पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26

 

राजस्थान में पर्यटन, कला, संस्कृति एवं सेवा क्षेत्र

Service sector in Rajasthan.

राजस्थान में पर्यटन
• राजस्थान पर्यटन की टैगलाइन:- 'भारत का अतुल्य राज्य' (The incredible state of India !)
• राजस्थान पर्यटन का स्लोगन:- पधारो म्हारो देस
• विश्व पर्यटन दिवस:- 27 सितंबर
• वर्ष 2025 के दौरान राजस्थान में:-
  कुल 2525.03 लाख घरेलू पर्यटक आए। (वृद्धि)
  कुल 19.45 लाख अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आए। (कमी)

राजस्थान में धार्मिक स्थलों पर सर्वाधिक घरेलू पर्यटक
1. खाटू श्याम जी, सीकर
2. पूंछरी का लौठा, डीग
3. पुष्कर, अजमेर
4. सांवलियाजी सेठ, चित्तौड़गढ़ 

ऐतिहासिक एवं हेरिटेज पर्यटक स्थलों पर सर्वाधिक घरेलू पर्यटक 
1. जैसलमेर किला 
2. हवा महल किला
3. आमेर किला 
4. सिटी पैलेस, उदयपुर

सर्वाधिक विदेशी पर्यटक कहां आए:- 
1. जयपुर 
2. उदयपुर 
3. जोधपुर।

सर्वाधिक विदेशी पर्यटक कहां से आए:-
1. अमेरिका
2. यूके
3. फ्रांस 

राजस्थान में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की पहल 
• राज्य में घरेलू पर्यटकों को और अधिक आकर्षित करने के लिए राजस्थान डॉमेस्टिक ट्रैवल मार्ट का आयोजन 12-14 सितंबर 2025 को जयपुर में किया गया। 
• 25 वें आईफा अवार्ड:- 7-9 मार्च 2025, जयपुर
• राजस्थान पर्यटन विकास बोर्ड:- 20 नवंबर 2025
• राजस्थान पर्यटन नीति 2025:- 7 दिसंबर 2025

विरासत पर्यटन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या प्राकृतिक महत्व के स्थानों  की यात्रा पर केंद्रित है। राजस्थान में 9 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
6 किले:- चित्तौड़गढ़ किला, कुंभलगढ़ किला, रणथंभौर किला, जैसलमेर किला, आमेर किला, गागरोन किला।
1 संरक्षित साइट:- जयपुरी चारदीवारी 
1 वेधशाला:- जंतर-मंतर (जयपुर)
1 राष्ट्रीय उद्यान:- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)
 
सांस्कृतिक पर्यटन:- राजस्थान अपने रंगीन मेलों और त्योहारों के लिए जाना जाता है। ये आयोजन जीवंत संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों, रीति-रिवाज और वेशभूषा को प्रदर्शित करते हैं, जो लाखों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। जैसे:- तीज मेला, पुष्कर ऊंट मेला, जयपुर साहित्य महोत्सव।

एडवेंचर टूरिज्म:- इसमें ट्रैकिंग, सफारी, बोटिंग, पैराशूटिंग, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलूनिंग, क्वाड बाइकिंग, साइकिलिंग, कैंपिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
रेगिस्तान रोमांच के लिए जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और पुष्कर में कैंपिंग, साइकलिंग और ऊँट सफारी जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती है।
उदयपुर, घाणेराव और कुंभलगढ़ जैसे स्थानों पर ट्रैकिंग के शौकीन लोगों को आकर्षित किया जाता है।

आध्यात्मिक पर्यटन:- नाथद्वारा, खाटूश्याम, सालासर, मेहंदीपुर, करौली आदि आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन स्थल तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

वन्य जीव और पर्यावरण पर्यटन:- राजस्थान में 3 राष्ट्रीय उद्यान और 26 वन्यजीव अभयारण्य है।

मरूस्थल पर्यटन:- डेजर्ट नेशनल पार्क यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल है।
वर्तमान में रेगिस्तानी शिविर, ऊंट सफारी, जीप सफारी, पैरामोटरिंग, क्वाड बाइकिंग, स्काइडाइविंग जैसी गतिविधियां शुरू की जा रही है।
रेगिस्तान खूबसूरत रेत के टीलों के लिए प्रसिद्ध है।

