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अंतर्राष्ट्रीय संबंध नवंबर 2020

 International relation november 2020




अंतर्राष्ट्रीय संबंध नवंबर 2020

International relation november 2020

1 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिलगिट बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देने का ऐलान किया।

3 नवंबर, 2020 को ‘निवेश पर भारत-यूएई उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल’ की 8वीं बैठक भारत द्वारा वर्चुअल रूप से आयोजित की गई। 
दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए संयुक्त कार्यबल का गठन 2012 में किया गया। कार्यबल की सफलता के परिणामस्वरूप जनवरी 2017 में भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने ‘समग्र रणीनितक साझेदारी समझौता’ (Comprehensive Strategic Partnership Agreement) किया।

24वां मालाबार नौसैनिक युद्धाभ्यास
3 नवंबर से 6 नवंबर के बीच क्वाड देशों भारत अमेरिका जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच हिंद महासागर में मालाबार नौसैनिक युद्धाभ्यास का पहला चरण आयोजित किया गया
• मालाबार नौसैनिक युद्धाभ्यास की शुरुआत 1992 में भारत और अमेरिका के बीच हुई थी।
2015 में इसमें जापान शामिल हुआ। 
इस बार के अभ्यास में आस्ट्रेलिया भी शामिल हुआ।
• क्वाड के सभी सदस्य देश लोकतांत्रिक हैं और ये सभी चीन की विस्तारवादी नीति के विरोधी है।

मालाबार नौसैनिक अभ्यास में -
भारतीय नेवी की पनडुब्बियां  रणविजय, शिवालिक, शक्ति, सुकन्या और सबमरीन सिंधुराज भाग ले रहे हैं।
अमेरिकी नौसेना का जहाज - यूएसएस जॉन एस मैक्केन
ऑस्ट्रेलिया - एचएमएएस बालाघाट
जापान - जेएमएसडीएफ शिप

मालाबार अभ्यास 2020 का दूसरा चरण उत्तरी अरब सागर में 17 से 20 नवंबर 2020 तक आयोजित किया गया।

ऑपरेशन कैक्टस
श्रीलंका के लिट्टे उग्रवादियों ने 1988 में मालदीव में तख्तापलट की कोशिश की थी।
3 नंबर 1988 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन कैक्टस चलाया और मालदीव को मुक्त कराया।

मिशन सागर 
प्रधानमंत्री के सुरक्षा और क्षेत्र में सभी के लिए विकास (Security and Growth for All in the Region - SAGAR) के दृष्टिकोण के अनुसार शुरू किया गया है।
मिशन सागर- I के तहत मई-जून 2020 के दौरान भारत सरकार ने भारत ने मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स, मेडागास्कर और कोमोरोस को भोजन और दवाइयां जैसी वस्तुएं मुहैया कराई थीं। 
मिशन सागर- II के तहत भारतीय नौसेना जहाज (INS) ऐरावत 100 टन खाद्य सहायता सामग्री के साथ सूडान पहुंच गया है। INS ऐरावत COVID-19 महामारी के दौरान सूडान, दक्षिण सूडान, जिबूती और इरिट्रिया को खाद्य सहायता पहुंचाएगा।

खाड़ी सहयोग परिषद 
भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council-GCC) ने 3 नवंबर, 2020 को अपनी वार्षिक राजनीतिक वार्ता की।  
खाड़ी सहयोग परिषद की स्थापना 25 मई, 1981 को रियाद, सऊदी अरब में 6 देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई के बीच उनके विशेष संबंधों, भौगोलिक निकटता, समान राजनीतिक व्यवस्था और इस्लामिक मान्यताओं के आधार पर की गई थी। इन सभी देशों की सीमा फारस की खाड़ी से मिलती है, इसलिये इन देशों को सामूहिक रूप से खाड़ी देश के रूप में जाना जाता है।

नौसैनिक अभ्यास CARAT बांग्लादेश 2020
बांग्लादेश और अमेरिकी नौसेनाओं ने संबंधों को बढ़ाने और दोनों देशों के बीच समुद्री जागरूकता को व्यापक बनाने के लिए "कोऑपरेशन अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग (CARAT) बांग्लादेश 2020" शुरू किया है।

भारत-इटली वर्चुअल शिखर सम्मेलन
पीएम नरेंद्र मोदी और इटली के पीएम गुईसपे कोंटे के बीच 6 नवंबर 2020 को एक वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
दोनों पक्षों ने जी-20 में एक-दूसरे के साथ मिलकर मजबूती के साथ काम करने पर सहमति जताई। 
इटली दिसंबर 2021 में जी-20 देशों की अध्यक्षता करेगा, जबकि 2022 में भारत जी-20 की अध्यक्षता करेगा। 
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) में अनुमोदन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इटली के शामिल होने के फैसले का भी स्वागत किया। 
दोनों देशों ने इस मौके पर ऊर्जा, मत्स्य, जहाज निर्माण, डिजाइन आदि क्षेत्रों में 15 आपसी सहमति पत्र और समझौते किए। 
• इटली भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते पर हो रही बातचीत में अपनी तरफ से सहयोग करेगा, ताकि समझौता जल्दी से जल्दी पूरा हो सके।
इटली वर्तमान में यूरोपीय संघ में भारत का पांचवा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, और 2019 में द्विपक्षीय व्यापार 9.52 बिलियन यूरो था।
• हर वर्ष दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक आयोजित की जाएगी।
• आर्थिक सहयोग पर संयुक्त आयोग का गठन किया जाएगा।
• 2021 से 2024 तक के लिए द्विपक्षीय रिश्तों का 4 वर्षों का एजेंडा बना लिया गया है।

नव विकास बैंक क्या है ?
एनडीबी ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका द्वारा स्थापित व संचालित बहुपक्षीय विकास बैंक है।
मुख्यालय - शंघाई (चीन)
हाल ही में भारत ने इस बैंक के सदस्यों की संख्या बढ़ाने की वकालत की है।
NDB :- New Development Bank.

