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राजस्थान में सामाजिक सेवाएं। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2020-21

 
Social services in rajasthan


राजस्थान में सामाजिक सेवाएं

जलापूर्ति:-
जल जीवन मिशन
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को घोषणा की। (राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम 2009 का उन्नत संस्करण है।)
• उद्देश्य:- 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करना।
गोवा 100% घरों को नल से जलापूर्ति प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना है।
इसके बाद तेलंगाना और अंडमान निकोबार भी 100% घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर चुके हैं। (29 मार्च 2021 तक)
• इस मिशन के तहत वर्षा जल संग्रहण, भूमि जल पुनर्भरण और घरों से निकले अपशिष्ट जल का पुन:उपयोग करने पर भी बल दिया जा रहा है।
• वित्त पोषण:- 
(i) हिमालय और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए - केंद्र सरकार 90 : राज्य सरकार 10
(ii) अन्य राज्यों के लिए - 50:50
(iii) केंद्र शासित राज्यों के लिए - 100% केंद्र सरकार द्वारा।
• जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन चलाया जा रहा है।

राजस्थान में जल जीवन मिशन:-
राजस्थान में 1.01 करोड़ ग्रामीण घर हैं, जिनमें से 19.61 लाख (19.3%) घरों में नल के पानी का कनेक्शन मौजूद है। (इन में से 6.77 लाख नये कनेक्शन 2020-21 में उपलब्ध कराए गए।) 
राजस्थान की जल जीवन मिशन के तहत मार्च, 2022 तक 30 लाख नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना है।
 
नोट:- 73वें संविधान संशोधन के तहत पेयजल विषय को 11वीं अनुसूची में रखा गया है। इसलिए जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायतें और स्थानीय समुदाय अहम भूमिका निभाते हैं।

इसे हर घर जल योजना भी कहा जाता है।

जल शक्ति मंत्रालय:-
यह भारत सरकार के अधीन एक मंत्रालय है, जिसका
गठन मई 2019 में दो मंत्रालयों को मिलाकर किया गया था -
(i) जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय। 
(ii) पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय।
• वर्तमान में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री - गजेंद्र सिंह शेखावत (जोधपुर)
• जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण हेतु जल शक्ति अभियान चलाया गया। (1 जुलाई 2019)

नोट:- भारत में संपूर्ण वर्षा जल का केवल 8% ही संग्रहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री राज नीर योजना:-
• इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं की मासिक जल खपत 15000 लीटर से कम होने पर जल शुल्क माफ किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को 55 लीटर प्रतिदिन निःशुल्क पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
मरुस्थलीय क्षेत्रों में 70 लीटर प्रतिदिन तक जल उपभोग माफ रहेगा।

वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index - GHI)
• 2000 से जारी
• जारीकर्ता - कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फे
• GHI में 4  घटक संकेतको को शामिल किया जाता है -
1. जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में कुपोषित का अनुपात
2. 5 वर्ष से कम आयु के wasting से पीड़ित बच्चों का अनुपात
3. 5 वर्ष से कम आयु के स्टंटिंग से पीड़ित बच्चों का अनुपात
4. 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (mortality rate of children)
• वैश्विक भूख सूचकांक 2020 में भारत को 94वीं रैंक मिली। (107 देशों में)
 
Wasting:- आयु के अनुपात में पर्याप्त वजन (Weight) का ना होना।
Stunting (ठिगनापन):- आयु के अनुपात में पर्याप्त ऊंचाई (Height) का ना होना।

मिड डे मील योजना:-
• लागू - 1995 में
• उद्देश्य - नामांकन, प्रतिधारण और उपस्थिति को बढ़ाना तथा स्कूल जाने वाले बच्चों के बीच पोषण के स्तर में सुधार करना।
• लाभार्थी:- सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी, स्थानीय निकाय, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, विशेष प्रशिक्षण केंद्रों (STC), मदरसों और मकतबों की कक्षा 1 से 8 में पढ़ने वाले स्कूली बच्चे।
• लाभ:- प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे को 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन (100 ग्राम चावल/गेहूं) और उच्च प्राथमिक स्तर पर 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन (150 ग्राम चावल/गेहूं)

