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राजस्थान में बुनियादी सामाजिक सेवाएं। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2021-22

 
Basic Social Services in Rajasthan


राजस्थान में बुनियादी सामाजिक सेवाएं

शिक्षा:-
शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है।

निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार 2009
• अनुच्छेद 21A में प्रावधान
• 86वां संविधान संशोधन द्वारा
• 1 अप्रैल 2010 को राजस्थान में लागू
• यह एक मूल अधिकार है।
• निजी स्कूलों में पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए 25% सीटें आरक्षित रखी जाएगी। (आरटीई एक्ट की धारा 12 (G) के तहत 2.5 लाख रुपए वार्षिक आय तक को पिछडा वर्ग माना जाएगा)

समग्र शिक्षा
• यह भारत सरकार का कार्यक्रम है।
• इसमें सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और टीचर एजुकेशन का विलय किया गया है। 
• राज्य में इसका क्रियान्वयन राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा किया जाता है।
• केंद्र : राज्य = 60:40
• यह प्रारंभिक और माध्यमिक स्तर का सार्वभौमीकरण है।

निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना:-
• राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल द्वारा
• कक्षा 1 से 8 तक

विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना:-
• समस्त राजकीय विद्यालय शामिल (कक्षा 1 से 8 तक)
• कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल
• मेवात बालिका आवासीय विद्यालय शामिल

स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम:-
• यूनिसेफ की सहायता से संचालित।
• विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
• राजकीय एवं गैर राजकीय प्राथमिक स्कूलों में लागू।

मुख्यमंत्री संबल योजना:-
• विधवा एवं परित्यक्ता (Abandoned) महिलाओं के लिए।
• प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत निजी शिक्षण संस्था में 2 वर्षीय डिप्लोमा करने पर फीस में से ₹9000 का पुनर्भरण (Refund) सरकार द्वारा कर दिया जाएगा।

भामाशाह सम्मान योजना:-
• 1 जनवरी 1995 से शुरू।
• स्कूल के भौतिक विकास (कमरा निर्माण, मरम्मत,...) में सहयोग देने वाले भामाशाह (दानदाताओं) को सम्मानित किया जाता है।

अक्षय पेटिका:-
• स्कूल की सामान्य आवश्यकताओं (डस्टर, चोक, दरी-पट्टी,...) की पूर्ति के लिए अभिभावक, शिक्षक, दानदाता, भामाशाह अपनी इच्छा अनुसार सहयोग कर सकते हैं।

ज्ञान संकल्प पोर्टल:-
• 5 अगस्त 2017 को फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन के दौरान ज्ञान संकल्प पोर्टल एवं मुख्यमंत्री विद्यादान कोष का शुभारंभ किया गया।
• इसके तहत भामाशाह, दानदाता और कंपनी (csr) सीधे विद्यालय एवं मुख्यमंत्री स्कूल कोष में आर्थिक सहयोग जमा करा सकते हैं।

विद्यालय के प्रकार:-
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय:-
• 2004-05 में शुरू।
• कक्षा 6 से 12 तक की 
• बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय।
• राजस्थान में वर्तमान में 316 स्कूल है।
मेवात बालिका आवासीय विद्यालय:-
• 2015 में शुरू
• कक्षा 6 से 8वीं तक की बालिकाओं के लिए।
• मेवात क्षेत्र कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित।
• मेवात क्षेत्र में 10 स्कूल स्थापित किए गए हैं।
आदर्श विद्यालय:-
• 2015 में शुरू
• प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक चयनित माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाया जाएगा।
• शहर में भी आदर्श विद्यालय बनाए जाएंगे।
उत्कर्ष विद्यालय:-
• 2016-17 में शुरू 
• प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक चयनित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल को उत्कर्ष विद्यालय बनाया जाएगा।
Swami Vivekananda govt model school:-
• 2016 में शुरू 
• कक्षा 6 से 12 के लिए
• सीबीएसई पैटर्न पर इंग्लिश मीडियम में शिक्षा।
• 55% सीट छात्राओं के लिए आरक्षित
• ऐसे 134 स्कूल संचालित है।