मीटिंग प्रोत्साहन सम्मेलन और प्रदर्शनी (MICE) पर्यटन:- राजस्थान में कई प्रमुख MICE के आयोजन होते हैं, जिनमें स्टोन मार्ट, वस्त्र, अंतर्राष्ट्रीय रत्न और आभूषण शो, जयपुर ज्वैलरी शो, राजस्थान इंटरनेशनल एक्सपो-जोधपुर शामिल हैं।
दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर जयपुर में राजस्थान मंडपम बनाया जा रहा है।

राजस्थान पर्यटन नीति 2025
• शुभारंभ:- 10 दिसंबर 2025
• उद्देश्य:- राज्य को परिवर्तनकारी और भविष्योन्मुखी पर्यटन विकास के एक नए युग की ओर ले जाना।
• यह नीति नवाचार को बढ़ावा देने, विश्वस्तरीय अवसंरचना विकास में तेजी लाने, डिजिटल और स्मार्ट पर्यटन का विस्तार करने और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर केंद्रित है।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:-
निवेश प्रोत्साहन: होटलों, रिसॉर्ट्स, विरासत संपत्तियों, होमस्टे और संबंधित उद्यमों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
अवसंरचना विकास: राज्य में पर्यटन अवसंरचना को बढ़ाना और मजबूत करना।
उत्पाद विविधीकरण: परंपरागत पर्यटन से हटकर पर्यावरण ग्रामीण आदिवासी, साहसिक और धार्मिक पर्यटन को शामिल
करना है।
• डिजिटल परिवर्तन: पर्यटन सेवाओं और आगंतुकों के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना।
• रोजगार सृजन: रोजगार के अवसर पैदा करना और कौशल विकास को बढ़ावा देना।
निवेशकों हेतु प्रमुख प्रोत्साहन:
सब्सिडी: पूंजी सब्सिडी, SGST प्रतिपूर्ति और सावधि ऋणों पर ब्याज सब्सिडी का प्रावधान किया गया।
छूट: स्टांप ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट।

राजस्थान की फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति-2025
• उद्देश्य:- आकर्षक प्रोत्साहनों और सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से राज्य को वैश्विक फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना। 
• यह नीति सिनेमा के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करके, पर्यटन को बढ़ावा देने, रोजगार सृजित की  करने और निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखती है।
• इसके अंतर्गत स्थानीय प्रतिभाओं को समर्थन देना और फिल्‍म निर्माताओं की सहायता के लिए एक व्यापक फिल्म निर्देशिका और ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी शामिल हैं।
प्रमुख प्रोत्साहन और लाभ:-
• राजस्थान में फिल्‍माई गई फिल्मों, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के खर्च पर 30% तक सब्सिडी का प्रावधान है। फीचर फिल्मों के लिए 33 करोड, वेब सीरीज / डॉक्यूमेंट्री के लिए ₹2 करोड़ और टीवी सीरियल के लिए ₹1.50 करोड़ की अधिकतम सब्सिडी सीमा है।
• सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए, निर्माताओं को राजस्थान में कम से कम ₹2 करोड़ (फीचर फिल्म) और ₹1 करोड़ (वेब सीरीज़ और टीवी सीरियल) पर खर्च करने होंगे। डॉक्यूमेंट्री के लिए कोई न्यूनतम खर्च सीमा नहीं है।
• सब्सिडी पात्रता: राजस्थान में फिल्‍म या लघु फिल्म का स्क्रीन टाइम 5% या उससे अधिक होना चाहिए या कुल शूटिंग के दिनों में से कम से कम 50% दिन राजस्थान में शूट किए गए हों।
• राजस्थानी भाषा की फिल्में भी इस नीति के तहत प्रोत्साहन के लिए पात्र हैं।

राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2024
• उद्देश्य:- निजी क्षेत्र में नई पर्यटन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित कर इसके माध्यम से रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन से जुड़े निवेशकों एवं उद्यमियों को देय लाभों में वृद्धि करना।
• होटल, रेस्तरां और अन्य पर्यटन-संबंधित प्रतिष्ठानों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को सरल किया जाएगा।
• राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना।