नोट:- सर्वप्रथम इस प्रकार की योजना 1925 में मद्रास म्युनिसिपल कॉरपोरेशन द्वारा लांच की गई थी। (विद्यार्थी भोजन योजना Student meal scheme)

मिड डे मील में उत्सव भोज योजना:-
इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपने व्यक्तिगत और सामाजिक अवसरों जैसे जन्मदिन, जन्म उत्सव शादी की सालगिरह आदि पर स्कूल में पूर्ण भोजन, मिठाइयां, कच्चा माल, उपकरण और बर्तन प्रदान कर सकता है।

Integrated Child Development Services (ICDS):-
एकीकृत बाल विकास सेवा योजना:-
• आंगनवाडियों के माध्यम से क्रियान्वित। (राजस्थान में आंगनवाड़ी = 62020)
• यह एक व्यापक योजना जिसके अंतर्गत निम्न सेवाएं प्रदान की जा रही है -

सेवाएं
लाभार्थी
1. पूरक पोषाहार
6 माह से अधिक तथा 6 वर्ष तक की आयु के बच्चे, गर्भवती🤰- धात्री महिलाएं एवं 11 से 14 वर्ष की किशोरी बालिकाएं (विद्यालय नहीं जाने वाली)
2. बचपन और शाला पूर्व शिक्षा
3-6 वर्ष तक की आयु के बच्चे
3. पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा
15-45 वर्ष की महिलाएं एवं किशोरी बालिकाएं
4. टीकाकरण
0-6 वर्ष के बच्चे एवं गर्भवती महिलाएं
5. स्वास्थ्य जांच
0-6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती🤰- धात्री महिलाएं एवं किशोरी बालिकाएं
6. संदर्भ (रेफरल) सेवाएं
0-6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती🤰तथा धात्री महिलाएं

• यह एक छत्रक (Umbrella) योजना है, जिसके अंतर्गत अनेक सेवाएं/योजनाएं संचालित की जा रही है। जैसे -
(i) आंगनवाड़ी
(ii) किशोरियों के लिए योजना:- 
• संपूर्ण राज्य में 1 जून 2018 से शुरू
• 11 से 14 आयु वर्ग की स्कूल नहीं जाने वाली बालिकाओं को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण एवं गैर पोषण सेवाओं से लाभान्वित करना।
(iii) बाल संरक्षण सेवा (Child protection services)
(iv) राष्ट्रीय शिशुगृह योजना (National Creche Scheme):- कामकाजी महिलाओं के लिए कार्य स्थल पर शिशु गृह की स्थापना।

पोषण अभियान:-
• अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुंझुनू (राजस्थान) से पोषण अभियान की शुरुआत की।
• नोडल एजेंसी - महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
• उद्देश्य एवं लक्ष्य:-
(i). 0-6 वर्ष के बच्चों में ठिगनेपन (Stunting), अल्प पोषण (Under nutrition) से बचाव एवं इसमें कुल 6 %, प्रति वर्ष 2% की दर से कमी लाना।
(ii). कम वजन के साथ जन्म (Low birth weight) लेने वाले बच्चों की संख्या में कुल 6 % ,प्रति वर्ष 2% की दर से कमी लाना।
(iii). 6 से 59 माह के बच्चों में एनीमिया (Anemia) के प्रसार में कुल 9 %, प्रति वर्ष 3% की दर से कमी लाना।
(iii). 15 से 49 वर्ष की किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं में एनीमिया के प्रसार में कुल 9 %, प्रति वर्ष 3% की दर से कमी लाना।
Trick - SULA

नोट:- राजस्थान को पोषण अभियान अवार्ड 2018-19 मिल चुका है। 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना:-
इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और हाल ही मे मां बनी महिलाओं को तीन किस्तों में 5000 रुपये की आर्थिक मदद की जाती है। (1000, 2000, 2000)
• केवल बैंक या डाकघर से।
• यह सहायता गर्भावस्था, सुरक्षित प्रसव और स्तनपान की अवधि के दौरान की जाती है।

