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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज । राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2021-22

 
Rural Development and Panchayati Raj

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज

1 अप्रैल 1999 को राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की स्थापना की गई।

राजीविका:- राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (RGAVP)
RAJEEVIKA - Rajasthan Grameen Aajeevika Vikas Parishad.
• शुरू - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजस्थान सरकार द्वारा अक्टूबर 2010 में स्थापित।
• अध्यक्ष - मुख्यमंत्री**
• उद्देश्य - ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ाकर निर्धन ग्रामीणों की आय में वृद्धि करना।

राजीविका द्वारा भारत सरकार एवं राज्य सरकार की निम्नलिखित आजीविका योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है -
• भारत सरकार की योजनाएं -

1. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन - 2011
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू।
उद्देश्य - 2024-25 तक 10-12 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ना।
पूरे राज्य भर में लागू है।

2. राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक रूपांतरण परियोजना:-
19 फरवरी 2019 को शुरू की गई।
वित्त पोषण - विश्व बैंक द्वारा
9 जिलों के 36 ब्लाकों में संचालित।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MNREGA):-
• सितंबर 2005 में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम पारित किया गया।
• फरवरी 2006 में इसे योजनागत रुप दिया गया।
• उद्देश्य - ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन करना।
• इसके तहत ग्राम पंचायत के वयस्क एवं अकुशल सदस्यों को 100 दिन का रोजगार दिया जाता है।
• लाभार्थियों में कम से कम एक-तिहाई महिलाएं होंगी।
• प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य को रोजगार दिया जाएगा।
• लाभार्थियों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किया जाता है और जॉब कार्ड प्रदान किए जाते हैं।
• रजिस्ट्रेशन के 15 दिन के अंदर तथा 5 किलोमीटर के दायरे में रोजगार दिया जाएगा।
(5 किलोमीटर क्षेत्र से बाहर होने पर 10% अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा)
• कार्य का निर्धारण ग्राम पंचायत करेगी।
• ठेकेदारों व मशीनों से कार्य की अनुमति नहीं है।
• ग्राम सभा:-
1. सामाजिक अंकेक्षण करेगी।
2. कार्य की गुणवत्ता एवं योजना की प्रगति का पर्यवेक्षण करना।

• मजदूरी : सामग्री = 60:40

• केंद्र सरकार:-
1. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित।
2. मजदूरी का 100% वित्त पोषण केंद्र सरकार द्वारा
3. सामग्री का 75% वित्त पोषण केंद्र सरकार द्वारा

नोट:- यदि सरकार रोजगार देने में असफल होती है, तो राज्य सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी।
• GeoMNREGA ऐप के द्वारा कार्यों की जियो टैगिंग की जा रही हैं।
• सूखा प्रभावित क्षेत्र में 150 दिनों तक भी रोजगार दिया जा सकता है।
• 2021-22 (दिसंबर 2021 तक) में 2962.73 लाख मानव कार्य दिवस सृजित किए गए हैं।
• राजस्थान में मनरेगा के तहत मजदूरी ₹221 है।

प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण
पुराना नाम - इंदिरा आवास योजना।
20 नवंबर 2016 को ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू।
• लाभार्थी का चयन - सामाजिक, आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना 2011 के आधार पर। (SECC)
• इसके तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए ₹1,20,000 दिये जाते है।
• स्वच्छ भारत मिशन के तहत अतिरिक्त ₹12000 शौचालय निर्माण हेतु दिए जाते हैं।
• लाभार्थी मनरेगा के तहत 90 कार्यदिवसों का उपयोग घर निर्माण हेतु कर सकता है।
• वित्त पोषण - केंद्र सरकार (60) : राज्य सरकार (40)

विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLA-LAD)
Member of legislative Assembly local area development scheme:-
उद्देश्य:- स्थानीय आवश्यकतानुसार आधारभूत संरचना का विकास, जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना।
विधायक को अपने निर्वाचन क्षेत्र (ग्रामीण या शहरी) में प्रतिवर्ष विकास कार्यों के लिए 5 करोड रुपए की राशि दी जाती है।
• इसमें से कम से कम 20% राशि SC-ST के विकास हेतु खर्च करनी होगी।
• इस योजना के तहत 2021-22 में कम से कम 1.75 करोड़ रुपए की राशि स्वास्थ्य ढांचे के विकास हेतु खर्च करना अनिवार्य कर दिया गया है।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम:-
(MPLAD - member of Parliament local area development programme):-
शुरू - सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 23 दिसंबर 1993 से।
उद्देश्य:- स्थानीय आवश्यकतानुसार आधारभूत संरचना का विकास, जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना।
• प्रत्येक सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपए तक की राशि के विकास कार्यों हेतु जिला कलेक्टर को अनुशंसा कर सकता है।
लोकसभा के निर्वाचित सांसद अपने क्षेत्र में ही राशि खर्च कर सकते हैं।
राज्यसभा के निर्वाचित सांसद राज्य के एक अथवा अधिक जिलों में राशि खर्च कर सकते हैं। (कुछ अपवाद है एक से अधिक राज्यों में भी राशि खर्च की जा सकती है)
मनोनीत सांसद (लोकसभा या राज्यसभा) संपूर्ण भारत में कहीं भी राशि खर्च कर सकते हैं।

नोट:- 5 करोड़ रुपए कि यह राशि अव्यपगत (Non-lapsable) है।

• देश के किसी भी हिस्से में गंभीर प्राकृतिक आपदा की स्थिति में एक सांसद प्रभावित क्षेत्र में अधिकतम 1 करोड रुपए की राशि खर्च कर सकता है।

• कोविड-19 के कारण योजना को 2 वर्ष (2020-21 और 2021-22) के लिए गैर संचालित (Non Operational) रखा गया था। योजना को 10 नवंबर 2021 से वित्तीय वर्ष 2021-22 के शेष समय के लिए प्रति सांसद 2 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ पुनः शुरू किया गया है।

 मेवात क्षेत्र विकास कार्यक्रम:-
अलवर एवं भरतपुर के मेव बाहुल्य 14 खंडों में संचालित।
1986-87 में आधारभूत सुविधाओं एवं रोजगार के अवसर सृजित करने हेतु शुरू किया गया।
सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम
केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित।
गृह मंत्रालय द्वारा संचालित।
इसे 7वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान पेश किया गया।
उद्देश्य:- बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करना।

• यह कार्यक्रम 4 सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर और जैसलमेर के 16 खंडों में संचालित है। 
 डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम:-
2005-06 से राजस्थान सरकार द्वारा लागू।
पूर्वी राजस्थान के 8 जिलों की 26 पंचायत समितियों में लागू।
जिलें:- भरतपुर, करौली, धौलपुर (BCD), सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ (हाड़ौती)
 स्वविवेक जिला विकास योजना:-
2005-06 से राजस्थान सरकार द्वारा लागू।
 मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम:-
2005-06 से राजस्थान सरकार द्वारा लागू।
दक्षिणी मध्य अरावली के 5 जिलों के 16 खंडों में लागू।
जिलें:- अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, पाली (ABCRP)
 मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि योजना
6 अप्रैल 2021
• राज्य के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर द्वारा नवाचारों के समावेश के साथ स्थानीय आवश्यकतानुसार विकास कार्यों में समरूपता लाना।


केंद्र प्रायोजित योजना - व्यय राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा परंतु लागू राज्य द्वारा।
केंद्रीय क्षेत्र योजना - संपूर्ण व्यय राशि केंद्र द्वारा दी जाती है।

महात्मा गांधी जन भागीदारी विकास योजना:-
पुराना नाम- गुरु गोलवलकर जनभागीदारी विकास योजना।
नाम परिवर्तन- फरवरी 2020 में।
वित्त पोषण - राज्य सरकार द्वारा।
उद्देश्य - ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण व रखरखाव में जन भागीदारी सुनिश्चित करना।

