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साइंस एंड टेक्नोलॉजी जनवरी 2021

   Science and technology


साइंस एंड टेक्नोलॉजी जनवरी 2021

Science and technology January 2021

स्टेग्नोग्राफी तकनीक
यह कंप्यूटरीकृत प्रणाली है, जिसमें एक फोटो के अंदर दूसरी फाइल को छुपा दिया जाता है। अक्सर फोटो की डिजाइन ऐसे होती है, जो अलग-अलग रोशनी पड़ने के साथ ही अंक के रूप में नजर आने लगती है। तकनीक के जानकार उन अंकों को लिखकर उस मैसेज को पढ़ने का काम करते हैं।
• इस तकनीक का सबसे ज्यादा प्रयोग दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी ओसामा बिन लादेन ने किया।

रूथेनियम 106 पट्टिका
भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र (BARC) ने ‘नेत्र संबंधी ट्यूमर’ (Ocular Tumours) के इलाज के लिए पहली देशज ‘'रूथेनियम 106 पट्टिका के रुप में आंखों के कैंसर के उपचार की पद्धति विकसित की है।
• नेत्र संबंधी ट्यूमर आंख के अंदर का ट्यूमर हैं। ये कोशिकाओं का संग्रह होते हैं, जो असामान्य रूप से बढ़ते हैं और इकट्टा हो जाते हैं।
रूथेनियम पट्टिका चिकित्सा में कैंसर थेरेपी के लिए नेत्र-गोलक की सतह के संपर्क में रूथेनियम -106 (एक रेडियो आइसोटोप) जैसे रेडियोधर्मी स्रोत को नियत किया जाता है।
• रूथेनियम 106:- 'रूथेनियम 106’ दुर्लभ भारी धातु ‘रूथेनियम का एक रेडियोधर्मी रूप है, जो प्लैटिनम के समान 'प्लैटिनम समूह' की धातु है।
रूथेनियम 106 परमाणु विखंडन रिएक्टरों में प्रयुक्त यूरेनियम के प्रकार यूरेनियम -235 के विखंडन या विभाजन से उत्पन्न होता है, इसलिए यह खर्च किए गए परमाणु ईंधन में पाया जाता है।
यह कैंसर विकिरण चिकित्सा में प्रयोग किया जाता है, विशेष रूप से आंख और त्वचा के ट्यूमर के लिए।

3 जनवरी को दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक कि कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दी है।
नोट:- भारत बायोटेक कि कोवैक्सीन पूरी तरह स्वदेशी है। (मेड इन इंडिया)
हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर इस टीके को विकसित किया है।
इसे टीका बनाने की पुरानी तकनीक पर तैयार किया गया है। इसमें लाइव वायरस को निष्क्रिय कर टीका विकसित किया जाता है। जिससे स्ट्रेन बदलने के बाद भी यह वायरस के खिलाफ कारगर है।

कोविशील्ड
कोवैक्सीन
ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को भारत से पहले ब्रिटेन, अर्जेंटीना व अल सल्वाडोर में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है।
भारत में वैक्सीन का निर्माण पुणे स्थित सीरम इस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है।
कैसे बनी:- इस वैक्सीन का विकास कॉमन कोल्ड एडेनेवायरस से किया गया है। चिंपांजी को संक्रमित करने बाले इस वायरस में बदलाव किए गए हैं, ताकि
मनुष्यों को संक्रमित न कर सके।
परीक्षण :- वैक्सीन का 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 23,745 लोगों पर परीक्षण किया गया। परीक्षण के दूसरे चरण गें एक हजार लोगों को शामिल किया
गया था, जिसके आंकड़े दूसरे देशों में हुए परीक्षण के आंकडों से मेल खाते हैं।
प्रभाव :- कोविशील्ड कुल मिलाकर 70.42% प्रभावी पाई गई है। यह मॉडर्ना और फाइजर से कम प्रभावी आंकी गईं है, लेकिन कई नियामक किसी वैक्सीन
के लिए सिर्फ 50% प्रभावी होना अनिवार्य मानते हैं। 
कब तक करेगी काम :- चार से छह सप्ताह के अंतराल में कोविशील्ड की दो खुराक दी जाएगी। इम्यून एक साल तक काम करेगी। इसे 2-8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है।
कीमत :- सीरम इंस्टीट्यूट सरकार को 400 रुपये में वैक्सीन उपलब्ध कराएगी, जबकि बाजार में 700-800 रुपये में मिलेगी।

