आपका स्वागत है, डार्क मोड में पढ़ने के लिए ऊपर क्लिक करें PDF के लिए टेलीग्राम चैनल DevEduNotes से जुड़े।

भारत में रामसर स्थल। रामसर साइट इन राजस्थान

रामसर साइट इन राजस्थान


भारत में रामसर साइट

अगस्त 2021 में भारत के चार स्थल रामसर सूची में शामिल हुए है। अब भारत में रामसर साइटों की कुल संख्या 46 पहुंच गई है।
1. थोल झील वन्यजीव अभयारण्य (गुजरात)
2. वाधवाना आर्द्र प्रदेश (गुजरात)
3. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (गुरुग्राम)
4. भिंडवास वन्यजीव अभयारण्य (हरियाणा)

• देश में वेटलैंड की संख्या 46 हो गई है। यह संख्या दक्षिण एशिया में भारत में सर्वाधिक है।


आर्द्रभूमि (Wetland)

वेटलैंड ऐसा क्षेत्र होता है, जहां भरपूर नमी होती है। झील के आसपास का इलाका दलदली होता है।
इसके आसपास की खेती को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है।

आर्द्रभूमि का लाभ/महत्त्व
• आर्द्रभूमि जमीन और जल के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है।
• आर्द्रभूमि मीठे पानी के अच्छे स्त्रोत है। साथ ही वर्षा को सूखने और ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करने में मदद करती हैं।
• ये मछली और अन्य समुद्री जीवन के लिए नर्सरी बनाती हैं।
• वेटलैंड्स भोजन, पानी, फाइबर, भूजल रिचार्जिंग, जल शोधन, बाढ़ मॉडरेशन और कटाव नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



क्या है रामसर श्रेणी ?

वेटलैंड्स पर हुई रामसर कन्वेंशन एक अंतर-सरकारी संधि है, जिस पर 2 फरवरी, 1971 में ईरानी शहर रामसर में हस्ताक्षर किये गए थे।
रामसर कैस्पियन सागर के दक्षिणी किनारे पर स्थित ईरान का एक शहर है।
• इसमें भारत 1 फरवरी, 1982 को शामिल हुआ था।
• वे आर्द्रभूमि (वेटलैंड) जो अंतर्राष्ट्रीय महत्व के होते हैं, उन्हें रामसर स्थल घोषित किया जाता हैं।
• रामसर श्रेणी में आने के बाद उस झील के संरक्षण के लिए पूरी दुनिया मदद देती है।
• वर्तमान समय में विश्वभर में रामसर श्रेणी की लगभग 2000 से अधिक झीलें हैं।

नई अपडेट तथा डेली करेंट अफेयर्स के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल को Join करें
Telegram Join 👉 Click Here


भारत के रामसर स्थल


 

 रामसर नामित आर्द्रभूमि स्थल

 राज्य

 

 

 

 1
 कोलेरू झील

 आंध्र प्रदेश

 2

 गहरा बील

 असम

 3
 नालसरोवर पक्षी अभयारण्य

 गुजरात

 4

 चंदेरटल वेटलैंड

 हिमाचल प्रदेश

 5

 पौंग बांध झील

 हिमाचल प्रदेश

 6

 रेणुका वेटलैंड

 हिमाचल प्रदेश

 7

 होकेरा वेटलैंड

 जम्मू-कश्मीर

 8

 सूरिंसार-मानसर झीलें

 जम्मू-कश्मीर

 9

 त्सो-मोरीरी

 लद्धाख

10

 वुलर झील

 जम्मू-कश्मीर

11

 अष्टमुडी वेटलैंड

 केरल

12

 सस्थमकोट्टा झील

 केरल

13

 वेम्बनाड-कोल वेटलैंड

 केरल

14

 भोज वेटलैंड

 भोपाल, (मध्य प्रदेश)