 संपत्ति
 सरकारी योगदान
 जनभागीदारी
 श्मशान/कब्रिस्तान
 90%
 10%
 अन्य
 70%
 30%
 परंतु TSP क्षेत्र में
 80%
 20%

बायोफ्यूल (जैव ईंधन)
• 2005 में  राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बायोफ्यूल मिशन लाया गया।
• 2007 में राजस्थान सरकार द्वारा बायोफ्यूल नीति जारी कर बायोफ्यूल प्राधिकरण का गठन किया गया।
(ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधीन)
• 10 अगस्त 2019 - राजस्थान बायोडीजल नियम लागू किए गए।
• राजस्थान के 12 जिले रतनजोत तथा पूर्वी राजस्थान के 8 जिले करंज जैसे तैलीय पादपों के पौधारोपण के लिए के लिए उपयुक्त पाए गए है।
• 22 दिसंबर 2016 को 'बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड' का गठन किया गया।

बायोफ्यूल प्राधिकरण की उपलब्धियां:-
1. राजस्थान बायोडीजल नियम लागू किए गए।
2. मनरेगा के अंतर्गत 3.20 करोड़ रतनजोत और करंज का पौधारोपण किया गया।
3. National Mission on Oil Seeds and Oil Palm के तहत राज्य के 20 जिलों में 1.40 लाख रतनजोत, करंज, महुआ, नीम का पौधारोपण किया गया।
4. पौधारोपण की तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया।
5. राजस्थान बायोडीजल नियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।

 वर्ल्ड बायोफ्यूल डे - 10 अगस्त
बायोफ्यूल के निर्माण में उपयोगी पौधे - रतनजोत (जेट्रोफा) और करंज।

• रतनजोत के लिए उपयुक्त राजस्थान के 12 जिलें:-
हाड़ौती क्षेत्र - कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
वागड़ क्षेत्र - बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़
RBC - राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़
सिरोही, उदयपुर

• करंज के लिए उपयुक्त पूर्वी राजस्थान के 8 जिलें:-
ABCD - अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर
ढूंढाड़ - जयपुर, दौसा, टोंक
सवाई माधोपुर

सांसद आदर्श ग्राम योजना:-
• ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा।
• इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष एक सांसद द्वारा एक गांव गोद लिया जाता है।
लोकसभा सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र का कोई भी गांव।
राज्यसभा सांसद राज्य में कोई भी गांव।
मनोनीत सांसद संपूर्ण भारत में कोई भी गांव को गोद ले सकता है।
उद्देश्य:-चयनित गांव के निवासियों के जीवन स्तर और जीवन गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार लाना।

मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना:-
राजस्थान सरकार द्वारा शुरू।
इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष एक विधायक द्वारा एक ग्राम पंचायत गोद ली जाती है। प्रथम चरण में 196 ग्राम पंचायत गोद ली गई जबकि दूसरे चरण में 97 ग्राम पंचायत का चयन कर लिया गया है।

स्मार्ट विलेज योजना:-
• 2017-18 में शुरू।
• 3000 जनसंख्या से अधिक आबादी वाले गांवों का चयन कर उनमें शहर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना।
• 3275 गांवों का चयन किया गया।

