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क्लाउड कंप्यूटिंग। क्वांटम कंप्यूटिंग। RAS Mains Notes

 
Cloud Computing


क्लाउड कंप्यूटिंग

यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें इंटरनेट का उपयोग करके विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। 
जैसे - Storage, Software, Server, App.
अर्थात डाटा को Local storage device (exp. - हार्ड ड्राइव) के स्थान पर Cloud storage पर स्टोर करते है, तो उसे क्लाउड कंप्यूटिंग कहते है।
उदाहरण:- Google drive, Messenger, Facebook, Dropbox, Gmail.

क्लाउड कंप्यूटिंग के सेवा मॉडल:-

1. Infrastructure as a Service (IaaS):-
इसमें यूजर, प्रोवाइडर से अपनी जरूरत के अनुसार रिसोर्स Rent पर ले सकता है।‌ जैसे - Data storage, Servers, Network, Amazon web services.
युद्ध केवल उन्हीं सर्विस का भुगतान करता है, जिन्हें वह Use करता है।

2. Platform as a Service (PaaS):-
इसे एप्लीकेशन/सॉफ्टवेयर को डिवेलप, टेस्ट, रन और मैनेज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस सर्विस में वेब सर्वर, डेवलपिंग टूल, ऑनलाइन डेटाबेस शामिल हैं।
उदाहरण:- Appcreator24, Openshift, Blogger.

2. Software as a Service (SaaS):-
• End user इसका प्रयोग करते हैं।
• इसमें On demand software की सर्विस प्रोवाइड की जाती है।
• इसमें यूजर वेब ब्राउज़र के माध्यम से application रन करता है। यह छोटे व्यवसायियों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
उदाहरण:- Microsoft office 365.

क्लाउड कंप्यूटिंग के परिनियोजन मॉडल:-

1. Public Cloud:- इसमें सेवाएं सभी यूजर के लिए उपलब्ध होती है। जैसे - Gmail.
• लागत कम आती है।

2. Private Cloud:- इसमें सेवाएं किसी एक विशेष यूजर के लिए उपलब्ध होती है।
• लागत अपेक्षाकृत ज्यादा।

3. Hybrid Cloud:- यह Public and Private Cloud की सेवाएं यूजर को उपलब्ध कराता है।
• लागत ज्यादा।

4. Community Cloud:- कई संगठनों को साझा सेवाएं उपलब्ध कराना।
इसे आंतरिक /बाह्य रूप से होस्ट किया जा सकता है।
 
 लाभ
 चुनौतियां
1सस्ता/लागत कम - बुनियादी ढांचे में निवेश करने की आवश्यकता नहीं।
2. अत्यधिक सुरक्षित
3. डाटा बैकअप और रिकवरी
4. विशाल क्लाउड स्टोरेज (large storage)
5. Large processing power
6. निर्बाध सेवाएंकभी भी कहीं भी (24×7)
7. व्यक्तिगत सेवाएं
8. पर्यावरण अनुकूल
9. जितना Use उतना Pay.
1. नैतिक मुद्देनिजता का उल्लंघन
2. सुरक्षा संबंधित मुद्दे
3. बुनियादी ढांचा
4. नोन नेगोशिएबल समझौते।
5. पूरी तरह से इंटरनेट पर आधारित।

भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग:-
GI Cloud (मेघराज परियोजना):- 
 यह भारत सरकार का क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल केंद्र और राज्यों के सरकारी विभागों और एजेंसियों द्वारा किया जाता है
• यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक पहल है।
• मेघराज परियोजना के अंतर्गत National Cloud की शुरुआत की गई है।
• eGov ऐप स्टोर मेघराज में एप्लीकेशन को होस्ट करने और चलाने के लिए सामान्य मंच है। 
• Kisan Suvidha portal
DigiLocker
E-Gram Panchayat
E-Court.

