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भारत में आईटी उद्योग

 
IT Industry in India


भारत में आईटी उद्योग

IT industry in India

आईटी उद्योग सॉफ्टवेयर विकास, परामर्श, सॉफ्टवेयर प्रबंधन, ऑनलाइन सेवाएं और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) से संबंधित है।
The IT industry deals with software development, consulting, software management, online services and business process outsourcing (BPO).

• आईटी एक प्रकार का ज्ञान आधारित उद्योग है, जो अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

• भारत में आईटी सेवाओं की शुरुआत 1970 के दशक में TCS ने मुंबई में की।

भारत में आईटी का जनक:- फकीर चंद कोहली (TCS)
भारत में प्रमुख आईटी केंद्र:- बेंगलुरु (भारत की सिलिकॉन वैली), हैदराबाद, मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, पुणे, गुड़गांव, चंडीगढ़, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम आदि।

भारत की प्रमुख आईटी कंपनियां:- TCS, Infosys, HCL Tech, Wipro, Tech Mahindra.

• भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में आईटी क्षेत्र का योगदान 1998 में 1.2% से बढ़कर 2019 में लगभग 10% हो गया।
• वर्तमान में भारत आईटी सेवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है। (आईटी सुपर पावर)

पिछले दो दशकों में भारत का आईटी उद्योग तेजी से विकसित हुआ है जिसके निम्नलिखित कारण है -
• LPG (आर्थिक सुधार 1991)
• भारत में प्रचुर प्रतिभा
• शहरी बुनियादी ढांचे का निर्माण
• SEZ एवं FDI को प्रोत्साहन
• व्यापार बाधाओं में कमी।
• प्रौद्योगिकी उत्पादों पर आयात शुल्क में कमी।

भारत की प्रमुख आईटी कंपनियां

1. Tata Consultancy Services (TCS)
• स्थापना - 1967 (मुंबई)
• यह भारत की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर 
सर्विसेज एवं कंसल्टिंग कंपनी है। 
• टीसीएस विश्व की तीसरी सबसे बड़ी IT कंपनी है।
• इसके द्वारा एप्लीकेशन डेवलपमेंट, कंसल्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सर्विसेज आदि के क्षेत्र में कार्य किया जाता है।

2. Infosys Ltd.
• मुख्यालय - बेंगलुरु
• यह एक बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो IT सेवाएं प्रदान करती है।
• इसके द्वारा एप्लीकेशन डेवलपमेंट, कंसल्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सर्विसेज आदि के क्षेत्र में कार्य किया जाता है।

3. HCL technologies
• यह एक बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो IT सेवाएं प्रदान करती है।
• इसके द्वारा एप्लीकेशन डेवलपमेंट, कंसल्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सर्विसेज, साइबर सुरक्षा आदि के क्षेत्र में कार्य किया जाता है।

4. WIPRO Ltd.
इसके द्वारा एप्लीकेशन डेवलपमेंट, कंसल्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सर्विसेज आदि के क्षेत्र में कार्य किया जाता है।

5. Tech Mahindra Ltd.
इसके द्वारा एप्लीकेशन डेवलपमेंट, कंसल्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सर्विसेज आदि के क्षेत्र में कार्य किया जाता है।

भारत एक वैश्विक प्रौद्योगिकीय नेतृत्वकर्ता कैसे बन सकता है ?
1. सरकार की भूमिका
• भारत सरकार को प्रौद्योगिकी संपन्न देशों (अमेरिका, जापान आदि) के साथ अपने अच्छे संबंधों का लाभ उठाकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी करनी चाहिए।
जैसे - भारत अमेरिका प्रौद्योगिकी साझेदारी।
• सरकार को हल्के विनिर्माण और निर्यात-उन्मुख उद्यमों को निजी क्षेत्र के लिये खुला छोड़ देना चाहिए तथा रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों (पेट्रोकेमिकल्स, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि) पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।  
• सेवा क्षेत्र (IT) का बजट बढाना।

2. भारत में STEM शिक्षा कार्यक्रमों से स्नातकों की संख्या सर्वाधिक है। इनकी क्षमताओं का उपयोग किया जाना चाहिए।

3. टेकेड का अधिकतम क्षमता तक उपयोग किया जाना चाहिए।
Technology + Decade = Techade.