महात्मा गांधी आदर्श ग्राम योजना:-
राज्य सरकार द्वारा 27 नवंबर 2019 को शुरू की गई।
उद्देश्य:-प्रत्येक जिले में एक गांव का चयन कर उसमें गांधीवादी मूल्य विकसित करना।
• इस योजना में 22 जिलों को कवर किया गया है।
• 14 नवंबर को मेरा गांव मेरा गौरव दिवस मनाया जाएगा।
• इसके अंतर्गत पुस्तकालयों का निर्माण किया जाएगा।
22 जिलों में गांधी ज्ञान केंद्र पुस्तकालय एवं वाचनालयों का उद्घाटन किया गया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन:-
RURBAN = RURAL + URBAN (गांव + शहर)
• कस्बों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना। (कस्बों की आत्मा गांव जैसी तथा सुविधाएं शहरों जैसी)
•  देशभर में 300 ग्रामीण कलस्टरों का चयन किया जाएगा।
• कलस्टर का चयन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
• राजस्थान में 16 कलस्टर का चयन किया जा चुका है।


पंचायती राज

• अनुच्छेद 243 में पंचायती राज का प्रावधान।
• पंडित जवाहरलाल नेहरू ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत 2 अक्टूबर 1959 को बगदरी गांव (नागौर) से की।

वित्त आयोग:- प्रावधान अनुच्छेद 280 में।
गठन - राष्ट्रपति द्वारा
• वर्तमान में 15 वां वित्त आयोग चल रहा है जिसकी अवधि 2020-21 से 2024-25 तक है।
• 15 वां वित्त आयोग का अध्यक्ष - एनके सिंह
अन्य सदस्य - अजय नारायण झा (शक्तिकांत दास के स्थान पर), अनूप सिंह, रमेश चंद, अशोक लाहिड़ी।

नोट:-15वें वित्त आयोग ने कुल अनुदान के 40% अनटाईड अनुदान तथा 60% टाईड अनुदान की सिफारिश की।

अनटाईड अनुदान:- स्थानीय निकायों की स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
जैसे स्ट्रीट लाइट, अन्य सार्वजनिक भवनों/परिसंपत्तियों जैसे - प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्कूल, स्वास्थ्य उपकेंद्र, सहकारी बीज और उर्वरक भंडारण केंद्र, सड़कों, पार्को, खेल मैदान, शमशान स्थलों की मरम्मत और रखरखाव हेतु‌
टाईड (बंधे) अनुदान:- केवल निश्चित क्षेत्र में उपयोग।
जैसे - स्वच्छता (खुले में शौच) एवं जल संचयन

राज्य वित्त आयोग:-
73वें संविधान संशोधन के तहत इसका प्रावधान किया गया।
अब तक राजस्थान में 6 राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है।

आयोग - अध्यक्ष
गठन
कार्यकाल
प्रथम - के के गोयल***
24 अप्रैल 1994
1 अप्रैल 1995 से 31 मार्च 2000
दूसरा - हीरालाल देवपुरा
7 मई 1999
1 अप्रैल 2000 से 31 मार्च 2005
तीसरा - माणिक चंद सुराणा
मई 2004
1 अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2010
चौथा - डॉ बी डी कल्ला
13 अप्रैल 20111 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2015
पांचवा - डॉ ज्योति करण
जुलाई 2014
1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2020
छठा - प्रद्युम्न सिंह**
सदस्य - अशोक लाहोटी, लक्ष्मण सिंह रावत
अप्रैल 2021
1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2025

सिफारिशें:-
15वें वित्त आयोग ने केंद्र द्वारा राजस्व कर में से 41% राज्यों को देने की सिफारिश की।

पांचवे राज्य वित्त आयोग ने राज्य के कुल राजस्व कर में से 7.182% स्थानीय स्वशासन को देने की सिफारिश की।
इसका 75.10% पंचायतों को जबकि 24.90% नगरपालिकाओं को दिया जाए।
पंचायतों की राशि का 5% जिला परिषद को, 20% पंचायत समिति को तथा 75% ग्राम पंचायतों को दिया जाए।