Extra Note:- Edge computing
यह दो शब्दो Edge और Computing को मिलाकर बना है, जहां Edge का मतलब किनारा और Computing का मतलब संगठन होता है।

 लाभ

 चुनौतियां

1डाटा को संगठित करना।
2. डेटा प्रोसेसिंग Fast
1. डाटा को स्टोर करना।
2. डेटा प्रोसेसिंग Slow
 

क्वांटम कंप्यूटिंग

• क्वांटम कंप्यूटिंग एक वृहत् संकल्पना है, जिस पर क्वांटम कंप्यूटर आधारित है।
• क्वांटम कंप्यूटर Quantum bit (Qubit) पर आधारित होते हैं अर्थात ये Qubit के माध्यम से गणना, डेटा संग्रहण व उसका विश्लेषण करते हैं।
• यह परंपरागत कंप्यूटिंग से भिन्न/उन्नत है, क्योंकि परंपरागत कंप्यूटर bits पर आधारित होते है, जबकि ये Qubit पर आधारित है।
bits में एक समय में या तो 0 या 1 उपस्थित होता है।
Qubit में एक समय में 0 या 1 उपस्थित होते हैं अथवा 0 और 1 दोनों एक साथ भी उपस्थित हो सकते हैं।
• Qubit क्वांटम फिजिक्स के दो सिद्धांतों पर कार्य करती है -
1. सुपरपोजिशन:- इसका अर्थ है प्रत्येक क्यूबिट एक समय में 1 और 0 दोनों को दर्शा सकता है।
2. एनटैगलमेंट:- एक समय में केवल 1 या 0 को दर्शाता है।

क्वांटम कंप्यूटिंग के लाभ:-
• औद्योगिक क्रांति 4.0 में उपयोगी।
• वर्तमान कंप्यूटरों में सूचनाएं बिट्स में जबकि क्वांटम कंप्यूटर में सूचनाएं क्यूबिट में होती है।
इस अंतर की वजह से ही क्वांटम कंप्यूटर एक साथ लाखों गणनाएं कर सकता है।
• जिन समस्याओं को हल करने में सुपर कंप्यूटर अरबों वर्ष लेंगे उन्हें क्वांटम कंप्यूटर कुछ सेकंडो/मिनटों में हल कर सकता है।
• यह उन गणितीय समस्याओं को भी हल करेगा जिन्हें मनुष्य नहीं सुलझा सकता।
• वैज्ञानिकों के लिए Useful.
• भविष्य के लिए संवेदनशील सूचनाएं सुरक्षित रखने में Useful.
• इससे नई-2 खगोलीय जानकारी जुटाई जा सकती है - ब्रह्मांड की उत्पत्ति, ग्रहों में संसाधनों की खोज।
• इन्हें चिकित्सा, उद्योगों, लॉजिस्टिक (परिवहन), सेवा क्षेत्र, Supply chain management आदि में use किया जा सकता है।
• आपदा प्रबंधन में Useful - सुनामी, भूकंप, बाढ़ का सटीकता से अनुमान‌।

चुनौतियां:-
• क्यूबिट को संभालना वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इनका जीवन काल अल्पकालिक होता है।
• क्वांटम कंप्यूटर किसी भी देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
• इस क्षेत्र में Rearch & Development का अभाव है।
• Infrastructure का अभाव।
• वैज्ञानिकों का अभाव।

नोट:- भारत सरकार नहीं क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए Quantum information science and technology का गठन किया है।

Q-sim:-
• MeitY ने Q-sim (क्वांटम कंप्यूटर सिम्यूलेटर) टूलकिट लांच किया।
• यह शोधकर्ताओं को क्वांटम कंप्यूटिंग में लागत प्रभावी तरीके से शोध करने में सक्षम बनाने के लिए लांच किया गया है।
• यह IISc बेंगलुरू, IIT रुड़की और सी-डेक द्वारा मिलकर बनाया गया है।

Quantum Supremacy:-
• क्वांटम सुप्रीमेसी ऐसी तकनीक है, जो कंप्यूटिंग की स्पीड को बहुत अधिक बढ़ाती है। इसके द्वारा कैलकुलेशन प्रोसेसिंग की स्पीड बढ़ जाती है, जिससे समय बचता है।
• कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा सर्वप्रथम क्वांटम सुप्रीमेसी शब्द का प्रयोग किया गया। (2012)
• हाल ही में चीन ने गूगल के सुपर कंप्यूटर से 10 बिलियन तेज स्पीड वाले कंप्यूटर का निर्माण किया है तथा इस क्षेत्र में क्वांटम सुप्रीमेसी का दावा किया।

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