महिला कल्याण कोष:-
राज्य सरकार द्वारा स्थापित किया गया है, आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कार्मिकों (आशा सहयोगिनी इत्यादि) के लिए।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सहयोग से संचालित है। (2006-07 से)
राज्य सरकार द्वारा अंशदान - आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ₹750 जबकि अन्य के लिए ₹376 

इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना:-
• शुरू - 19 नवंबर 2020
उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बाँसवाडा, एवं सहरिया बहुल बारां जिले में।
दूसरी संतान को जन्म देने वाली महिलाओ को लाभ पहुंचाने के लिए।
• 5 चरणों में ₹6000 दिए जाएंगे।
• मुख्य उद्देश्य:- माताओं और 3 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार लाकर जन्म के समय कम वजन की घटनाओं को कम करना।
सुपोषित राजस्थान विजन 2022 का लक्ष्य पुरा करने के लिए सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार रणनीति को अपनाना है।
• यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा संचालित है।

राष्ट्रीय सुपोषित माँ अभियान:-
• शुरू - 1 मार्च 2020  कोटा, राजस्थान से।
इसे कोटा से शुरू किया गया है लेकिन इसमें पूरे भारत को शामिल किया गया है।
• उद्देश्य:- गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशु की देखभाल करना।
• लाभार्थी:- पहले चरण में 1000, महिलाओं को 1 महीने के लिये पोषक तत्त्वों से भरूपूर भोजन दिया जाएगा। (17 किग्रा. संतुलित आहार की एक किट)
साथ ही जच्चे-बच्चे की स्वास्थ्य चिकित्सा जाँच, रक्त, दवा, प्रसव सहित अन्य बातों का ध्यान रखा जाएगा।
• एक परिवार से एक गर्भवती महिला को शामिल किया जाएगा ।

नन्द घर योजना:-
समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) में जन सहभागिता बढ़ाने के लिए शुरू की गई हैं। 
वर्तमान में नन्द घर योजना के अंतर्गत 1,549 आँगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण/ नवीनीकरण का कार्य किया गया था। 

2013 में बाल अधिकारिता विभाग बनाया गया।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत राजस्थान सरकार द्वारा 27 सितंबर 2018 को अधिसूचना जारी करके निम्नलिखित प्रावधान किए गए -
(i) अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक परिवार को ₹1 प्रति किलो के हिसाब से कुल 35 किलो गेहूं मिलेगा।
(ii) बीपीएल/राज्य बीपीएल कार्डधारक परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को ₹1 प्रति किलो के हिसाब से 5 किलो गेहूं मिलेगा।
(iii)सहरिया, खैरवा (बारां), कथौडी(उदयपुर) जनजाति को निःशुल्क 35 किलो गेंहू दिया जाएगा।
• मृतक राशन डीलर के आश्रितों को उचित मूल्य दुकान का आवंटन किया जाएगा।
• राज्य के 32 जिले केरोसिन मुक्त हो गए है।***
(33वां जिला बांसवाड़ा भी केरोसिन मुक्त हो गया है परंतु सरकार द्वारा अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है)

• लाभार्थियों का PoS मशीन से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है।
अंगूठा मिलान नही होने पर ओ.टी. पी. या बाइपास सिस्टम एक्टिवेट कर दिया जाता है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986
 प्रावधान
 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019
 अलग से कोई नियामक नहीं

नियामक (Regulator)

 Central Consumer Protection Authority के गठन का प्रावधान 
 जहां विक्रेता का ऑफिस होता था वहीं शिकायत की जा सकती थी।
उपभोक्ता न्यायालय (Consumer court)

 पूरे भारत में कहीं पर भी शिकायत की जा सकती है।

 कोई प्रावधान नहीं
 उत्पाद दायित्व (Product liability)
उत्पाद से नुकसान होने पर उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति का प्रावधान
जिला कोर्ट - ₹20 लाख तक
राज्य कोर्ट - ₹20 लाख - 1 करोड़ रुपए तक
राष्ट्रीय कोर्ट - 1 करोड़ रुपए से ऊपर के मामले
 न्यायिक क्षेत्राधिकार
जिला कोर्ट - 1 करोड़ रुपए तक
राज्य कोर्ट - 1 करोड़ - 10 करोड़ रुपए तक
राष्ट्रीय कोर्ट - 10 करोड़ रुपए से ऊपर के मामले
 कोई प्रावधान नहीं

