के अनुभव एवं परिणामों को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
NEP 2020 के तहत विकसित इस जादुई संग्रह में प्लेबुक, खिलौने, पहेलियां, पोस्टर, फ्लैशकार्ड एवं कहानी की किताबें शामिल है जो स्थानीय संस्कृति और भाषाओं को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना
• 2022 में लागू।
 लक्ष्य:- सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण समान समावेशी शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित कर विद्यालयों का समग्र रूपांतरण करना।
• ये विद्यालय पर्यावरण अनुकूल गतिविधियां, सोलर पैनल, LED लाइटिंग, प्राकृतिक खेती के साथ पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त वातावरण तथा जल संरक्षण व संचयन को शामिल करते हुए हरित विद्यालय के रूप में स्थापित किए जाएंगे।
• इन स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार लेटेस्ट टेक्नोलॉजी, स्मार्ट क्लासेस, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। 
• पीएम श्री योजना राजस्थान के 639 स्कूलों में लागू है।
मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA)
• यह राजस्थान में NEP 2020 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शुरू किया गया एक प्रोग्राम है। इसका उद्देश्य राज्य को एक मॉडल के रूप में विकसित करना, नामांकन बढ़ाना, सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। 
• प्रमुख गतिविधियां:- छात्र उपस्थित एप, ऑन-डिमांड परीक्षाएं।

(G) लैंगिक समानता:-
• राज्य में 364 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित है। इनमें कभी नामांकित न होने वाली एवं बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली बालिकाओं को नामांकन के लिए प्राथमिकता दी जाती है।
• मीना राजू मंच एवं गार्गी मंच:-
उद्देश्य:- बालिकाओं की शिक्षा, नामांकन एवं ठहराव को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों को अपनी बेटियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना तथा सामाजिक मुद्दों (बाल विवाह, दहेज प्रथा) पर जागरूकता पैदा करना। 
• कक्षा 6 से 8वीं तक की बालिकाओं के लिए मीना-राजू मंच का तथा कक्षा 9 से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए गार्गी मंच का गठन किया गया है।

(H) समावेशी शिक्षा:-
• विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को निःशुल्क चिकित्सीय और शैक्षिक सेवाएं प्रदान करने हेतु राजस्थान में दो राज्य मॉडल संसाधन कक्ष जयपुर व उदयपुर में स्थापित किए गए हैं।

(I) व्यावसायिक शिक्षा
• शैक्षणिक वर्ष 2024-26 तक राजस्थान में कुल 4,019 व्यवसायिक शिक्षा विद्यालय स्वीकृत हैं।

(J) ICT और डिजिटल पहल
• दीक्षा पोर्टल:- ई-कंटेंट प्रदान करता है।
• मिशन स्टार्ट:- शिक्षा विभाग द्वारा ब्लैडेंड मोड ऑफ लर्निंग का उपयोग करके शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए मिशन स्टार्ट के तहत शिक्षकों की अनुपलब्धता/अनुपस्थिति की स्थिति में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गई डिजिटल सामग्री तक पहुंच सुनिश्चित की जाती है।
स्कूल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एकीकृत शाला दर्पण)
• यह स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान का लाइव डेटाबेस प्रबंधन पोर्टल है। इस पर सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों की जानकारी ऑनलाइन रखी जाती है।

साक्षरता एवं सतत् शिक्षा 
• एक व्यक्ति को जनगणना में साक्षर माना जाता है यदि वह -
(i) कम से कम 7 साल का हो
(ii) किसी एक भाषा को पढ़, लिख और समझ सकता हो। 

नवभारत साक्षरता कार्यक्रम
• 1 अप्रैल 2022 से लागू।
• केंद्र प्रायोजित योजना।
• केंद्र (60) : राज्य (40)
• उद्देश्य:- 15 वर्ष एवं अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों को साक्षर करना।
• यह पूर्ण रूप से स्वयंसेवक आधारित जन अभियान है।
• इसके लिए उल्लास ऐप बनाया गया है।