इसका विकास भारतीय चिकित्सा परिषद (आइसीएमआर) और हैदराबाद स्थित
भारत बायोटेक ने संयुक्त रूप से किया है।
कैसे बनी :- इसके निर्माण में मृत कोरोना वायरस का इस्तेमाल किया गयाहै, ताकि वह लोगों को नुकसान न पहुंचाए।
यह वैक्सीन शरीर में प्रवेश करने के बाद कोरोना संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी पैदा करती है।
प्रभाव :- कोवैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है।
हालांकि, इसके तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है और इसी वजह से प्रभाव संबंधी कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
इसके पहले और दूसरे चरण के परीक्षण में 800 लोग शामिल रहे, जिन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। तीसरे चरण के परीक्षण में देशभर में 22.5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हैं।
खुराक व प्रभाव :- दो हफ्ते के अंतराल में कोवैक्सीन की दो खुराक दी जाएगी।
इसे 2-8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है।
कीमत :- हालांकि, वैक्सीन की आधिकारिक कीमत अभी नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसकी कीमत 350 रुपये हो सकती है।


भारत कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन को आइसोलेट करने वाला पहला देश बना है।
हाल ही ब्रिटेन में 2 हफ्ते पहले कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन सामने आया था।

प्रश्न.एक साथ दो टीकों को मंजूरी देने वाला पहला देश बना है ? - भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जनवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नेशनल मेट्रोलॉजी कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
इस दौरान नरेंद्र मोदी ने 4 जनवरी को नेशनल एटॉमिक टाइमस्केल और भारतीय निर्देशक द्रव्य प्रणाली देश को समर्पित की।
इनके जरिए सेकंड के अरबवें हिस्से को मापने से लेकर अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता वाली सामग्री के उत्पादन में मदद मिलेगी।
नेशनल एटॉमिक टाइमस्केल:- इस प्रणाली के जरिए भारतीय मानक समय का निर्धारण 2.8 नैनो सेकंड की सटीकता के साथ किया जा सकेगा।
भारतीय निर्देशक द्रव्य:- इस प्रणाली के जरिए धातु, कीटनाशक, दवा व कपड़ा उद्योग को गुणवत्ता युक्त उत्पाद बनाने में मदद मिलेगी।

हाल ही कौनसा देश सेकंड के अरबवें हिस्से को मापने में सक्षम हुआ है ? - भारत

जापान ने अंतरिक्ष में कचरे की समस्या से निपटने के लिए 2023 तक दुनिया का पहला लकड़ी से बना अंतरिक्ष उपग्रह लॉन्च करने की घोषणा की है। 

पाकिस्तानी सेना ने स्वदेशी रूप से विकसित गाइडेड मल्टी लॉन्च रॉकेट सिस्टम, फतह -1 का सफल उड़ान परीक्षण पूरा किया है। 

MRSAM मिसाइल
हाल ही भारत और इज़राइल ने मध्यम दूरी की सतह से हवा में हमला करने वाली मिसाइल (Medium-Range Surface-to-Air Missile) रक्षा प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। MRSAM मिसाइल डिफेंस सिस्टम को DRDO और इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा संयुक्त रूप से दुश्मन देशों द्वारा हवाई हमले से निपटने के लिए विकसित किया गया है।

स्वस्थ वायु क्या है ?
स्वस्थ वायु वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद व राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला द्वारा तैयार किया गया
स्वदेशी वेंटिलेटर है। इसमें HEPA फिल्टर का प्रयोग किया गया है।