ई-कॉमर्स

Direct selling के सभी नियम ई-कॉमर्स पर भी लागू होंगे।
 कोई कानूनी प्रावधान नहीं
मध्यस्थ
 कोर्ट के माध्यम से settlement किया जा सकता है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों के अंतर्गत (i) राज्य स्तर पर राज्य आयोग तथा (ii) जिला स्तर पर सभी जिलों में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंचों का गठन किया गया है।
जयपुर जिले में 4 तथा जोधपुर जिले में 2 मंच कार्यरत है। इस प्रकार राज्य में कुल 37 जिला मंच एवं 7 सर्किट बेंच (संभागीय मुख्यालय) कार्यरत है।

Rajasthan State Food and Civil Supplies Corporation Ltd. (RSFCSCL):- 
• 2010 में स्थापित
• यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चीनी के वितरण के लिए राज्य नोडल एजेंसी है।
• चीनी केवल AAY परिवारों को प्रति राशन कार्ड प्रतिमाह 1 किलो वितरित की जा रही है।

अनुप्रति योजना:-
• लाभार्थी - SC, ST, MBC, 
OBC और General के BPL
• लाभ - 
अखिल भारतीय सिविल सेवा (IAS) पास करने पर 1 लाख रुपए मिलते हैं।
RAS पास करने पर 50,000 रुपए मिलते हैं।
IIT, IIM, NIT, NLU में एडमिशन पर 40-50 हजार रुपए मिलते हैं।
सरकारी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में  एडमिशन पर 10 हजार रुपए मिलते हैं।

नोट:- इस योजना का विलय मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में कर दिया गया है। जिसके बारे में आप वेबसाइट www.devedunotes.com पर उपलब्ध जून 2021 के करेंट अफेयर्स में पढ़ सकते है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना:-
• इस योजना को सहयोग और उपहार योजना के स्थान पर शुरू किया गया।
• लाभार्थी - SC/ST/Minority के BPL
कन्या के दसवीं पास करने पर - ₹10000
कन्या के स्नातक (Graduation) करने पर - ₹20000
कन्या की शादी (18+) पर - ₹31000
• लाभार्थी - शेष वर्गों के BPL
कन्या के दसवीं पास करने पर - ₹10000
कन्या के स्नातक (Graduation) करने पर - ₹20000
कन्या की शादी (18+) पर - ₹21000

मुख्यमंत्री कन्यादान (हथलेवा) योजना:-
कन्या के दसवीं पास करने पर - ₹41000
कन्या के स्नातक (Graduation) करने पर - ₹51000
कन्या की शादी (18+) पर - ₹31000

योजना
 लाभार्थी
 लाभ
 Indira Gandhi National Old Age Pension
•19 nov 2007(center)
60+ Age
BPL
 60-75 age = 750 rs per month
75+ =1000 rs per month
Indira Gandhi National Widow Pension Scheme
•7 October 2009(center)
Widow aged 40 years
BPL

 500 per month= 40-55 Yrs

750 per month= 55-60 yrs
1,000 per month = 60-75
1,500 per month= 75+
 Indira Gandhi National Disabled Pension
• 24 November,
2009(Central)

 BPL
18 years +
 750 rs= 18 – 55 (female)
          = 18- 58 (male)
1,000 rs = till 75
1,250 rs = above 75
Leprosy = 1500rs
Mukhya Mantri Old Age Samman Pension
• राज्य सरकार
 Old age - female - 55+
              male – 58+
 750 rs = till 75
1000 rs = above 75
Mukhya Mantri Ekal Nari
Samman Pension
• राज्य सरकार
Widow, divorced, Abandoned Women
500 rs = 18-55
750 rs = 55-60
1000 rs = 60-75
1500 rs = 75+
 Mukhya Mantri Vishesh Yogyajan Samman