नोट:- राजस्थान में 301 एजुकेशन ब्लॉक हैं 
Mahatma Gandhi govt school:-
• 2019-20 में शुरू
• कक्षा 1 से 12 तक
• आरबीएसई पैटर्न पर इंग्लिश मीडियम में शिक्षा।
• ऐसे 551 स्कूल संचालित है।

बजट घोषणा 2020-21:- 5,000 से अधिक आबादी वाले समस्त गांवों एवं कस्बों में अगले 2 वर्षों में इंग्लिश मीडियम के लगभग 1200 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय प्रारंभ किये जायेंगे।

सैनिक स्कूल:-
• कक्षा 6 से 12 के लिए
• सीबीएसई पैटर्न पर
• राजस्थान का प्रथम सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में खोला गया।
• दूसरा सैनिक स्कूल - दोरासर (झुंझुनू) - अप्रैल 2012 में।
नोट:- राजस्थान का तीसरा सैनिक स्कूल अलवर जिले की मालाखेड़ा तहसील के हल्दीना गांव में स्थापित किया जाएगा।
महिला शिक्षण विहार:-
• 15 से 30 आयु वर्ग की तलाकशुदा, जनजातीय और वंचित (Deprived) महिलाओं के लिए 
• कक्षा 10 तक के आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे।
• व्यवसायिक प्रशिक्षण (Vocational training) दिया जाएगा।
• वर्तमान में केवल झालावाड़ जिले में संचालित है।

मीना राजू मंच एवं गार्गी मंच:-
• 2011-12 में शुरू 
• कक्षा 6 से 8वीं तक की बालिकाओं को शामिल किया गया है।
• सामाजिक मुद्दों/प्रथाओं (बाल विवाह, दहेज प्रथा) के प्रति अभिभावकों में जागरूकता लाना।
• गार्गी मंच कक्षा 9 से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए शुरू किया गया।

अध्यापिका मंच:-
• विद्यालय में छात्राओं के लिए मित्रवत वातावरण तैयार करना।
• 301 मंच बनाए गए हैं।
• अध्यापिका मंच अधिकतम 100 शिक्षकों का समूह है।

सक्षम:- (रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण)
• बालिकाओं को आत्मरक्षा (Self defense) का प्रशिक्षण देना।

बालिका शिक्षा फाउंडेशन:-
• स्थापना - 30 मार्च 1995
• उद्देश्य - बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना।
• उच्च एवं तकनीकी शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता।
• मुख्यालय - जयपुर
• पदेन अध्यक्ष - मुख्यमंत्री
• उपाध्यक्ष - शिक्षा मंत्री।

गार्गी पुरस्कार:-
• 1998 में शुरू
• कक्षा 10 में 75% से अधिक अंक लाने वाली सभी बालिकाओं हेतु।
• प्रतिवर्ष बसंत पंचमी को पुरस्कार दिया जाता है।
• ₹6000 की पुरस्कार राशि दी जाती है। (3000 कक्षा 11 के लिए, 3000 कक्षा 12 के लिए)
• स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 8 से 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी पुरस्कार दिया जाता है।

इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार
• 2019-20 से शुरू
• General, OBC, MBC, SC, ST, अल्पसंख्यक बीपीएल और निःशक्त वर्ग (दिव्यांग) की ऐसी बालिकाओं को, जिन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा - 8, 10 एवं 12 (कला, विज्ञान, वाणिज्य तीनों संकाय में अलग -अलग) की परीक्षाओं में प्रत्येक जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया हो
तथा संस्कृत शिक्षा विभाग की कक्षा- 8, प्रवेशिका एवं
वरिष्ठ उपाध्याय की बोर्ड परीक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली 
कक्षा - 8 की बालिका को ₹40,000, 
कक्षा 10 की बालिका को ₹75,000
एवं कक्षा-12 (कला, विज्ञान, वाणिज्य) की बालिकाओं को ₹1,00,000 एवं स्कूटी दी जाएगी।
• यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 19 नवंबर को इंदिरा गांधी के जन्म दिवस पर दिया जाएगा।