षष्टम राज्य वित्त आयोग (2020-2021 से 2024-2025)
• आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्य के शुद्ध कर राजस्व में से 6.75%  स्थानीय स्वशासन को दिया जाए।
इसका 75.10% पंचायतों को जबकि 24.90% नगरपालिकाओं को दिया जाए।
• पंचायतों की राशि का 5% जिला परिषद को, 20% पंचायत समिति को तथा 75% ग्राम पंचायतों को दिया जाए।
• वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 की सिफारिशों के अनुसार -
अनुदान की 55% राशि का उपयोग मूलभूत एवं विकास कार्यों के लिए, 
40% राशि का उपयोग राष्ट्रीय और राज्य प्राथमिकता योजनाओं को लागू करने के लिए एवं 
शेष 5% राशि विभिन्‍न कार्यों एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के प्रोत्साहन के लिए है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण):-
• 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू।
• वर्तमान में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित।
• उद्देश्य - भारत को खुले में शौच से मुक्त करना।
• प्रथम चरण - 2014-2019 तक।
• दूसरा चरण - 2020-21 से 2024-25 तक।
• राजस्थान मार्च 2018 में खुले में शौच से मुक्त हो गया। (ODF)
• प्रावधान:-
1. व्यक्तिगत शौचालय:- बीपीएल एवं एपीएल परिवारों को शौचालय निर्माण एवं उपयोग करने पर ₹12000 प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
• केंद्र (60) : राज्य (40)

2. सामुदायिक स्वच्छता केंद्र:- के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को 3 लाख रुपए।
इसमें 70% राशि - स्वच्छ भारत मिशन के तहत
जबकि 30% राशि - 15 वें वित्त आयोग से। (टाईड अनुदान)

3. ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन:-
70% राशि - स्वच्छ भारत मिशन के तहत
जबकि 30% राशि - 15 वें वित्त आयोग से। (टाईड अनुदान)

पंचायत पुरस्कार:-
भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पंचायत दिवस 24 अप्रैल को दिए जाते हैं।
1. दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार
यह राज्य की एक जिला परिषद, दो पंचायत समिति और 5 ग्राम पंचायतों को दिया जाता है।

2. नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार
• ग्राम सभा के अच्छे कार्य के लिए राज्य की 1 ग्राम पंचायत को दिया जाता है।
• पुरस्कार राशि - 10 लाख रुपए

3. ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार
• 2019 से प्रारंभ।
• राज्य की 1 ग्राम पंचायत को दिया जाता है।
• पुरस्कार राशि - 5 लाख रुपए

4. बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार
• बाल हितैषी कार्य करने के लिए राज्य की 1 ग्राम पंचायत को दिया जाता है।
• पुरस्कार राशि - 5 लाख रुपए

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021:-
• मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार के तहत कोटा जिला परिषद को 50 लाख रूपए, पंचायत समिति कोटड़ा (उदयपुर) एवं पंचायत समिति चिड़ावा (झुंझुनूं) को 25-25 लाख रुपए और ग्राम पंचायत त्योंदया (झुंझुनूं), ग्राम पंचायत 4 एनएन चानना (श्रीगंगानगर), ग्राम पंचायत थूर (उदयपुर), ग्राम पंचायत निढारिया कलां (धौलपुर) तथा ग्राम पंचायत बर (पाली) को 10-10 लाख रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया। 
• साथ ही, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव सभा पुरस्कार के तहत झुन्झूनू जिले की भोजासर ग्राम पंचायत को भी 10 लाख रूपए, ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार के तहत पंचायत समिति मूंडवा-नागौर की ग्राम पंचायत अरवर को 5 लाख रुपए तथा बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना के तहत पंचायत समिति नावां की ग्राम पंचायत मिण्डा को 5 लाख रुपए की पुरस्कार से सम्मानित किया। 