15

 लोकटक झील

 मणिपुर

16

 भितरकनिका मैंग्रोव

 ओडिशा

17

 चिलका झील

 ओडिशा

18

 हरिके झील

 पंजाब

19

 कंजली झील

 पंजाब

20

 रोपड़

 पंजाब

21

 सांभर झील

 राजस्थान

22

 केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

 राजस्थान

23

प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य

 तमिलनाडु

24

 रुद्रसागर झील

 त्रिपुरा

25

ऊपरी गंगा नदी ,ब्रजघाट से नरौरा खिंचाव

 उत्तर प्रदेश

26

 पूर्व कलकत्ता वेटलैंड्स

 पश्चिम बंगाल

27 

 सुंदर वन डेल्टा

 पश्चिम बंगाल

28

 नंदूर मधमेश्वर पक्षी अभयारण्य

 नासिक (महाराष्ट्र)

29

 केशोपुर मिआनी कम्युनिटी रिजर्व

 पंजाब

30

 व्यास संरक्षण रिजर्व

 पंजाब

31

 नांगल वन्यजीव अभयारण्य

 पंजाब

32

 साण्डी पक्षी अभयारण्य

 हरदोई ( उत्तर प्रदेश)

33

 समसपुर पक्षी अभयारण्य

 रायबरेली (उत्तर प्रदेश)

34

 नवाबगंज पक्षी अभयारण्य

 उन्नाव (उत्तर प्रदेश)

35

 समन पक्षी अभयारण्य

 मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)

36

 पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य

 गोंडा (उत्तर प्रदेश)

37

 सरसई नावर झील

 इटावा (उत्तर प्रदेश)

38

 आसन कंजर्वेशन रिजर्व वेटलैंड

 उत्तराखंड

39

 काबरताल झील (कांवर झील)

  बिहार

40

 सूर सरोवर पक्षी विहार  (कीठम झील) 

 आगरा (उत्तर प्रदेश)

41 

 लोनार झील 

 महाराष्ट्र

42
स्तार्तासापुक त्सो - त्सो कर
 लद्दाख

 

 

 

 

रामसर साइट इन राजस्थान

सांभर झील
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

लोकटक झील
• यह मणिपुर में स्थित है।
• पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी ताजे (मीठे) पानी की झील है।
• इसमें विश्व का एकमात्र तैरता पार्क केबुइल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
• इस झील पर वनस्पतियों से बने अनेक छोटे-छोटे आइलैंड स्थित है। जिन पर लोगों ने कच्चे घर बना रखे हैं।
कच्चे घरों को स्थानीय भाषा में फूमसंग कहते हैं।

लोनार झील
• यह झील समय-समय पर रंग बदलती रहती है। (कारण - जीवाणु)
• इस झील का निर्माण उल्कापिंड के धरती से टकराने से हुआ है।
यह देश की 42वीं रामसर साइट बन गई।

मीठे-खारे पानी की झीले वेटलैंड घोषित
दिसंबर 2020 में लद्दाख के चांगथांग स्थित आपस में जुड़ी दो झीलों को वेटलैंड (आर्द्रभूमि) घोषित किया गया। इनकी खासियत यह है कि ‘स्तार्तासापुक त्सो’ झील का पानी मीठा है, जबकि ‘त्सो कर’ का पानी खारा है।
• त्‍सो कर का अर्थ है सफेद झील। अतः इस क्षेत्र में मौजूद अत्‍यधिक खारे पानी के वाष्पीकरण के कारण किनारे पर सफेद नमक की पपड़ी पाई जाती है।
• इसी के साथ ये झीलें लद्दाख की पहली और देश की 42वीं रामसर साइट बन गई।

विश्व वेटलैंड दिवस कब मनाया जाता है ?
प्रतिवर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।

विश्व वेटलैंड दिवस 2021 की थीम:-
‘Wetlands and Water’

राजस्थान में कितने रामसर स्थल है ? - 2

उत्तर प्रदेश में कितने रामसर स्थल है ? - 8

हाल ही उत्तर प्रदेश का आठवां रामसर स्थल बना है ? - सूर सरोवर पक्षी विहार (आगरा)

SAVE WATER

Post a Comment

3 Comments