बर्ड फ्लू
हाल ही राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं।
क्या है बर्ड फ्लू या एवियन इनफ्लुएंजा
बर्ड फ्लू को एवियन इंफ्लूएंजा भी कहते है। यह एक संक्रामक रोग है, जो सामान्यतः पक्षियों (मुर्गा-मुर्गी, कौआ, ...) में होता है।
• इनफ्लुएंजा के 11 वायरस हैं, जो इंसानों को संक्रमित करते हैं। लेकिन इनमें से सिर्फ पांच ऐसे हैं जो इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं. ये हैं- ये हैं- H5N1, H7N3, H7N7, H7N9 और H9N2
बर्ड फ्लू पक्षियों के जरिए ही इंसानों में फैलता है। 
लक्षण:- बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम, मांसपेशियों व शरीर में दर्द, थकान, सर दर्द।
• फरवरी 2005 में बर्ड फ्लू का H5N1 वायरस महाराष्ट्र व गुजरात में फैला था।
• केरल में बर्ड फ्लू को राजकीय आपदा घोषित किया गया है।
केरल में बर्ड फ्लू के एच5एन8 स्ट्रेन को नियंत्रित करने के लिए मुर्गे-मुर्गियों और बत्तखों को मारा जा रहा है।
नोट:- एवियन इनफ्लुएंजा मल, लार व संक्रमित पक्षी के स्त्राव के जरिए इंसानों में फैलता है।
• भारत में अभी तक इंसान से इंसान में बर्ड फ्लू के प्रसार का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया है।

डिजीज एक्स
डिजीज एक्स अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। इबोला के खोजकर्ता डॉक्टर जीन जैक्स मुएंब तामफम ने इस बारे में चेताया है। इसका संक्रमण बहुत तेजी से फैलेगा।
हाल ही में कांगो के इंगेंड में एक महिला मरीज में बुखार सहित कई लक्षण पाए गए हैं। डॉक्टर इसे डिजीज एक्स का पहला मरीज मान रहे हैं।

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री हर्षवर्धन ने चेन्नई बंदरगाह पर तटीय अनुसंधान वाहन "सागर अन्वेषिका" का जलावतरण किया है। 

83 तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी
13 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति ने देश में ही बने 83 तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है।
इस सबसे बड़ी स्वदेशी रक्षा खरीद के तहत करीब 48,000 करोड रुपए की लागत से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित फोर प्लस श्रेणी के 73 लड़ाकू तेजस विमान और 10 ट्रेनर विमान खरीदे जाएंगे।
तेजस की विशेषता:-
• 2,222 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम।
• 43.4 फीट लंबा और 14.9 फीट ऊंचा है।
• हवा से हवा में मार करने वाली 6 तथा हवा से जमीन पर मार करने वाली दो तरह की मिसाइलें की जा सकती है तैनात।
• एक बार में 54000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। 
• लेजर गाइडेड बम, ग्लाइड बम व कलस्टर वेपन भी लगाए जा सकते हैं।
• तेजस की अधिकतम गति 1.6 मैक है।
• यह विमान इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन किए गए सक्रिय एरे रडार (Active Electronically Scanned Array –AESA Radar), दृश्य सीमा से परे (Beyond Visual Range) मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक्षमता और एयर टू एयर रिफ्यूलिंग (Air to Air Refuelling) की महत्वपूर्ण परिचालन क्षमताओं से लैस है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा भारतीय सेना द्वारा संयुक्त रूप से भारत की पहली स्वदेशी ‘9 एमएम मशीन पिस्तौल’ विकसित की गई है, जिसका नाम ‘अस्मी’ (Asmi) रखा गया है।
अस्मी का अर्थ:- गर्व, आत्मसम्मान तथा कठिन परिश्रम है।

स्पेस लॉन्च सिस्टम क्या है ?
स्पेंस लॉन्च सिस्टम नासा द्वारा तैयार किया गया सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। इसकी मदद से नासा चंद्रमा की सतह पर पहली महिला अंतरिक्ष यात्री और अगले मैन मिशन की तैयारी कर रहा है। 
यह लंबी यात्राओं के लिए तैयार किया गया रॉकेट है जो पहले चंद्रमा और उसकी सफलता के बाद मंगल पर मानव मिशन की भूमिका तैयार करेगा।