आपकी बेटी योजना:-
• 2004-05 में शुरू
• लाभार्थी पात्रता:- 
बीपीएल छात्रा हो, माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई हो, राजकीय स्कूल की छात्रा हो।
• कक्षा 1 से 8 तक - ₹2100 प्रति वर्ष दिए जाएंगे।
• कक्षा 9 से 12 तक - ₹2500 प्रति वर्ष दिए जाएंगे।

काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना:-
• इस योजना के अन्तर्गत ऐसी छात्राएं जो आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग से हैं और उनके माता-पिता/संरक्षक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,50,000 से कम है और जिन्होंने कक्षा 10वीं, 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत स अधिक अंक प्राप्त किये हैं, स्कूटी के लिए पात्र है। 

शैक्षणिक किशोरी मेला:-
• विज्ञान और गणित विषय पर विशेष ध्यान देने के लिए बच्चों में शैक्षणिक वातावरण तैयार करना।

क्लिक योजना:-
• कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

दीक्षा राईज पोर्टल:- 
• 2,252 क्यूआर कोड़ आधारित पाठ्य-पुस्तकें प्रकाशित की गई है।

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना:-
• बाल वैज्ञानिकों का चयन करना।
• राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर।

प्रोजेक्ट स्माइल
• SMILE - Social Media Interface for Learning Engagement.
• कोरोना काल में ई-लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू।
• 13 अप्रैल 2020 को शुरू।
• कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए।

शिक्षा वाणी कार्यक्रम:-
• 11 मई से 30 जून 2020 तक
• आकाशवाणी के माध्यम से निशुल्क शिक्षा

शिक्षा दर्शन:- 1 जून 2020 से डीडी राजस्थान पर ऑनलाइन क्लास शुरू की गई।

नो बैग डे:- प्रत्येक शनिवार को नो बैग डे घोषित किया गया है।

ई-कक्षा:- कक्षा 6 से 12 के लिए ऑनलाइन क्लास।

निष्ठा कार्यक्रम:-
• यह शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम है।
• इसे केंद्र प्रायोजित योजना, समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत लांच किया गया है।
• NISHTHA:- National Initiative for School Heads and Teachers Holistic Advancement.

विभिन्न मूल्यांकन कार्यक्रम (Assessment):-
• एकीकृत शाला दर्पण:- प्राथमिक विद्यालय के मूल्यांकन हेतु शुरू।
• राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे:- NCERT द्वारा
कक्षा 3, 5, 8 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया।

सेंट्रल पार्क, जयपुर में युवाओं को सामाजिक कार्यों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री ने 'महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज' का उद्घाटन किया।

विद्या संबल योजना:-
• इसके तहत राजकीय महाविद्यालयों में विषय विशेषज्ञ गैस्ट फैकल्टी द्वारा अध्यापन कार्य किया जा रहा है।

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA)
• विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों का चरणबद्ध तरीके से विकास करना।

साक्षरता एवं सतत् शिक्षा:-

पढ़ना लिखना अभियान:-
• केंद्र सरकार द्वारा सभी 33 जिलों के।
• शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के।
• 15 वर्ष व अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों को साक्षर करने के लिए चलाया गया है।

परिवार साक्षरता:- परिवार के बड़े व्यक्तियों को बच्चों के माध्यम से साक्षर करना।

Each One Teach One Programme:-
• एक व्यक्ति (शिक्षा अधिकारी, एनससी कैडेट, स्काउट गाइड, नेहरू युवा केंद्र के कार्यकर्ता) द्वारा एक व्यक्ति को साक्षर करना।

संस्कृत शिक्षा:-
• 1958 में संस्कृत निदेशालय की स्थापना की गई।
• राजस्थान राज्य संस्कृत शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (SSIERT) महापुरा, जयपुर में संचालित है।

अभियांत्रिकी / प्रबंधन शिक्षा:-
• एक IIT जोधपुर में एवं एक IIM उदयपुर में कार्यरत है।

चिकित्सा शिक्षा:-
31 दिसंबर 2021 तक राज्य में 26 मेडिकल कॉलेज है।

प्रश्न.राजस्थान सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयास बताइए ?