 750 rs
= 18 – 55 (female)
= 18- 58 (male)
1,000 rs = till 75
1,250 + = above 75
1500rs = Leprosy and Sicosis
 Small and Marginal Older Farmer's Samman
 Age = 55+ (Female)
58+ (Male)
Till 75 = 750
Above 75 =1000rs

राजस्थान सरकार पालनहार योजना:-
• प्रत्येक अनाथ बच्चे की प्रारंभिक शिक्षा के लिए 500रू. प्रतिमाह एवं स्कूल में दाखिल होने पर 6 से 18 वर्ष तक 1000रू. दिए जाएंगे।
• इसके अतिरिक्त प्रत्येक संतान के वस्त्र, जूते मौजे,स्वेटर इत्यादि के लिए 2000रू. वार्षिक एक बार अतिरिक्त देय होंगे।
• अनाथ बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति को यह सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री हुनर विकास योजना:-
• सरकारी एवं अनुदानित बाल गृह के बालको तथा
पालनहार योजना के अंतर्गत लाभान्वित बालको को मुख्यधारा में लाने हेतु शुरू की गई।
• तकनीकी प्रशिक्षण एवं उच्च शिक्षा की सुविधा दी जाती है।

डॉक्टर सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातींय विवाह:-
• अनुसूचित जाति (SC) और स्वर्ण हिन्दू के द्वारा शादी करने पर प्रति युगल ( Couple) 5 लाख रूपये दिए जाते हैं।

अंत्येष्टि अनुदान योजना:-
लावारिस शव के शवाधान हेतु NGO को 5000 रूपये दिए जाते हैं।

वृद्ध कल्याण योजना:-
राज्ये के 22 जिलो में 45 वृद्धाश्रम संचालित।

नवजीवन योजना:-
शराब निर्माण, भंडारण, बिक्री से सम्बन्धित कार्यों में संलिप्त समुदायों को मुख्यधारा में लाने हेतु शुरू की गई।

विशेष योग्यजन हेतु राजस्थान सरकार के प्रयास:-
• 2011 में विशेष योग्यजन हेतु विभाग बनाया गया।
• विशेष योग्यजन छात्रवृत्ति योजनाः- राजकीय मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में नियमित अध्ययनरत विशेष योग्यजन छात्रों को जिनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रू. से कम हो, छात्रवृत्ति दी जाती है।
• मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजनाः- ऐसे विशेष योग्यजन जिनकी पारिवारिक वार्षिक 2 लाख रू. तक हैं, को 5 लाख रू. तक का ऋण दिया जाता हैं।
राज्य सरकार द्वारा 50 हजार रू. अथवा ऋण राशि का 50%, जो भी कम हो अनुदान दिया जाता हैं।
• सुखद दाम्पत्य योजनाः- विशेष योग्यजन को विवाह
पश्चात 50 हजार रू. की वित्तीय सहायता एवं आयोजक को 20 हजार रू. की सहायता प्रदान की जाती है।
• कृत्रिम अंग/उपकरण हेतु आर्थिक सहायताः- गैर आयकर दाता विशेष योग्यजनों को इसके लिए 10 हजार रू. तक की आर्थिक सहायता दी जाती हैं।

सिलिकोसिस नीति 2019:-
• राजस्थान सरकार ने 3 अक्टूबर 2019 को सिलिकोसिस नीति प्रारम्भ की। 
• इसके अन्तर्गत सिलिकोसिस पीड़ित व्यक्ति को आर्थिक मदद के साथ-2 ऐसे कार्य स्थल एवं श्रमिकों की पहचान, पुर्नवास, बीमारी की रोकथाम व नियंत्रण के उपाय अपनाये जाएगें।
• • इस नीति के अंतर्गत सिलिकोसिस पीड़ित के पुनर्वास के लिए ₹3लाख जबकि उसकी मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को ₹2लाख की सहायता प्रदान की जाती है।