राजस्थान गेस्ट हाउस योजना 
• उद्देश्य:- पर्यटन को बढ़ावा देना और नगर पालिका क्षेत्रों में आवासीय घरों में रोजगार के अवसर प्रदान करना।

राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना 2022 
• ग्रामीण पर्यटन इकाइयों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा देना, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को दिखाना।
• ग्रामीण क्षेत्रों में गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन और कैंपिंग साइट जैसी पर्यटन इकाइयों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना।

संस्कृति 
• कुंभलगढ़ महोत्सव, राजसमंद 
• ऊंट महोत्सव, बाड़मेर 
• मरू महोत्सव, जैसलमेर 
• सांभर महोत्सव, जयपुर 
• पतंग महोत्सव, जयपुर 
• गणगौर एवं तीज उत्सव, जयपुर
• राज्य में पहली बार सभी संभाग मुख्यालयों पर 19 नवंबर 2025 को घूमर फेस्टिवल का आयोजन किया गया।

राजस्थान की प्रसिद्ध कला एवं शिल्प 
कपड़ा और कढ़ाई:- गोटा वर्क, जरी वर्क, कोटा डोरिया, जयपुरी रजाई, हैंड ब्लॉक, टाई एंड डाई, डाबू प्रिंट, सांगानेर प्रिंट।
आभूषण:- मीनाकारी, लाख, चांदी, मोती, कीमती पत्थर, रत्न, थेवा, कुंदन।
चित्रकारी:- पिछवाई, लघु चित्र, दरबारी चित्रकारी, फड़ चित्रकारी, भिति चित्र और मांडना।
मिट्टी के बर्तन:- ब्लू पॉटरी, ब्लैक पॉटरी, कागजी पॉटरी, टेराकोटा, मोलेला।

जवाहर कला केंद्र (जेकेके)
• इसमें विभिन्न कला, संस्कृति और विरासत संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

रवींद्र मंच (जयपुर)
• नृत्य, नाटक और संगीत कला को बढ़ावा देने के लिए स्थापित।

फूड क्राफ्ट संस्थान:- बारां 
राजस्थान इंस्टीट्यूट आफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट:- जयपुर 

पर्यटक सहायता बल 
• राजस्थान में पर्यटकों (विशेष रूप से महिला पर्यटकों) के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू।
• राजस्थान बजट घोषणा 2026-27:- पर्यटक सहायता बल में महिला सुरक्षाकर्मी भी शामिल की जाएगी।

नागरिकों के लिए सरकार की योजनाएं 
1. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना
• इस योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को देश के विभिन्न धार्मिक स्थानों की रेलमार्ग द्वारा तथा पशुपतिनाथ, कांठमांडू (नेपाल) की हवाई मार्ग के माध्यम से फ्री यात्रा और दर्शन की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
2. सिंधु दर्शन योजना:-
• कुल यात्रा खर्च का 50%, प्रति तीर्थयात्री ₹15,000 तक की प्रतिपूर्ति की जा रही है।

राजस्थान में सेवा क्षेत्र
सेवा क्षेत्र:- सेवा क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, होटल, पर्यटन, जलपान गृह, परिवहन, भंडारण, संचार, वित्तीय सेवाएं, लोक प्रशासन एवं पेशेवर सेवाएं आदि को शामिल किया जाता है।

2025-26 में सेवा क्षेत्र का राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान:-
• स्थिर मूल्य (2011-12) पर:- ₹4.08 लाख करोड़
वृद्धि दर:- 11.15%
• प्रचलित मूल्य पर:- ₹8.17 लाख करोड़
वृद्धि दर:- 13.52%

प्रचलित कीमतों पर राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में सेवा क्षेत्र का योगदान:- 47.71%

सेवा क्षेत्र का प्रचलित मूल्य पर उप-क्षेत्रवार वितरण:-
• व्यापार, होटल, जलपान गृह = 27.95%
• स्थावर संपदा (Real estate), आवासीय गृहों का स्वामित्व तथा पेशेवर सेवाएं = 23.48%
• अन्य सेवाएं = 20.38%
• वित्तीय सेवाएं = 10.62%
• परिवहन, भंडारण एवं संचार = 10.57%
• लोक प्रशासन सेवाएं = 7%

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