राजस्थान में सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल

मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना:-
• 2 अक्टूबर 2011 को शुरू
• उद्देश - सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले रोगियों को सामान्य तौर पर उपयोग की जाने वाली आवश्यक दवाओं को निःशुल्क उपलब्ध कराना।
• लाभार्थी - आउटडोर और इंडोर दोनों प्रकार के पेशेंट निःशुल्क दवाई ले सकते हैं।
• क्रियान्वयन - राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन द्वारा।
• प्रत्येक जिले में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 'जिला ड्रग वेयर हाउस' बनाए गए हैं।
• वर्तमान में 711 दवाईयां, 181 सर्जिकल आइटम और 77 टाके इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना:-
• 7 अप्रैल 2013 को शुरू

निरोगी राजस्थान अभियान:-
• 18 दिसंबर 2019 को शुरू
• 17 दिसंबर को राजस्थान निरोगी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
• उद्देश्य - आम जनता में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना।
• 100 करोड रुपए का निरोगी राजस्थान प्रबंधन कोष बनाया गया है।
इस कोष में से प्रत्येक जिले को 1 करोड रुपए दिए जाएंगे।
• प्रत्येक गांव व शहरी वार्ड में 'स्वास्थ्य मित्र' का चयन किया जाएगा। (महिला/पुरूष कोई भी)
• संपूर्ण राजस्थान के नागरिकों का 'डिजिटल हेल्थ सर्वे' किया जाएगा। (निरोगी राजस्थान ऐप द्वारा)
• निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं के निदान व बचाव संबंधी कार्य किए जाएंगे -
जनसंख्या नियंत्रण, महिला स्वास्थ्य, किशोरावस्था स्वास्थ्य, खाद्य मिलावट, टीकाकरण एवं वयस्क, प्रदूषण, ड्रग की लत और बीमारी, वृद्धावस्था की समस्याएं, मौसमी संचारी रोग, असंचारी रोग।

जनता क्लिनिक:-
• शहरी गरीबों के लिए शुरू।
• प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान की जाती है। (प्राइमरी हेल्थ केयर सेवाएं)
• वर्तमान में 13 जनता क्लिनिक संचालित है।

राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम:-
• राजस्थान के सभी 33 जिले फ्लोरोसिस से प्रभावित है।
• वर्तमान में राजस्थान के 30 जिलों में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम संचालित है।

राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम (National Oral Health Programme)
• 2014-15 में भारत सरकार द्वारा शुरू
• ग्रामीण और शहरी जनसंख्या के बीच मुख स्वास्थ्य की सेवाओं में उपलब्ध असमानता को कम करना।

आदर्श प्राइमरी हेल्थ सेंटर
• प्रत्येक पंचायत से एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) को आदर्श प्राइमरी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करना।
• 810 आदर्श प्राइमरी हेल्थ सेंटर बनाए गए है। 
PHC - Primary Health Center.
CHC - Community Health Center.

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:-
• 26 अक्टूबर 2020 से चलाया जा रहा है।
• मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हेतु।
• राज्य एवं जिला स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण समिति का गठन किया गया है।

तंबाकू नियंत्रण:-
• भारत सरकार द्वारा राजस्थान के सभी 33 जिलों में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
• तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 लागू किया गया है।
• राजस्थान के सभी 33 जिलों में Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) चलाया जा रहा है।

नोट:- 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।

कोरोना काल में प्रबंधन:-
• राजस्थान में पहला कोरोना केस 2 मार्च 2020 को जयपुर में आया‌।
• कोरोना के खिलाफ राजस्थान की टैगलाइन - 'राजस्थान सतर्क है'
• राज्य में उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच हेतु लिसा मिशन लॉन्च किया है।
• घर-घर सर्वे।  • कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग।

आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना:-
• 1 सितंबर 2019 को लागू
• 30 जनवरी 2021 से नवीन चरण शुरू
• राजस्थान सरकार की भामाशाह बीमा योजना और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को एकीकृत कर यह योजना लागू की गई है।
• राज्य के 1.10 करोड़ से अधिक परिवारों को निशुल्क इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
• लाभार्थी -
आर्थिक, सामाजिक एवं जाति के आधार पर जनगणना (SECC) -2011 में शामिल लोग।
राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड सभी लोग।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना योजना:-
• 1 मई 2021 से योजना शुरू की गई।
• यह 'यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज' योजना है।
• सामान्य बीमारी के लिए 50 हजार रुपए एवं गंभीर बीमारी के लिए 4.5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर सरकार द्वारा लाभार्थियों को दिया जाएगा। (निजी एवं सरकारी अस्पतालों में)
नोट:- बजट 2022-23 में कुल 10 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा कवर की घोषणा की गई है।
• अस्पताल में भर्ती होने के 5 दिन पूर्व एवं 15 दिवस पश्चात का खर्च शामिल है।
• योजना के अंतर्गत 1597 रोग पैकेज शामिल हैं।
• लाभार्थी - 
1. आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल परिवार (SECC+NFSA)
2. समस्त संविदा कर्मी एवं सीमांत किसान
3. अन्य परिवारों को 50% बीमा प्रीमियम पर लाभ मिलेगा (₹850 प्रतिवर्ष का प्रीमियम)

आयुर्वेद चिकित्सा:-
• राज्य में 122 आयुर्वेद चिकित्सालय है।
• 1950 में आयुर्वेद विभाग की स्थापना की गई।

राष्ट्रीय आयुष मिशन:-
• परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी) के द्वारा बीमारियों के इलाज को बढ़ावा दिया जा रहा है।
• मार्च 2015 में राजस्थान राज्य आयुष सोसायटी का गठन किया गया।
• 9 फरवरी 2021 को राजस्थान आयुष नीति 2021 लागू की गई।
• अजमेर में राजस्थान राज्य आयुष अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

A - आयुर्वेद:- प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति।
Y - योग:- भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास।
U - यूनानी:- ग्रीक (यूनान) की चिकित्सा पद्धति।
S - सिद्धा:- दक्षिण भारत की चिकित्सा पद्धति।
H - होम्योपैथी:-

कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI):-
यह सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 की धारा 58 के तहत 1956 से चालू है।
• उद्देश्य - संगठित क्षेत्र के कामगारों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना।
(विभिन्न औद्योगिक, वाणिज्यिक संस्थानों, निजी शिक्षण संस्थानों और निजी चिकित्सा में काम करने वाले कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार)
• इस योजना के तहत ऐसे संस्थानों में जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और जिनकी वेतन सीमा 21,000 रुपये प्रति माह तक है, उन्हें चिकित्सा लाभ दिया जाता है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम और राज्य सरकार द्वारा 7/8 :  1/8 के अनुपात में वित्तीय लाभ दिया जाता है।
वेतन का 3.25% अंशदान नियोक्ता (Employer) द्वारा और कर्मचारी (Employee) द्वारा 0.75% योगदान कर्मचारी राज्य बीमा निगम को भुगतान किया जाता है।

जननी शिशु सुरक्षा योजना:-
उद्देश्य - संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर जननी व शिशु की सुरक्षा व स्वास्थ्य सुनिश्चित करना।
पात्रता : - प्रदेश की सभी गर्भवती महिलाएं
योजना के मुख्य बिन्दु:-
• योजना 12 सितम्बर, 2011 से शुरू।
• सभी प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं को आवश्यकता होने पर (30 दिवस तक) सरकारी चिकित्सा संस्थाओं में सभी प्रकार की निःशुल्क सेवाएं व परिवहन उपलब्ध करवाया जा रहा है। 
• योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ₹1,400 एवं शहरी क्षेत्र की महिलाओं को ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
• राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत जननी एक्सप्रेस सेवा (2 अक्टूबर 2012) शुरू की गई। 
• जननी एक्सप्रेस की सेवाएं "104" और "108" सुविधा पर कॉल करके प्राप्त की जा सकती है।

जननी एक्सप्रेस योजना:-
• 2 अक्टूबर 2012 से शुरू
• उद्देश्य - सुरक्षित मातृत्व एवं नवजात शिशुओं की देखभाल करना।
• जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस के जरिए ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और 30 दिन के नवजात शिशुओं को निकटतम चिकित्सा संस्थानों तक ले जाने एवं वापिस घर लाने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।
• गर्भवती महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर - 104
• एंबुलेंस सेवा - 108
• 600 जननी एक्सप्रेस संचालित।