सिलिकोसिस क्या है?
सिलिकोसिस फेफड़ों की एक बीमारी है जो सिलिका के छोटे-छोटे कणों के साँस के माध्यम से शरीर के भीतर प्रवेश करने से होती है।
स्थायी शारीरिक विकलांगता प्रदान करने की क्षमता के कारण सिलिकोसिस को लाइलाज बीमारी के रूप में देखा जाता है।
यह प्रायः खनन क्षेत्र, काँच निर्माण, भवन निर्माण उद्योग आदि क्षेत्रों में कार्यरत लोगों में होती हैं।
इसके निदान के संदर्भ में सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि रोगी तपेदिक से पीड़ित है या सिलिकोसिस से‌।

राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार नियम 2018 
• दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के क्रियान्वयन हेतु राजस्थान राजपत्र में 24 जनवरी 2019 को राज्य सरकार द्वारा इस नियम को प्रकाशित किया गया।
• इसके तहत दिव्यांगजन को सरकारी सेवाओं में आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% किया गया।

आस्था योजना:-
ऐसे परिवार जिनमें दो या दो से अधिक व्यक्ति 40% से अधिक विशेष योग्यजन है, उन परिवारों को आस्था कार्ड जारी किए जाते हैं, जिससे उन्हें बीपीएल के समान सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।

राज्य स्तरीय पुरस्कार योजना:-
• अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस 3 दिसंबर को विशेष योग्यजन क्षेत्र में कार्यरत उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को ₹10000 एवं संस्थाओं को ₹15000 की पुरस्कार राशि एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किए जाते हैं।

अल्पसंख्यकों के लिए राजस्थान सरकार के प्रयास:-
• राज्य में 78.18 लाख अल्पसंख्यक समुदाय की जनसंख्या है, जो राज्य की कुल जनसंख्या 6.85 करोड़ का 11.4% है। (जनगणना 2011 के अनुसार)
• उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति:- अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय ₹200000 तक हो एवं गत परीक्षा में कम से कम 50% अंक अर्जित किए को उच्च शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
• मेरिट कम मींस छात्रवृत्ति योजना:- अभिभावक की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए हो, ऐसे अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को उच्च/तकनीकी/ व्यवसायिक शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
• अनुप्रति योजना:-
• छात्रावास सुविधा:-
•** प्रधान मंत्री जन विकास कार्यक्रम:- अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विकास के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए 16 जिलों के 2 जिला मुख्यालय, 5 ब्लॉक एवं 17 कस्बों में आर्थिक, चिकित्सा, शैक्षणिक एवं कौशल विकास के कार्य करवाये जाते हैं।
राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) के माध्यम से अल्पसंख्यकों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (RMFDCC) द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार हेतु रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध करवाता है।

मदरसा आधुनिकीकरण योजना:-
• 15 लाख प्राथमिक स्तर के लिए।
• 25 लाख उच्च प्राथमिक स्तर के लिए।
• राज्य सरकार 90 : मदरसा 10

महिला सशक्तीकरण संबंधित प्रयास:-
महिला विकास कार्यक्रमः- महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रूरने एवं सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने हेतु उन्हें सशक्त बनाने के लिए ग्राम स्तर पर 'साथिन' मुख्य मार्गदर्शक के रुप में कार्य कर रही हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा द्वारा एक साथिन का चयन किया जाता है।

सामूहिक विवाह योजनाः- बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं व्यक्तिगत विवाहों पर होने वाले व्यय को कम करने
के लिए यह योजना चलाई जा रही हैं। इसके अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा 8,000 रूपये प्रति जोड़े की
दर से अनुदान दिया जाता हैं। 
***बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ योजनाः-
• शुरूआत - 22 जनवरी, 2015
• मुख्य उद्देश्य:- लड़कियों को सशक्त करना और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना, बालिका के जन्म से पहले और बाद में होने वाले भेदभाव का विरोध करना।
• 8 मार्च 2018 से यह योजना राजस्थान के सभी जिलों में चलाई जा रही हैं।

जेंडर प्रकोष्ठ:- लैगिक परिप्रेक्ष्य में विभिन्न विभागों के बजट की समीक्षा हेतु सचिवालय के रूप में कार्य करता हैं।