ग्राम पंचायत विकास योजना:-
• 2015 में पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू।
• उद्देश्य - ग्राम पंचायतों में आपसी सहयोग द्वारा विकास कार्यों को बढ़ावा देना।
• इस योजना के तहत राजस्थान सरकार द्वारा 'आपणी योजना आपणों विकास' दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं।
ग्राम सभा की सहमति एवं भागीदारी से कार्य किया जाना चाहिए।
इसके लिए 'ई-ग्राम स्वराज पोर्टल' बनाया गया है।
• भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक संपूर्ण भारत में 'सबकी योजना सबका विकास' अभियान चलाया गया।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान:-
• पुराना नाम पंचायत सशक्तिकरण अभियान।
• उद्देश्य - पंचायत क्षमता संवर्धन।
• केंद्र (60) : राज्य (40)

विलेज मास्टर प्लान:-
• आगामी 30 वर्षों के लिए शिक्षा, खेल पार्क, सरकारी भवन आदि के लिए भूमि आवंटन का प्लान तैयार करना।
• राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं।
• पहले ग्राम पंचायत प्लान को मंजूरी देगी फिर ग्रामसभा अनुमोदित करेगी‌।

अंबेडकर भवन योजना***:-
• बजट घोषणा 2019-20 में घोषित।
• नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम मुख्यालयों को छोड़कर सभी पंचायत समितियों पर अंबेडकर भवन बनाया जाएगा।
• 140 अंबेडकर भवन बनाए जाएंगे।
• 55 लाख अनुमानित खर्च।

राजीव गांधी जल संचय योजना:-
• 20 अगस्त 2019 को शुरू।
• पहला चरण 2 वर्ष तक चलेगा। (2021 तक)
• उद्देश्य - अधिकतम वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण एवं उपलब्ध जल स्त्रोतों के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करना।
• राज्य के सभी जिलों में लागू की गई।

प्रशासन गांवों के संग अभियान 2021
शुरू - 2 अक्टूबर, 2021 से।
उद्देश्य:- ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान।
प्रशासनिक विभाग:- राजस्व विभाग
इस अभियान की मॉनिटरिंग एवं समीक्षा जिला कलक्टर स्तर पर की जा रही है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया।
• अभियान में कुल 10 लाख पट्टे जारी किये गये।
• 11,354 आबादी विस्तार के प्रस्ताव पारित किये गये।
• पेयजल योजना की 17,212 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
• 4,24,933 जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्र जारी किए गए।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटरशेड कम्पोनेंट
(इंटिग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोग्राम IWMP)
• जलग्रहण विकास कार्यों के माध्यम से भूमि के उपचार के लिए वर्ष 2009-10 में IWMP  शुरू किया गया।IWMP के तहत स्वीकृत परियोजनाएं 2015-16 से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड कम्पोनेंट) के तहत चल रहीं हैं।

नोट:- राजस्थान में ग्रामीण सड़कों की लंबाई - 183086.02km
• राजस्थान में कुल गांव - 43264 (जनगणना 2011)
• राजस्थान के 87.86% गांव सड़कों से जुड़े हैं। (38011 गांव)
• राजस्थान के विद्युतीकृत गांव - 43201 (99%)

वॉल टू वॉल विकास पथ:-
• बजट घोषणा 2019-20 में घोषित।
• आगामी 5 वर्षों में सभी ग्राम पंचायतों में सीमेंट कंक्रीट के मार्ग तथा ढकी हुई नालियों का निर्माण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III के तहत 8,662.50 कि.मी. लम्बाई की मुख्य ग्रामीण सड़कों का चयन कर उनका उन्‍नयन और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

ग्रामीण और गैर कृषि विकास एजेंसी (RUDA)
Rural non-farm development agency:-
• नवंबर 1995 में स्थापित।
• उद्देश्य - ग्रामीण गैर-कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना।
• दस्तकार परिवारों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
 3 मुख्य क्षेत्र - चमड़ा, ऊन व कपड़ा तथा लघु खनिज।

रुड़ा द्वारा निम्नलिखित हस्तशिल्पों को जी आई टैग दिलवाया गया है - 
• पोकरण पॉटरी     • ब्लू पॉटरी
• सांगानेर प्रिंट        • बगरू प्रिंट
• कोटा डोरिया

SAVE WATER

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