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अंतर्राष्ट्रीय संबंध दिसंबर 2020

  International relation 2020



अंतर्राष्ट्रीय संबंध दिसंबर 2020

International relation december 2020

अपनी 14वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चीन की ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने की योजना है। इससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न की जा सकती है।
वर्तमान में चीन का थ्री जॉर्ज बांध दुनिया का सबसे बड़ा बांध है।
गौरतलब है कि ट्रांस बॉर्डर नदी समझौते के अनुसार भारत और बांग्लादेश को ब्रह्मपुत्र का पानी इस्तेमाल करने का अधिकार मिला हुआ है।

हाइड्रोग्राफी क्रियान्वयन समझौता
हाल ही में भारत ने वियतनाम के साथ हाइड्रोग्राफी क्रियान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत दोनों देश हाइड्रोग्राफिक डाटा साझा करेंगे और नैविगेशनल चार्ट में एक-दूसरे की मदद करेंगे।

30 नवंबर को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने वर्चुअली 19वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस बैठक में भारत ने एक बार फिर चीन के बीआरआई प्रोजेक्ट में शामिल होने से इनकार कर दिया।

ब्रह्मपुत्र पुल
भारत ब्रह्मपुत्र नदी पर देश का सबसे लंबा पुल बना रहा है।
इससे भूटान, पूर्वोत्तर भारत और वियतनाम आपस में जुड़ जाएंगे।
19 किलोमीटर लंबा धुबरी-फुलबारी असम के धुबरी और मेघालय के फुलबारी को जोड़ेगा। इसका आखिरी किनारा भूटान में होगा।
यह पुल दो अंतर्राष्ट्रीय कॉरिडोर को जोड़ेगा।
1. भारत द्वारा शुरू किया गया भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय हाईवे।
2. जापान द्वारा शुरू किया गया ईस्ट वेस्ट इकोनामिक कॉरिडोर
यह पहल जापान ने थाईलैंड, लाओस व वियतनाम के साथ मिलकर शुरू की है।

बांग्लादेश ने किया पहला तरजीही व्‍यापार समझौता
6 दिसंबर, 2020 को बांग्लादेश ने अपने पहले ‘तरजीही व्यापार समझौते’ (Preferential Trade Agreement- PTA) पर भूटान के साथ हस्ताक्षर किए। बांग्लादेश का दुनिया के किसी भी देश के साथ यह पहला PTA है।
इसके तहत 100 बांग्लादेशी उत्पादों को भूटान में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा जबकि भूटानी 34 वस्तुओं को बांग्लादेश में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा।
1971 में बांग्लादेश के गठन के बाद उसे सबसे पहले मान्यता देने वाला देश भूटान ही था। उसके बाद भारत ने बांग्लादेश को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता प्रदान की थी।

भारत-उज्बेकिस्तान वर्चुअल शिखर बैठक
11 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जीयोएव के बीच शिखर बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दोनों देशों के बीच 9 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

15 दिसंबर 2020 को भारत, ईरान और उज्बेकिस्तान के बीच चाबहार पोर्ट के इस्तेमाल को लेकर बैठक आयोजित की गई।
भारत ने पहली बार इस पोर्ट के विकास में अफगानिस्तान के अलावा किसी दूसरे देश को शामिल करने पर आधिकारिक तौर पर बातचीत की है।
• भारत ने जनवरी 2021 में चाबहार दिवस मनाने का भी प्रस्ताव किया है।

भारत-बांग्लादेश आभासी शिखर सम्मेलन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 17 दिसंबर, 2020 को आयोजित ‘भारत-बांग्लादेश आभासी शिखर सम्मेलन’ में वर्चुअल माध्यम से वार्ता की।
• दोनों पक्षों ने ‘संयुक्त सीमा सम्मेलन’ की बैठक जल्द बुलाने पर सहमति जतायी ताकि इच्छामती, कालंदी, रमंगोल और हरियाभंगा नदियों से भूखंड के नक्शे तैयार किए जा सके।
• कुशियारा नदी के साथ अंतर्रष्ट्रीय सीमा को 'निश्चित सीमा' (fixed border) में बदलने के लिए आवश्यक कार्य शुरू किये जाने की घोषणा की गई ।
• दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के जन्म शताब्दी के अवसर पर भारत सरकार द्वारा जारी एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया। बंगबंधु पर एक बायोपिक का फिल्मांकन जनवरी 2021 में श्याम बेनेगल के निर्देशन में शुरू होगा।
इस दौरान बंगबंधु- बापू डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।
समझौते:- हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में सहयोग, उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भारतीय अनुदान सहायता संबंधित समझौता, सीमा–पार हाथी के संरक्षण संबंधी प्रोटोकॉल, कचरे/ठोस अपशिष्ट निपटान सुधार के लिए समझौता।
कृषि क्षेत्र में सहयोग, राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान स्मारक संग्रहालय, ढाका और राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली के बीच समझौता तथा भारत-बांग्लादेश सीईओ फोरम संबंधित समझौता।
• बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरफ से तीस्ता नदी जल बंटवारे का मुद्दा उठाया गया।
गौरतलब है कि तीस्ता नदी जल बंटवारे पर 2011 में ही सहमति बन गई थी लेकिन अभी तक समझौता नहीं हो पाया है।

• भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन वर्तमान में भारत में सिलीगुड़ी से बांग्लादेश में पारबतीपुर तक हाई-स्पीड डीजल आपूर्ति के लिए बनाई जा रही है।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च 2021 में बांग्लादेश की यात्रा करेंगे और बांग्लादेश की आजादी के 50 वर्ष पर होने वाले समारोहों में भाग लेंगे।

हल्दीबाड़ी - चिल्हाटी रेल लिंक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 17 दिसंबर, 2020 को आभासी द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के हल्दीबाड़ी और बांग्लादेश के चिल्हाटी के बीच एक रेलवे लिंक का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
• वर्ष 1947 में विभाजन के बाद भारत और तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (1965 तक) जो अब बांग्लादेश बन चुका है, के बीच 7 रेल संपर्क लाइनें मौजूद थीं।
इस समय भारत और बांग्लादेश के बीच 4 परिचालन रेल संपर्क लाइने हैं, जिनमें पेट्रापोल (भारत) - बेनापोल (बांग्लादेश), गेदे (भारत) - दर्शन (बांग्लादेश), सिंघाबाद (भारत) - रोहनापुर (बांग्लादेश), राधिकापुर (भारत) - बिरोल (बांग्लादेश) है।
हल्दीबाड़ी - चिल्हाटी रेल लिंक दोनों देशों के बीच पांचवी रेल संपर्क सेवा बन गई है। हल्दीबाड़ी - चिल्हाटी रेल संपर्क सेवा 1965 तक चालू थी, यह विभाजन के दौरान कोलकाता से सिलीगुड़ी तक ब्रॉड गेज मुख्य मार्ग का हिस्सा थी।
मई 2015 में रेलवे बोर्ड ने इस पूर्ववर्ती रेल लिंक को फिर से खोलने के लिए 2016-17 में हल्दीबाड़ी स्टेशन से चिल्हाटी बांग्लादेश तक 82.72 करोड़ रूपए की लागत से एक नई ब्राड गेज लाइन (3.5 किमी लंबाई) के निर्माण की मंजूरी दी थी।

स्वाधीनता सड़क किन दो देशों के बीच बनाई जा रही है ?
भारत और बांग्लादेश के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए स्वाधीनता सड़क का निर्माण किया जा रहा है। 26 मार्च 2021 तक इस सड़क के शुरू होने की संभावना है।

अगले वर्ष जी-7 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा ?
ब्रिटेन में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में भारत को भी आमंत्रित किया गया है। यह संगठन दुनिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का समूह है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका सदस्य है।

नेपाल में संसद भंग
20 दिसंबर को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने संसद को भंग कर दिया। आने वाली 30 अप्रैल और 10 मई 2021 को दो चरणों में मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की है।
275 सदस्यीय नेपाली संसद के वर्ष 2017 में आम चुनाव हुए थे।

लीजन ऑफ मैरिट पुरस्कार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी आगे ले जाने और भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में सक्षम नेतृत्व के लिए प्रतिष्ठित ‘लीजन ऑफ मैरिट’ (Legion of Merit) पुरस्कार प्रदान किया।

भारत-वियतनाम के नेताओं का वर्चुअल शिखर सम्मेलन
21 दिसंबर, 2020 को आयोजित ‘भारत-वियतनाम के नेताओं के वर्चुअल शिखर सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक के साथ बैठक की।
संयुक्त दृष्टिकोण को लागू करने के लिए वर्ष 2021-2023 अवधि की कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए गए।
शिखर सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों जैसे रक्षा, आईटी, शांति मिशन, परमाणु सुरक्षा, सौर ऊर्जा और कैंसर अनुसंधान संबंधित नौ समझौते किए गए।
सम्मेलन में की गई घोषणाएँ:- वियतनाम को भारत सरकार द्वारा दी गई 100 मिलियन डॉलर की रक्षा क्रेडिट लाइन के तहत वियतनाम बॉर्डर गार्ड कमांड के लिए 'हाई स्पीड गार्ड नौका विनिर्माण परियोजना के कार्यान्वयन की घोषणा।
'भारत - वियतनाम सभ्यता और सांस्कृतिक संबंध' पर एक विश्वकोश (Encyclopedia) तैयार करने के लिए द्विपक्षीय परियोजना के शुभारंभ।

रूस में अब किसी भी पूर्व राष्ट्रपति पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा। साथ ही राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद वे उच्च सदन के आजीवन सदस्य बन जाएंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हस्ताक्षर करते यह कानून लागू कर दिया है।

इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार गिर गई है। 22 दिसंबर को बजट पारित कराने के लिए गठबंधन के दोनों दलों में सहमत नहीं बनी। 23 मार्च 2021 को आम चुनाव होंगे जो कि देश में 2 साल के भीतर चौथे आम चुनाव है।

मानवाधिकार कार्यकर्ता करीमा बलूच का निधन
पाकिस्तानी सेना और बलूचिस्तान में सरकारी अत्याचारों के बारे में मुखर रहने वाली मानवाधिकार कार्यकर्ता (Human rights activist) करीमा बलूच 20 दिसंबर, 2020 को कनाडा के टोरंटो में मृत पाई गई। वे 37 वर्ष की थी।
• उन्होंने स्विट्जरलैंड में संयुक्त राष्ट्र के सत्र में बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया था। उन्हें 2016 में बीबीसी द्वारा दुनिया की 100 'सबसे प्रेरणादायक और प्रभावशाली' महिलाओं में से एक के रूप में नामित किया गया था।

आजाद बलूचिस्तान का सपना
हाल ही महिला एक्टिविस्ट और बलूच नेता करीमा बलूच की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ माना जा रहा है।
• बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 44% है, जो पिछले 70 वर्षों से पाकिस्तान से स्वतंत्रता की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि भारत के विभाजन से पूर्व 11 अगस्त 1947 को बलूचिस्तान आजाद होकर अधिकृत रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था लेकिन 27 मार्च 1948 को पाकिस्तानी सेना ने उस पर कब्जा कर लिया।
पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान में बलूचों का नरसंहार तथा मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है।
• बलूचिस्तान वैदिक संस्कृति से जुड़ा भारत का अटूट हिस्सा रहा है। बोलन नदी के किनारे मेहरगढ़ की सभ्यता सबसे प्राचीन मानी जाती है।
• हिंगोल नदी के तट पर हिंगलाज माता का मंदिर है, इसे नानी का मंदिर भी कहते है।
• महाजनपदकाल में यह गांधार जनपद का हिस्सा था।
• यहां के लोग बलूच और ब्राहुई भाषी है। 

ब्रेक्जिट
हाल ही दिसंबर 2020 में ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच पोस्ट ब्रेक्जिट डील हो गई है।
गौरतलब है कि 31 जनवरी 2020 को समूह से अलग होने के लिए ब्रिटेन ने समझौता किया था। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बाध्यकारी था। 
ब्रेक्जिट समझौते के तहत दोनों पक्षों को 31 दिसंबर 2020 से पहले व्यापार समझौता करना था। जो कि 1 सप्ताह पहले ही कर लिया गया है।
• इस समझौते को पोस्ट ब्रेक्जिट फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का नाम दिया गया है।
प्रावधान :-
दोनों पक्षों के बीच टैक्स फ्री व्यापार जारी रहेगा।
किसी प्रोडक्ट का कितना व्यापार होगा इसकी लिमिट नहीं होगी।
फिशिंग के मुद्दे पर सबसे ज्यादा तकरार हुई। पांच साल
के ट्रांजिशन पीरियड के बाद अपनी सीमा में ब्रिटेन का फिशिंग अधिकार दो-तिहाई हो जाएगा।
अभी यह आधा-आधा है।
नोट:- ईयू और ब्रिटेन के बीच समुद्र में मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर गतिरोध था। ब्रिटेन चाहता था, कि उसकी समुद्री सीमा में अन्य देशों के मछुआरे ना आएं।
डील के बावजूद दोनों की सीमा पर नए चेक पॉइंट्स बनाए जाएंगे ताकि कंपनियां बदलाव के लिए तैयार रहें।
ब्रिटेन अब स्टूडेंट्स के लिए चल रहे ईयू के इरेसमस एक्सचेंज प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लेगा।
इस डील के बाद ईयू अब ब्रिटेन का सबसे बड़ा व्यावसायिक साझेदार बन गया है।

बांग्लादेश में रोहिंग्या मुस्लिमों को बंगाल की खाड़ी में सुदूर स्थित एक निर्जन द्वीप भासनचार पर बसाया जा रहा है।
गौरतलब है कि म्यांमार में 2017 में सेना के अत्याचार के कारण लगभग 7.5 लाख रोहिंग्या भागकर बांग्लादेश आ 
गए थे।
बांग्लादेश के बाद पिछले कुछ वर्षों में अवैध रूप से भारत में दाखिल हो चुके हजारों रोहिंग्या शरणार्थी आज देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।

भारत नेपाल रेल परियोजना
नेपाल ने रक्सौल (भारत) से काठमांडू तक की फास्ट ट्रैक रेल मार्ग परियोजना को स्वीकृति दी है।
यह रेल लाइन 136 किलोमीटर लंबी होगी।

SAVE WATER

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