राजस्थान में शहरी विकास। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26

राजस्थान में शहरी विकास 

शहर:- ऐसा कस्बा जिसकी जनसंख्या 5,000 से अधिक हो तथा 75% से अधिक आबादी गैर-कृषि कार्यों में संलग्न हो, शहर कहलाता है।

शहरीकरण:- जनसंख्या का ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर स्थानान्तरण।

संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सतत् विकास रिपोर्ट 2023
• विश्व की आधी से अधिक आबादी शहरों में निवास कर रही है और इसकी हिस्सेदारी वर्ष 2050 तक 66.66% तक होने का अनुमान है।
• शहर वैश्विक GDP में लगभग 80% योगदान करते हैं।

शहरी स्वच्छता हेतु राज्य सरकार 5R दृष्टिकोण पर काम कर रही है:- Reduce, Reuse, Recycle, Recover, Remove.

जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान की जनसंख्या में शहरी आबादी 24.87% जबकि ग्रामीण आबादी 75.13% है।

विश्व में शहरी आबादी:- 52.10%
भारत में शहरी आबादी:- 31.14%
• शहरीकरण लगातार बढ़ रहा है।

राजस्थान में शहरी जनसंख्या - 1.7 करोड़
इसमें 52.26% पुरुष (प्रतिशत बढ़ रहा है)
47.74% महिला है। (प्रतिशत घट रहा है)

0-6 आयु वर्ग के बच्चों की जनसंख्या
• 52.39% लड़के और 47.05% लड़कियां।

साक्षरता:-
• भारत में साक्षरता - 73%
• राजस्थान में साक्षरता - 66.10%
शहरी साक्षरता -  79.70%   
ग्रामीण साक्षरता - 61.4%
पुरुष साक्षरता -   79.20%   
महिला साक्षरता - 52.10%
लिंगानुपात:- प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या लिंगानुपात कहलाती है।
• भारत में लिंगानुपात - 943

• राजस्थान में लिंगानुपात - 928
शहरी लिंगानुपात - 914 (बढ़ रहा है)
ग्रामीण लिंगानुपात - 933 (बढ़ रहा है)


बाल लिंगानुपात (0-6 वर्ष):- 
शहरी बाल लिंगानुपात - 874 (घट रहा है)
ग्रामीण बाल लिंगानुपात - 892 (घट रहा है)


 
 
 सर्वाधिक शहरी लिंगानुपात
 न्यूनतम शहरी लिंगानुपात
 1
 टोंक             985
 जैसलमेर    807
 2
 बांसवाड़ा      964
 धौलपुर       864

 3

 प्रतापगढ़      963
 अलवर       872

 4

 डूंगरपुर        951
 गंगानगर     878

 5

 राजसमंद      948
 भरतपुर      887

 

 

 

 

सर्वाधिक शहरी बाल लिंगानुपात
न्यूनतम शहरी बाल लिंगानुपात

 1

 नागौर           907
 धौलपुर           841

 2

 बीकानेर        906
 गंगानगर         842

 3

 भीलवाड़ा      904
 दौसा               847

 4

 बारां              901
 अलवर            851

 5

 चुरू              899
 भरतपुर           852

 

 

 

 

 सर्वाधिक शहरी साक्षरता
 न्यूनतम शहरी साक्षरता

 1

 उदयपुर         87.5
 नागौर       70.6

 2

 बांसवाड़ा       85.2
 जालौर      71.1

 3

 प्रतापगढ़       84.8
 चुरू         72.6

 4

 डूंगरपुर         84.4
 धौलपुर     72.7

 5

 अजमेर         83.9
 करौली      72.8

Urban cities (शहरी शहर):-
राजस्थान में 30 ऐसे शहर हैं, जिनकी आबादी 1 लाख से अधिक है।
• सबसे बड़ा शहर:- जयपुर (30 लाख से अधिक आबादी)
• सबसे छोटा शहर:- बांसवाड़ा
शीर्ष तीन शहर:- 1.जयपुर  2.जोधपुर  3.कोटा
अंतिम तीन शहर:- 28.बूंदी 29.सुजानगढ़ 30.बांसवाड़ा

Urban district (शहरी जिला):-
• सबसे ज्यादा शहरी आबादी वाला जिला:- कोटा (60.31%)
• सबसे कम शहरी आबादी वाला जिला:- डूंगरपुर (6.39%)
शीर्ष शहरीकृत जिलें:- 
कोटा>जयपुर>अजमेर> जोधपुर> बीकानेर
सबसे कम शहरीकृत जिलें:- 
जालौर> प्रतापगढ़> बांसवाड़ा> बाड़मेर> डूंगरपुर

प्रवासन (Migration) (ग्रामीण से शहरी)
अपने मूल निवास को छोड़कर दूसरी जगह पर रहना प्रवासन कहलाता है।
सबसे ज्यादा प्रवासन महिलाओं द्वारा होता है। (कारण - शादी)
• भारतीय स्तर पर प्रवासन:- 794 लाख व्यक्ति
• राजस्थान से प्रवासन - 32 लाख व्यक्ति (भारत का 4%)
पुरुषों में 49% प्रवासन का कारण रोजगार जबकि महिलाओं में 59% प्रवासन का कारण शादी है।