आशा सहयोगिनी:-
यह एक समुदाय स्तर की कार्यकर्त्ता होती है, जो स्वास्थ्य के बिन्दुओं पर जागरूगता उत्पन्न करने के लिए समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
आशा, ग्राम पंचायत द्वारा चुनी जाती हैं।
ये स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना, टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव में समन्वयक एवं राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों में सहयोग के कार्य करती हैं।

राजस्थान हार्ट अटैक ट्रीटमेंट प्रोग्राम (RAHAT):-
• यह एक टेलीमेडिसिन प्रोजेक्ट है।
प्रश्न.राहत प्रोजेक्ट का संबंध किस क्षेत्र से है ? - स्वास्थ्य

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम:-
सरकारी विद्यालयों, आगंवाडी केन्द्रों तथा मदरसों के 18 वर्ष तक सभी बच्चों का 4D's - Defects at birth -Disease, Deficiencies, Developmental delays and Disabilities (40 चिन्हित बीमारियों) के लिए प्रशिक्षित मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा हैं।

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यकम
• राज्य के 10 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों (उदयपुर, राजसमन्द, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बून्दी, धौलपुर, करौली, जैसलमेर, बाडमेर एवं जालौर) में किशोरों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया है।
• कार्यक्रम के तहत 314 किशोर मैत्री स्वास्थ्य क्लीनिक- “उजाला क्लीनिक” स्थापित किए गए हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन:- व्यक्तिगत, घरेलू, समुदाय एवं स्वास्थ्य प्रणाली के स्तर पर नियमित रूप से प्रभावी स्वास्थ्य सेवा के प्रावधानों को सुनियोजित करने, के लिए एक राष्ट्रीय प्रयास हैं। 
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उपमिशन के रूप
में कार्यरत रहेंगें।

ग्राम स्वास्थ्य और स्वच्छता समिति:-
पंचायत के निर्वाचित सदस्य की अध्यक्षता में गठित समिति होती है, जो ग्रामीणों के स्वास्थ्य सुधार हेतु समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करती हैं एवं ग्राम स्वास्थ्य प्लान तैयार करती हैं। 
• आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, एनजीओं, SHG एवं महिला स्वास्थ्य संघ प्रतिनिधि इसके सदस्य होते हैं।
• राज्य में ऐसी 43,440 समितियां गठित हैं।

मोबाईल ओपीडी:- राज्य के दूरस्थ इलाकों जहां नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, के लिए मोबाईल चिकित्सा ईकाई।
• राज्य में कुल 295 मोबाइल ओपीडी वाहन संचालित हैं। 
• 1 इकाई में 2 वाहन होते हैं-
1. चिकित्सा दल जिसमें चिकित्सक, नर्स, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, हेल्पर व ड्राईवर एवं
2. जिसमें चिकित्सकीय परीक्षण हेतु जाँच उपकरण (ECG, X-ray आदि) एवं बेसिक जाँच उपकरण रहते हैं।

टेलिकन्सलटेशन (ई-संजीवनी):- 4 मई 2020 को esanjeevaniopd.in पोर्टल लॉन्च किया गया। 
राज्य में टेलिमेडिसन (राष्ट्रीय टेली-परामर्श सेवा) के स्थान पर e-Sanjeevani Tele Consultation शुरू किया गया है।
 
खसरा - रूबेला अभियान:- भारत सरकार का वर्ष 2023 तक रूबेला/जन्मजात रूबेला सिंड्रोम एवं खसरा उन्मूलन का लक्ष्य है। 
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राजस्थान में 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों के टीकाकरण हेतु 22 जुलाई, 2019 से "खसरा-रूबेला अभियान" प्रारम्भ किया गया।

प्रश्न.राज्य में स्वास्थ्य संकेतको में सुधार हेतु राजस्थान सरकार द्वारा उठाए गए छह प्रमुख कदमों के नाम बताइए ?
प्रश्न.राजस्थान में सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यों को सूचीबद्ध कर टिप्पणी करें ?

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