ई-क्लासेज
• राज्य के छात्रों को ई-क्लासेज की सुविधा प्रदान करने के लिए साक्षरता विभाग ने मिशन ज्ञान के सहयोग से दो यूट्यूब चैनल ई-साक्षरता और उल्लास राजस्थान लॉन्च किए हैं।

महिला शिक्षण विहार
• ये 15-30 आयु वर्ग की तलाकशुदा, आदिवासी और वंचित (Deprived) महिलाओं के लिए 
• कक्षा 10 तक के आवासीय विद्यालय हैं।
• व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational training) दिया जाएगा।
• वर्तमान में केवल झालावाड़ जिले में संचालित है।

उच्च शिक्षा
• राज्य में महाविद्यालय:- 3,218

मुख्यमंत्री बीएड संबल योजना
• विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं के लिए।
• उद्देश्य:- शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में बीएड पाठ्यक्रम की फीस की प्रतिपूर्ति करते हुये, आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना।

बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना
• उद्देश्य:- बालिकाओं को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान कराना।
• यह राजस्थान के दूरदराज के इलाकों में रहने वाली लड़कियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।

मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना
• मेधावी लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना
• उद्देश्य:- शैक्षिक स्तर को बढ़ाना एवं निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चों को सहायता प्रदान करना।

काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
• जिन मेधावी छात्राओं ने 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है एवं उच्च शिक्षा के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है उन्हें स्कूटी प्रदान की जाती है।

देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन योजना (2023)
• राजस्थान के अति पिछड़े वर्ग (MBC) की छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाती है।

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा योजना (पीएम-उषा योजना)
• यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण केंद्र परिवर्तित योजना (60:40) है जिसका उद्देश्य देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को सशक्त, गुणवत्तापूर्ण, समावेशी, शोधपरक, रोजगारोन्मुखी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है।
• यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पांच स्तंभों सुलभता, समानता, जवाबदेही, सामर्थ्य और गुणवत्ता के अनुरूप तैयार की गई है।

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कर्यक्रम
• छात्राओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में औपचारिक रूप से आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

राजस्थान फिनिशिंग स्कूल कार्यक्रम 
• उद्देश्य:- युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करने हेतु उद्योग-उन्मुख कौशल को शिक्षा तंत्र से एकीकृत करना।

संस्कृत शिक्षा
• 1958 में संस्कृत निदेशालय की स्थापना की गई।
• राजस्थान राज्य संस्कृत शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (SSIERT) महापुरा, जयपुर में संचालित है।

सावित्री बाई फूले अध्ययन केंद्र 
• 33 जिला सार्वजनिक पुस्तकालयों में स्थापित।

इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन शिक्षा:-
• एक IIT जोधपुर में एवं एक IIM उदयपुर में कार्यरत है।

चिकित्सा शिक्षा:-
दिसंबर , 2025 तक राज्य में 49 मेडिकल कॉलेज है।

प्रश्न.राजस्थान सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयास बताइए ?

राजस्थान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:-
• 1983 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग स्थापित किया गया। इसके द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:-
1. राज्य सुदूर संवेदन उपयोग केंद्र (SRSAC), जोधपुर 
राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सूचना प्रदान करता है।
साथ ही इसके द्वारा मृदा, जल, वन, कृषि तथा खनिज आदि क्षेत्रों की पहचान, दोहन एवं प्रबंधन के लिए अध्ययन किया जाता है।
जयपुर में राज्य सुदूर संवेदन उपयोग केंद्र का उपकेंद्र स्थापित किया गया है।

2. अनुसंधान एवं विकास प्रभाग (Division)
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एप्लीकेशन आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना।
3. पेटेंट सूचना केंद्र (जयपुर):- इसकी स्थापना बौद्धिक संपदा अधिकारों (पेटेंट और जीआई टैग) के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए।

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