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महिला एवं बाल अपराध नोट्स - विधि के प्रकार

महिला एवं बाल अपराध नोट्स


महिला एवं बाल अपराध नोट्स

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Rajasthan Police Syllabus PDF

विधि की परिभाषा

मानवीय समाज में मानव के व्यवहार के औचित्य व अनौचित्य को निर्धारित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को विधि कहते हैं।


विधि के प्रकार

1. प्राकृतिक विधि

वे नियम जो प्राकृतिक सिद्धांतों पर उचित और अनुचित आचरण के सिद्धांत प्रतिपादित करते हो, प्राकृतिक विधि कहलाती है। जैसे - नैतिकता, नीतिशास्त्र

2. धार्मिक विधि

वे नियम जो धार्मिक मान्यताओं, सामाजिक प्रथाओं व परंपराओं के अनुसार बनाए जाते हैं, धार्मिक विधि कहलाते हैं।
इन्हें रूढिजन्य विधि भी कहते हैं। जैसे - हिंदू विधि, मुस्लिम विधि

3. आदेशात्मक विधि

ऐसी विधि जो राज्यों के द्वारा लागू की जाती है अर्थात राज्य सरकार द्वारा अध्यारोपित नियमों का समूह।

4. संवैधानिक विधि

संविधान में उल्लेखित नियमों का समूह।

5. नागरिक विधि

देश की व्यवस्था के अनुसार देश में प्रचलित नियमों का समूह, जो देश के नागरिकों के संबंध में लागू होते हैं, नागरिक विधि कहलाती है।

6. अंतर्राष्ट्रीय विधि

जब विभिन्न देशों के प्रतिनिधि परस्पर संबंधों को स्थापित करने के लिए आपसी सहमति से नियम बनाते हैं, तो ऐसे नियमों का समूह जो समझौते के पक्षकार देशों पर लागू हो अंतर्राष्ट्रीय विधि कहलाती है।

7. फौजदारी तथा दीवानी विधि 

दीवानी मामलों से संबंधित नियमों का समूह दीवानी विधि तथा फौजदारी मामलों से संबंधित नियमों का समूह फौजदारी विधि कहलाता है।

• अपराधिक मामलों को फौजदारी विधि में शामिल किया जाता हैं, जबकि संपत्ति से संबंधित मामलों को दीवानी विधि में शामिल किया जाता है।

हिंसा (Violence)

स्वयं, किसी व्यक्ति, समूह या समुदाय के विरुद्ध उन्हें किसी प्रकार के मानसिक या शारीरिक चोट पहुंचाने के लिए जानबूझकर किए गए शक्ति के प्रयोग को हिंसा कहते हैं।

अपराध (Crime)

यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करता है, तो यह उल्लंघन अपराध कहलाता है।

चाहे यह सामाजिक नियम हो, चाहे संवैधानिक नियम हो, नियमों को तोड़ना अपराध होता है।

अपराध जंगल में लगने वाली आग की तरह है, जिसे समय पर न रोका जाए तो आने वाले समय में वह विध्वंसकारी रूप धारण कर लेती है और संपूर्ण मानव जाति के ऊपर एक प्रश्न चिन्ह खड़ा कर सकती है।

• राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) अपराधों का रिकॉर्ड होता है।

यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की स्थापना टंडन समिति एवं राष्ट्रीय पुलिस आयोग (1977-81)  की सिफारिशों के आधार पर 1986 में की गई।

एनसीआरबी के वर्तमान महानिदेशक आर आर वर्मा है।

नोट - राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में ज्यादातर उनके अपने या जानकार ही शामिल होते हैं।

नोट - भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860 एक व्यापक कानून है जो भारत के किसी भी नागरिक द्वारा किए गए अपराधों के बारे में बताता है एवं उनमें से प्रत्येक के लिए सजा और जुर्माना बताता है।

भारतीय दंड संहिता पूरे भारत में लागू है।

विधि

 महिला विधि

 बाल विधि

 घरेलू हिंसा अधिनियम 2005

 बच्चों से संबंधित आईपीसी की धाराएं

 यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013

 बाल श्रम अधिनियम 2016

 गर्भ चिकित्सक समापन अधिनियम 1971

 बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006

 जन्म से पूर्व लिंग परीक्षण अधिनियम 1994

 किशोर न्याय अधिनियम 2018

 अनैतिक व्यापार अधिनियम 1956

 पॉक्सो एक्ट 2012

 दहेज निषेध अधिनियम 1961

 आरटीई एक्ट 2009

 हिंदू विवाह अधिनियम 1955

 

 महिला अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम 1986

 

 महिलाओं से संबंधित आईपीसी की धाराएं

 

 

 


 संज्ञेय अपराध Cognisable offence

 गिरफ्तारी हेतु वारंट जरूरी नहीं

 गैर-संज्ञेय अपराध Non-cognisable offence

 गिरफ्तारी हेतु वारंट जरूरी

 समझौता योग्य अपराध Compoundable Offence

 समझौता कर सकते है।

 गैर-समझौता योग्य अपराध Non-compoundable

 समझौता नहीं कर सकते है।

 जमानती अपराध Bailable Offence

 थाने से जमानत

 गैर-जमानती अपराध Non-bailable

 कोर्ट से जमानत

 

 


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बाल अपराध एवं कानून

• आरटीई एक्ट 2009

• महिला अपराध एवं कानून (जल्द ही अपडेट किया जायेगा)

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