महिला संरक्षणः- महिला संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा निम्न कार्यक्रम क्रियान्वित किए जा रहे हैं-
1. महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र
2.24 घण्टे की महिला हेल्पलाईन
3. घरेलू हिंसा महिला संरक्षण अधिनियम, 2005
4. महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उतपीड़न से संरक्षण अधिनियम 2013
5. राजस्थान डायन प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2015 एवं 2016
6. अपराजिता/सखी वन स्टॉप सेंटर
7. जिला महिला सहायता समिति

मुख्यमंत्री राजश्री योजना:-
• शुरू -1 जून 2016
• उद्देश्य - बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उन्हें शिक्षितं एवं संशक्त बनाना‌।
इस योजना के तहतु बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य एवं देखभाल के लिए अभिभावक को 6 किस्तों में ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
पात्रता:-
• ऐसी बालिका जिनका जन्म किसी सरकारी अस्पताल अथवा जननी सुरक्षा योज़ना में रजिस्टर्ड निजी चिकित्सा संस्थानों में हुआ हो।
1 जून 2016 के बाद जन्मी बालिकाओं को लाभ मिलेगा।
• उनको भी लाभ मिलेगा जिनकी तीसरी संतान बालिका हो।
पहली किस्त - बेटी के जन्म पर ₹2500
दूसरी किस्त - 1 वर्ष का टीकाकरण होने पर ₹2,500
तीसरी किस्त - पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर ₹4,000
चौथी किस्त - कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर ₹5,000
पांचवी किस्त - कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर ₹11,000
छठी किस्त - कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर ₹25000

***आई एम शक्ति फंड:-
• 18 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा  1,000 करोड़ रुपए की आई एम शक्ति फंड (इंदिरा महिला शक्ति निधि) स्थापित की गई।
• उद्देश्य:- महिला सशक्तिकरण
• इस फंड के तहत मुख्य रूप से तीन कार्य किए जाएंगे - (i) उद्यम हेतु ऋण अनुदान (ii) कौशल संवर्धन एवं प्रशिक्षण (iii) जागरूकता सम्मान।

आई एम शक्ति फंड के अंतर्गत योजनाएं/फंड:-
• इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना - इसके तहत महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूह को 1 करोड़ रुपए तक का ऋण प्रदान किया जा सकता हैं।
• इंदिरा महिला शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना - 75,000 महिलाओं और युवतियों को निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण।
• इंदिरा महिला शक्ति लेखा प्रशिक्षण योजना - 5000 महिलाओं को लेखा प्रशिक्षण (Accounts training) दिया जाएगा।
• इंदिरा महिला शक्ति शिक्षा सेतु योजना:- ड्रॉपआउट बालिकाओं और शिक्षा से वंचित रही महिलाओं को
राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से पढ़ाई के लिए फीस का प्रावधान  किया गया है।
इसके तहत 50,000 बालिकाओं और महिलाओं को लाभ मिल सकेगा 
• इंदिरा महिला शक्ति कौशल सामर्थ्य योजना - 10000 महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण।

अमृता हाट:- महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शन एवं विपणन (Marketing) के अवसर प्रदान करना। 
• उद्देश्य - महिलाओं का आर्थिक एवं सामाजिक करना।

बीस सूत्री कार्यक्रम (बीसूका):- 2006
बीस सुत्री कार्यक्रम 1975 में प्रारम्भ किया गया एवं वर्ष 2006 में संशोधित किया गया।
यह कार्यक्रम 1 अप्रैल, 2007 से लागू किया गया।
इसके तहत गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, परिवार कल्याण, पर्यावरण संरक्षण संबंधी, शहरी निर्धन परिवारों को सहायता आदि कार्यक्रम चलाए जाते हैं।

