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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी। फरवरी 2021

   Environment and Ecology


पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी फरवरी 2021

Environment and Ecology.

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2 फरवरी
नदी और तालाब आदि की खराब स्थिति के चलते 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर में आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए। 
• प्रतिवर्ष 2 फरवरी को आर्द्रभूमि के प्रति जागरूकता के लिए विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2021 की थीम:- ‘Wetlands and Water’
विश्व वेटलैंड्स दिवस कब मनाया जाता है ? - 2 फरवरी
• भारत में लगभग 4.6% भूमि आर्द्रभूमि है, जिनका क्षेत्रफल 1.526 करोड़ हेक्टेयर है और 42 आर्द्रभूमि अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों (रामसर स्थल) के रूप में नामित हैं, जिनका क्षेत्रफल 10.8 लाख हेक्टेयर है।

उत्तराखंड में हिमालय के शिवालिक रेंज में पाए जाने वाले वृक्षों की 210 से अधिक प्रजातियों के संरक्षण के लिए, 'शिवालिक अरबोरिटम' नाम का इस प्रकार के पहले वनस्पति उद्यान का उद्घाटन किया गया है।

चेन्नई में भारत का पहला वेटलैंड संरक्षण प्रबंधन केंद्र स्थापित किया गया है।

भारत लाल पांडा की दोनों प्रजातियों का वास स्थल
भारतीय प्राणी-विज्ञान सर्वेक्षण (ZSI) के अध्ययन के अनुसार भारत लाल पांडा की दोनों (उप) प्रजातियों ‘हिमालयन रेड पांडा’ (Ailurus fulgens) और ‘चीनी लाल पांडा’ (Ailurus styani) का वास स्थल है।
• लाल पांडा (Ailurus fulgens) एक स्तनपायी प्रजाति है, जो पूर्वी हिमालय और दक्षिण-पश्चिमी चीन में पाई जाती है। लाल पांडा भारत के चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में पाया जाता है।
• यह पेड़ो में निवास करता है और मुख्य रूप से बांस से आहार लेता है, लेकिन अंडे, पक्षी और कीड़े भी खाता है। यह एक एकान्तप्रिय जानवर है, जो मुख्य रूप से रात में सक्रिय होता है, और दिन के दौरान मुख्य रूप से निष्क्रिय रहता है।
• IUCN रेड लिस्ट में लाल पांडा को ‘संकटग्रस्त’ (Endangered) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। 

7 फरवरी की सुबह उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के तपोवन क्षेत्र में नंदा देवी ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने के बाद ऋषिगंगा बिजली परियोजना में ग्लेशियर फट गया और अलकनंदा नदी में ऋषिगंगा बांध को नुकसान पहुंचा।
• आमतौर पर ग्लेशियर सर्दी में टूटता नहीं है इसलिए यह प्राकृतिक नहीं मानवीय आपदा है।

ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट स्थित है ? - ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट उत्तराखंड के चमोली के रैणी गांव में स्थित है।
यह एक प्राइवेट प्रोजेक्ट है।

मंदारिन बतख
8 फरवरी, 2021 को असम के तिनसुकिया जिले में मगुरी-मोटापुंग बील (Maguri-Motapung beel) या आर्द्रभूमि में तैरती हुई दुर्लभ मंदारिन बतख (Mandarin duck) देखी गई।
मंदारिन बतख या 'ऐक्स गैलेरिकुलता' (Aix galericulata) की पहचान सबसे पहले स्वीडिश वनस्पतिशास्त्री, चिकित्सक और प्राणी विज्ञानी कार्ल लीनियस ने 1758 में की थी।
इसे दुनिया में सबसे सुंदर बतख माना जाता है, यह छोटा-विदेशी दिखने वाला पक्षी पूर्वी एशिया में पाया जाता है।
आईयूसीएन द्वारा इसे ‘संकटमुक्त’ (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है।

हाल ही केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में पांचवें टाइगर रिजर्व के निर्माण के लिए अपनी मंजूरी दी है। यह मेघमलाई और श्रीविल्लीपुथुर ग्रिजल्ड स्क्वैरेल वन्यजीव अभयारण्य के तहत बनेगा।
यह भारत का 51 वां बाघ अभयारण्य होगा।

उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग
केंद्रीय कृषि मंत्री ने 9 फरवरी, 2021 को लोक सभा को उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के बारे में जानकारी दी।
• 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 (खरीफ 2020 तक) के दौरान देश में रासायनिक उर्वरकों (उर्वरक उत्पादों जैसे यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट; म्यूरेट ऑफ पोटाश; मिश्रण और सिंगल सुपर फॉस्फेट) की खपत क्रमशः 54.38, 56.21, 59.88 और 33.85 मिलियन टन है।
सरकार ने देश में मृदा परीक्षण आधारित उर्वरकों के संतुलित और विवेकपूर्ण अनुप्रयोग को बढ़ावा देने के लिए एक ‘राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिशन’ शुरू किया है।
इसी प्रकार, देश में परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) और उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन (MOVCD-NER) के तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

देश का पहला वज्रपात अनुसंधान परीक्षण केंद्र
5 फरवरी 2021 को भारत के मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ओडिशा के बालासोर में देश का पहला वज्रपात अनुसंधान परीक्षण केंद्र (Thunderstorm research testbed) होगा।
उद्देश्य:- आकाशीय बिजली गिरने से होने वाले जानमाल के नुकसान को रोकना।
• ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में हर साल अप्रैल और जून के बीच आकाशीय बिजली गिरने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है।
• आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा को अक्सर भारतीय उपमहाद्वीप में चक्रवातों की सटीक भविष्यवाणी के लिए 'सायक्लोन मैन ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है।

मोनाल पक्षी पाया जाता है ?
मोनाल हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाला पक्षी है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में इसके पंख वाली टोपी पहनने पर रोक लगाई गई है। मोनाल हिमाचल का राजकीय पक्षी रहा है। वहां इसके पंख वाली टोपी पहनने की परंपरा है।

एक विशालकाय मछली कोएलाकैंथ के जीवाश्मों की खोज
फरवरी 2021 में 'क्रिटेशियस रिसर्च' (Cretaceous Research) में प्रकाशित शोध के अनुसार ब्रिटेन के जीवाश्म विज्ञानियों ने डायनासोरों से भी पूर्व की एक विशालकाय मछली ‘कोएलाकैंथ’ (coelacanth) के जीवाश्मों की खोज की है।
• उन्होंने 66 मिलियन वर्ष पुराने इस जीवाश्म को क्रिटेशियस युग का बताया है।

केरल में वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और फोटोग्राफरों की एक टीम ने "स्नेकपीडिया" नामक मोबाइल एप लॉन्च किया है, जो साँपों पर सभी प्रासंगिक जानकारी पेश करेगा।

गुलाबी नमक 
पाकिस्तान सरकार ने हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले गुलाबी साल्ट की जीआई टैगिंग कराने का फैसला किया है। गुलाबी नमक को सेंधा नमक या हिमालयन साल्ट भी कहा जाता है।
• जीआई टैग किसी क्षेत्र के उत्पाद की उत्पत्ति को पहचानने के लिए एक संकेत या प्रतीक होता है।

सबसे पुराने जानवर का जीवाश्म
मध्यप्रदेश के भीमबेटका में दुनिया के सबसे पुराने जानवर का जीवाश्म मिला है। यह 57 करोड़ साल पुराना है। इसका नाम डिकिनसोनिया है।

SAVE WATER

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