किस भारतीय राज्य में वैनेडियम मिलने की संभावना है ?
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले में वैनेडियम के भंडार होने की संभावना जताई है। इसमें सफलता मिलने पर भारत वैनेडियम का प्रमुख उत्पादक बन सकता है। 
वैनेडियम मूल्यवान धातु है, जिसका उपयोग स्टील व टाइटेनियम को मजबूती देने के लिए किया जाता है।
इसका प्रतीक (V) है और इसका परमाणु क्रमांक 23 है।
• वैनेडियम का सबसे बड़ा भंडार चीन में है।

16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।
• देश का पहला टीका दिल्ली एम्स के सफाईकर्मी मनीष कुमार को लगाया गया।
• भाजपा सांसद महेश शर्मा टीका लगवाने वाले देश के पहले सांसद बने।

मोल क्या है ?
मोल नासा का एक प्रोब है, जो मंगल ग्रह में गहराई तक के तापमान का पता लगाने के लिए मंगल ग्रह पर खुदाई का काम कर रहा था। हाल ही में नासा ने इसे मृत घोषित कर दिया है। इसे इनसाइट लेंडर के साथ मंगल ग्रह पर तैनात किया गया था।

20 जनवरी 1957 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने देश के प्रथम परमाणु भट्टी (न्यूक्लियर रिएक्टर) अप्सरा का बॉम्बे में उद्घाटन किया है।

भारत रूस से 21 MiG-29 और 12 Sukhoi-30MKI लड़ाकू विमान खरीदेगा।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा-69ए के तहत चीनी एप्स पर लगाए गए प्रतिबंध जारी रहेंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 29 जून 2020 को 59 चीनी एप्स और सितंबर में 118 एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था।

25 जनवरी को डीआरडीओ ने स्वदेश में निर्मित मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली आकाश-एनजी (न्यू जेनरेशन) मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
विशेषताएं:- यह सतह से हवा में 70 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है।
• सबसोनिक और सुपरसोनिक लक्ष्यों को भेदने में सक्षम।
• वजन 270 किलोग्राम, लंबाई 19 फीट, रफ्तार 4321 किलोमीटर प्रति घंटा।

हाल ही SpaceX ने 143 छोटे उपग्रहों की ढुलाई वाले ट्रांसपोर्टर -1 नामक अपने राइडशेयर मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया और एक ही रॉकेट से कई उपग्रहों को लॉन्च करने का नया रिकॉर्ड बनाया है।
• SpaceX ने फरवरी 2017 में ISRO द्वारा 104 उपग्रहों को एक ही मिशन में लॉन्च करने का रिकॉर्ड तोड़ा है।

स्‍मार्ट एंटी एयरफील्‍ड वेपन (SAAW)
डीआरडीओ ने 21 जनवरी, 2021 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited- HAL) के हॉक-I विमान के जरिए स्वदेश में निर्मित ‘स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन’ (Smart Anti-Airfield Weapon- SAAW) का ओडिशा तट से कुछ दूर सफल ‘कैप्टिव एंड रिलीज’ उड़ान परीक्षण किया।
• इस स्मार्ट वेपन का HAL में निर्मित ‘भारतीय हॉक-एमके132 विमान’ (Indian Hawk-Mk132) से सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण किया गया।
डीआरडीओ द्वारा SAAW का यह नौवां सफल परीक्षण था।
• यह 125 किलोग्राम वजन श्रेणी का स्मार्ट वेपन है, जो कि स्थल पर शत्रु की एयरफील्ड सम्पत्तियों जैसे- रडार, बंकर, टैक्सी ट्रैक और रनवे को 100 किलोमीटर की दूरी से निशाना बना सकता है।

TCS विश्व का तीसरा मोस्ट वैल्यूएबल आईटी सर्विस ब्रांड बना है।

SAVE WATER

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