राजस्थान बजट 2021-22 में घोषणाएं:-
• अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए 'राजस्थान पैटर्न' लागू किया जाएगा। इसके अंतर्गत Rajasthan Scheduled Caste and  Scheduled Tribe Development कानून बनाया जाएगा।
• मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
• अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना
• SC, ST, OBC व Minority के समावेशी विकास हेतु प्रत्येक वर्ग के लिए 100 करोड रुपए के विकास कोष का गठन किया जाएगा।
•  ट्रांसजेंडर्स के लिए 10 करोड़ रुपए का उत्थान कोष बनाया जाएगा।
देवनारायण योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का पैकेज दिया जा रहा है। साथ ही आगामी वर्ष में एमबीसी के लिए तीन छात्रावासों का निर्माण करवाया जाएगा।

• प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु व अर्द्धघुमन्तु समुदाय (जैसे - गाड़िया लुहार, बंजारा, सांसी, बावरी, भाट, नट तथा मदारी, सपेरा, बहरूपिये आदि) के उत्थान हेतु Denotified Tribes (DNT) Policy लायी जायेगी, जिसके अंतर्गत-
DNTS के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये के कोष की स्थापना की जायेगी।
इनके पारम्परिक कला एवं उद्यम हेतु 5 करोड़ रुपये की राशि से DNT Research and Preservation Centre बनाया जाएगा।
• विशेष योग्यजन:-
राज्य के ऐसे विशेष योग्यजन, जो वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, उनके परिवारों को बीपीएल के समकक्ष माना जायेगा।
• कक्षा 1 से 4 तक तथा कक्षा 5 से 8 तक के विशेष योग्यजन विद्यार्थियों को मिलने वाली वर्तमान छात्रवृत्ति को क्रमशः 40 से बढ़ाकर 500 रुपये एवं 50 से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
• कॉलेज जाने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं तथा रोजगार हेतु अपने कार्यस्थल पर जाने के लिए युवाओं को 2000 स्कूटी दी जायेंगी।
बच्चों में नशे की प्रवृत्ति रोकने तथा उन्हें ऐसी  परिस्थितियों से बाहर निकालने के लिए नेहरू बाल संरक्षण कोष के तहत सभी संभाग मुख्यालयों पर समेकित बाल पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।
अनाथ एवं उपेक्षित बच्चों की देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर गोरा धाय ग्रुप पोस्टर केयर का संचालन किया जाएगा।
• आंगनबाड़ियों की दशा सुधारने के लिए 25,000 आंगनबाड़ियों को चरणबद्ध रूप से 'नंद घर योजना' में शामिल किया जाएगा।
• महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने एवं काउंसलिंग के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर इंदिरा महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
• महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए जाने के लिए राजीविका के ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री की 1 लाख रुपए तक की सीधी सरकारी खरीद का प्रावधान 'अमृता सोसाइटी' की तर्ज पर किया जाएगा।
• जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 250 मां-बाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

जनजाति उपयोजना, सहरिया व माडा क्षेत्र के 45 हजार जनजाति परिवारों को उनके द्वारा संगृहीत लघु वन उपजों का मूल्य संवर्धन कर, मार्केटिंग के बेहतर अवसर सृजित करने के लिए 50 वनधन केन्द्रों का गठन किया जायेगा।
• शहीद आदिवासियों की स्मृति में भव्य मेमोरियल बनाने के लिए मैंने वर्ष 2013 में लीलूडी बडली शहीद स्मारक का गांव भूला-सिरोही में शिलान्यास किया था, लेकिन अभी तक इस कार्य को पूरा नहीं किया जा सका है। अब इसे पूरा किया जाएगा।
शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं एवं अविवाहित शहीद सैनिकों के माता-पिता को वर्तमान में देय सम्मान भत्ता 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह किया जायेगा।
 साथ ही, शहीद सैनिकों के आश्रित माता-पिता
के भरण-पोषण के लिए वर्तमान 3 लाख की FD (Fixed Deposit) को बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाएगा।
प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके आश्रितों को देय सम्मान पेंशन राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार प्रतिमाह की जायेगी। 

नोट:- किसी भी प्रकार की अपडेट के लिए www.devedunotes.com को देखें। (क्योंकि PDF शेयर करने के बाद PDF में कुछ नहीं किया जा सकता है।
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