प्रौद्योगिकी के विकास में समस्याएं:-
1. ब्रेनड्रेन:- प्रतिभाशाली लोगों का बेहतर रोजगार की तलाश में अमेरिका जैसे देशों की और पलायन करना।
2. R & D पर व्यय में लगातार गिरावट।
(1990-91 में 0.85% से 2018 में 0.65%)
3. इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का उच्च आयात।
कच्चा तेल > इलैक्ट्रोनिक्स वस्तु।
प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत का आयात उसके निर्यात का लगभग पाँच गुना है।  
4. मूनलाइटिंग

मूनलाइटिंग क्या है?
• चर्चा में क्यों:- हाल ही भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक विप्रो (Wipro) ने मूनलाइटिंग में काम करने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।
• किसी एक प्राथमिक संगठन के लिए काम करते हुए नियोक्ता की जानकारी के बिना अन्य कई संगठनों के लिए काम करने की प्रथा मूनलाइटिंग कहलाती है।
• COVID-19 महामारी के दौरान वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था के कारण आईटी उद्योग में मूनलाइटिंग काफी लोकप्रिय हो गई है।
प्रभाव:-
1. इससे कर्मचारियों की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।
2. मूनलाइटिंग हितों के टकराव का कारण बन सकती है।
3. यह गैर-प्रकटीकरण, डेटा के उल्लंघन या गोपनीयता से संबंधित नैतिक मुद्दे भी पैदा कर सकती हैं।
4. कर्मचारी सीधे ग्राहकों के साथ काम करेंगे और संगठनों के मुनाफे को काफी कम कर देंगे।
• कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत दोहरे रोजगार पर प्रतिबंध है। हालांकि, भारत भर के कई राज्यों में आईटी कंपनियों को इस नियम से छूट दी गई है।
• भारतीय श्रम कानूनों में मूनलाइटिंग के संबंध में कोई विशेष क़ानून नहीं है।
• टैक्स के नजरिए से अमेरिका और यूके में दोहरे रोजगार या अधिक रोजगार की तकनीकी रूप से अनुमति है। अमेरिकी कर व्यवस्था स्व-मूल्यांकन और स्वैच्छिक रिपोर्टिंग के विचार के आधार पर कार्य करती है।

प्रयास:-
• स्वतंत्रता के बाद IIT संस्थानों की स्थापना।
• आत्म निर्भर भारत अभियान
• मेक इन इंडिया
• नई शिक्षा नीति 2020
• New IT Rule 2021

प्रश्न.भारत के प्रमुख शहरों में आईटी उद्योगों के विकास से उत्पन्न मुख्य सामाजिक-आर्थिक प्रभाव क्या हैं ?

सकारात्मक प्रभाव:-
• भारत एक सॉफ्टवेयर हब के रूप में उभरा है।
• सेवा क्षेत्र के कुल निर्यात में IT का 45% हिस्सा
• भारत में IC का उत्पादन शुरू।
• युवाओं को रोजगार की उपलब्धता।
• सुशासन:- JAM, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी प्रोग्राम आदि सुशासन की दिशा में ऐसे कदम हैं, जो मजबूत IT उद्योगों के बिना कुशलता से लागू नहीं होते।
• ग्रामीण क्षेत्रों में आईटी सेवाओं की उपलब्धता।
• आपराधिक न्याय प्रणाली का डिजिटलीकरण।
• स्टार्टअप्स को बढ़ावा 
• आईटी क्षेत्र के विकास से नवाचारों बढ़ावा मिल रहा है, जिनसे जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, पर्यावरणीय मुद्दों को हल किया जा सकता है।

नकारात्मक प्रभाव:-
1. असमान विकास और आर्थिक असमानता
• बड़े आईटी हब वाले शहरों का विकास अन्य शहरों की तुलना में अधिक हुआ है।
• आईटी कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों के बीच वेतन का बहुत बड़ा अंतर है।

2. डिजिटल डिवाइड को बढ़ावा
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की कमी आवश्यक सेवाओं तक पहुँच में बाधा डालती है, जिससे उनका सामाजिक-आर्थिक विकास प्रभावित होता है।

3. प्रवासन और सांस्कृतिक परिवर्तन में वृद्धि

निष्कर्ष:-
नई तकनीकों टेलीमेडिसिन, रिमोट मॉनिटरिंग, 5G, AI, IoT, बिग डाटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग के विकास से भारत के आईटी उद्योगों का और अधिक विस्तार होगा,
जिससे भारत का प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग वर्ष 2025 तक वार्षिक राजस्व में 300-350 बिलियन अमेंरीकी डॉलर प्रदान कर सकता है।

अपडेट जारी...............

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