शहरों में घरों की स्थिति:-
69% घर अच्छी स्थिति में है, 29% रहने योग्य हैं जबकि 2% घर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं।

राजस्थान में झुग्गी-झोपड़ी/कच्ची बस्ती के निवासी (शहरी)
• 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में झुग्गियों में रहने वालों की आबादी 20.68 लाख है, जो कुल शहरी आबादी का 12.13% है।
• कच्ची बस्ती में रहने वाले निवासियों की सबसे अधिक जनसंख्या 3.23 लाख जयपुर नगर निगम की सीमा में हैं।

राजस्थान में शहरी विकास

विकास प्राधिकरण (Development authority):-
राजस्थान में 7 विकास प्राधिकरण बनाए गए हैं -
जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर

शहरी न्यास (Urban trust):- 12
अलवर, आबू, बाड़मेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर, पाली, श्रीगंगानगर, सीकर, सवाई माधोपुर, बालोतरा, दौसा-बांदीकुई।

जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन
• फेज-1ए (मानसरोवर से चांदपोल तक)
3 जून 2015 से शुरू।
• फेज-1बी (चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक)
एशियाई विकास बैंक (ADB) से वित्त पोषित।
23 सितंबर 2020 से शुरू। (2.01 किमी लंबाई)
• फेज-1सी (बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक) 
• फेज-1डी (मानसरोवर से 200 फीट बाईपास अजमेर रोड)
• फेज-2 (प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़)

ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी-2025
• राजस्थान टीओडी नीति-2025 को शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा 10 दिसम्बर, 2025 को अधिसूचित किया गया है।
• उद्देश्य:- भूमि उपयोग और सार्वजनिक परिवहन योजना के एकीकरण के माध्यम से सतत एवं सघन शहरी विकास को बढ़ावा देना। 
• इस नीति का उदेश्य ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, शहरी विस्तार तथा निजी वाहनों पर निर्भरता को कम करना तथा आवागमन सुविधा और पर्यावरणीय स्थिरता को बेहतर बनाना हैं।
• टीओडी क्षेत्र को मेट्रो जैसे जन परिवहन स्टेशनों / कॉरिडोरों के चारों ओर 500-800 मीटर की परिधि में चिन्हित एवं अधिसूचित किया जाता है।
• पैदल आवामगमन को प्रोत्साहन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, गैर-मोटर चालित परिवहन तथा अंतिम छोर तक संपर्क पर विशेष बल दिया जाता गया है।

रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी, राजस्थान (रेरा):-
• राजस्थान रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डवलपमेंट) नियम-2017 के तहत आवंटियों, प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों के हितों की रक्षा करते हुए एक स्वस्थ, पारदर्शी, कुशल और प्रतिस्पर्धी रियल एस्टेट सेक्टर के विकास और संवर्धन हेतु राजस्थान सरकार द्वारा 6 मार्च 2019 को राजस्थान रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल का गठन किया गया।

राजस्थान टाउनशिप नीति-2024
• राजस्थान में संतुलित शहरी विस्तार, बेहतर जीवन गुणवत्ता तथा सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 17 जुलाई, 2025 को अधिसूचित।
• इस नीति के माध्यम से आवास, अवसंरचना एवं सामाजिक सुविधाओं के साथ बड़े स्तर की आत्मनिर्भर टाउनशिपों को बढ़ावा दिया जाना प्रस्तावित है ।
• यह नीति परिधीय एवं नए विकास क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास को प्रोत्साहित कर मौजूदा शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम करने का प्रयास करती है।
• इस नीति में सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, विद्युत, खुले क्षेत्र तथा सामुदायिक सुविधाओं सहित एकीकृत अवसंरचना पर विशेष जोर दिया गया है।

राजस्थान आवासन मंडल (RHB - Rajasthan housing board):-
• स्थापना:- 24 फरवरी 1970 
• यह एक स्वायत्तशासी निकाय है। 
• उद्देश्य:- राज्य में आवास की आवश्यकताओं को पूरा करना।
• यह समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए वहन योग्य लागत पर आवास सुविधा प्रदान करता है।

नगर नियोजन विभाग:-
• अगले 20 वर्षों के लिए शहरी भूमि के उपयोग हेतु मास्टर प्लान तैयार करना।
• 309 नगरपालिका शहरों में से 194 नगरपालिका शहरों/कस्बों के मास्टर प्लान तैयार किए जा चुके हैं।
• भरतपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़ जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR - National Capital Region) में शामिल हैं।

राजस्थान भूमि आवंटन नीति-2025
• भूमि आवंटन नीति 2025 में सामाजिक, सार्वजनिक, धमर्थि एवं धार्मिक संस्थाओं के अतिरिक्त निजी निवेशकों, कंपनियों, ट्रस्टों, सरकारी विभागों, उपक्रमों एवं निकायों, समाचार पत्रों तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भूमि आवंटन किए जाने का प्रावधान शामिल है। 
• यह नीति राजस्थान सुधार न्यास (शहरी भूमि निस्तारण) नियम, 1974 तथा राजस्थान नगरपालिकाएं (शहरी भूमि निस्तारण) नियम, 1974 के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में विभिन्‍न प्रयोजनों हेतु भूमि आवंटन के लिए लागू की गई है।
• यह नीति राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों / न्यासों /प्राधिकरणों तथा राजस्थान आवास मंडल पर भी लागू होगी।

दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी)
• भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा इस योजना का पायलट जून 2025 से जयपुर नगर निगम में पायलट शहर के रूप में प्रारंभ किया गया।
• इस योजना के अंतर्गत संवेदनशील व्यवसायिक समूहों से संबंधित श्रमिकों (भवन निर्माण श्रमिक, परिवहन श्रमिक, ठेला चालक, कचरा संग्रहणकर्ता) तथा घरेलू कामगारों को लाभान्वित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि 2.0
(पीएम स्वनिधि 2.0)
• भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय द्वारा 9 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पी.एम. स्वनिधि ) योजना का पुनर्गठन किया गया तथा इसकी अवधि मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है।• उद्देश्य:- सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग के माध्यम से तथा केंद्र सरकार की नौ कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर स्ट्रीट वेंडर्स एवं उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
पी.एम. स्वनिधि 2.0 के अंतर्गत नई व्यवस्थाएँ:-
• तीन ऋण श्रेणियाँ ₹15,000, ₹25,000 एवं ₹50,000 निर्धारित की गई हैं।
• प्रत्येक ऋण श्रेणी पर केंद्र सरकार द्वारा वार्षिक 7% ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।
• डिजिटल लेन-देन करने वाले लाभार्थियों को 11,200 तक कैशबैक की सुविधा दी जाएगी।
• ₹2,000 से अधिक के डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त ₹400 का कैशबैक प्रदान किया जाएगा।

स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग का विनियमन) अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रत्येक पाँच वर्ष में वेंडर्स की पहचान की जाएगी तथा उन्हें वेंडर पहचान पत्र अथवा प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे।

राजीव आवास योजना 
• झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रहने वाले बेघर परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने के साथ साथ पेयजलापूर्ति और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना।

राजस्थान शहरी विकास कोष -II (Rajasthan Urban Development Fund):-
• राज्य में शहरी क्षेत्र के विकास के लिए।
• 25 अगस्त 2021 को गठन किया गया।

स्मार्ट सिटीज मिशन
• भारत सरकार द्वारा जून 2015 में शुरू।
• उद्देश्य:- 5 वर्षों की अवधि में भारत के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना।
• भारत सरकार द्वारा प्रत्येक शहर को ₹100 करोड़ प्रतिवर्ष एवं इसके समान ही राशि राज्य सरकार/नगरीय निकाय द्वारा 5 वर्ष के लिए दी जाएगी।
• गौरतलब है कि राजस्थान के 4 शहर कोटा, अजमेर, जयपुर एवं उदयपुर को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया। (Trick - KAJU)

अटल नवीकरणीय एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) 2.0
• शुरू:- 1 अक्टूबर 2021
• उद्देश्य:- सीवरेज, जल निकायों का जीर्णोद्धार एवं जलापूर्ति के कार्य करवाना।
• लक्ष्य:- सभी शहरी निकायों में सभी घरों को वर्ष 2025-26 तक "हर घर नल" द्वारा पेयजल उपलब्ध कराना।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0
• 2 अक्टूबर 2021 को लॉन्च।
• केंद्र सरकार द्वारा शुरू
• प्रमुख घटक:- शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोग किए गए जल का प्रबंधन के माध्यम से पूरे भारत में स्वच्छता के बेहतर स्तर को प्राप्त करना।
• इस मिशन के तहत राजस्थान के सभी शहरी स्थानीय निकायों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है।

श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना:-
• 'लक्ष्य अंत्योदय-प्रण अंत्योदय-पथ अंत्योदय' की संकल्पना को साकार करने के लिए शुरू। 
• योजना की टैगलाइन:- कोई भूखा ना सोये
• प्रदेश के 230 नगरीय निकायों में 992 रसोईयों के माध्यम से संचालित।
• इस योजना के तहत ₹8 प्रति थाली दोपहर व रात्रि भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा राज्य सरकार द्वारा ₹22 प्रति थाली अनुदान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0
• उद्देश्य:- 2029 तक शहरी बेघर लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना।
• लाभार्थी:- 
आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग (वार्षिक आय ₹3 लाख)
अल्प आय वर्ग (3-6 लाख)
• केंद्र (60) : राज्य (40)

राजस्थान परिवहन आधारभूत विकास निधि
• वर्ष 2011-12 में गठित।

मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना
• पुराना नाम:- इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना
उद्देश्य:- शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले जरूरतमंद परिवारों के 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के सदस्यों के लिए प्रतिवर्ष 125 दिन का अकुशल श्रम रोजगार प्रदान करके शहरी परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
• इस योजना में 90% से अधिक लाभार्थी मजदूर महिलाएं हैं, जो योजना के महिला सशक्तिकरण के प्रभाव को दर्शाता है।

SAVE WATER

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