17वां आसियान-भारत सम्मेलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री गुएन युआन फुक ने 12 नवंबर को 17वें आसियान-भारत सम्मेलन की वर्चुअल प्लेटफार्म पर सह अध्यक्षता की।
भारत ने COVID-19 आसियान रिस्पॉन्स फंड में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता का विस्तार किया है। 

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP)
RCEP - regional comprehensive economic partnership.
यह एक क्षेत्रीय व्यापार समझौता है। 
इसमें वस्तु, सेवा, निवेश और बौद्धिक संपदा को शामिल किया गया है।

आसियान के सदस्य देशों और चीन सहित कुल 15 देशों ने 15 नवंबर 2020 को विश्व के सबसे बड़े व्यापार समझौते क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) का गठन करने पर वर्चुअल तौर पर हस्ताक्षर किए हैं। अर्थात RCEPके तहत मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
• दुनिया की एक-तिहाई आबादी इन 15 देशों में रहती है और लगभग 30% वैश्विक व्यापार इनके बीच होता है।
• इस समझौते में आसियान के 10 सदस्य देशों के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
• समझौते के तहत सदस्य देश टैरिफ कम करेंगे और व्यापार सेवा के रास्ते खोलेंगे।
• RCEP का लक्ष्य कंपनियों की लागत और समय में कमी लाना भी है।


नवंबर 2012 से आरसीईपी पर बातचीत चल रही थी।
भारत पिछले वर्ष 2019 में वार्ता से हट गया था।

❌ भारत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए है।
भारत ने इस साझेदारी के तहत मार्केट एक्सेस का मुद्दा उठाया था और इस बात की आशंका जतायी थी कि देश के बाजार में अगर चीन के सस्ते सामानों का दबदबा हो जाएगा तो भारत के घरेलू उत्पादकों एवं विनिर्माताओं पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
नोट - हाल ही नवंबर 2020 में वियतनाम के प्रधानमंत्री ने चौथे क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस दौरान आरसेप के तहत मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद सभी देशों को आरसेप को 2 साल के अंदर अनुमोदित करना होगा। जिसकेेेेे बाद यह प्रभाव में आएगा।
नोट - आरसेप में भारत की भागीदारी के द्वार खुले रखे गए हैं।

15वां पूर्वी एशिया सम्मेलन
14-15 नवंबर 2020 को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑनलाइन आयोजित पूर्वी एशिया सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
• इस सम्मेलन की अध्यक्षता वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन शुआन फुक ने की।
• पूर्वी एशिया सम्मेलन सुरक्षा और रक्षा संबंधी मुद्दों पर एशिया प्रशांत क्षेत्र का प्रमुख मंच है।
इसका गठन 2005 में किया गया तथा 18 देश इसके सदस्य हैं। (Asean+6+USA+Russia)
18 सदस्य देश:- थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, 
ब्रुनेई, लाओस, वियतनाम,  म्यांमार, कंबोडिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड, भारत, USA, Russia.

नागार्नो-काराबाख
अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच करीब 30 साल से चला आ रहा युद्ध अजरबैजान की जीत के साथ खत्म हो गया है। अजरबैजान ने आर्मीनियाई सेना को तबाह कर विवादित इलाके नागार्नो-काराबाख पर कब्जा कर लिया है।

12वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 
17 नवंबर 2020 को रूस की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकियों को सहायता व समर्थन देने वाले देशों को दोषी ठहराया जाए और इस समस्या से संगठित तरीके से निपटा जाए।
मोदी की इस टिप्पणी का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तत्काल प्रभाव से समर्थन किया।
• साथ ही मोदी ने अपनी तरफ से आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स देशों की एक संयुक्त कार्ययोजना बनाने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की एक समिति भी गठित करने का प्रस्ताव किया।
• प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ-साथ विश्व व्यापार संगठन (WTO), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत को भी रेखांकित किया।
• आतंकवाद के खतरे से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों ने सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करने की आतंकवाद रोधी रणनीति को जारी किया।
इस दस्तावेज के अनुसार ब्रिक्स समूह आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने, उकसाने, मदद देने, वित्त पोषण करने और उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ ठोस कदम उठाने पर विचार करेगा।
ब्रिक्स देशों का आतंकवाद निरोधी सहयोग निम्न सिद्धांतों पर आधारित है:- 
सदस्य देशों की संप्रभुता के लिए पूरा सम्मान और उनके आंतरिक मामलों में कोई दखल न देना; 
अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों की प्रतिबद्धता और शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र की मुख्य और समन्वयक भूमिका को स्वीकार करना; 
आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने में क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका की पहचान करना; 
खुलापन, सूचना साझाकरण, और सर्वसम्मति-आधारित निर्णय।
• 13वां शिखर सम्मेलन 2021 में भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा।
भारत तीसरी बार ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करेगा।

भारत-लक्ज़मबर्ग के बीच पहली वर्चुअल समिट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लक्ज़मबर्ग के प्रधानमंत्री एच. ई. जेवियर बेटटेल ने 19 नवंबर 2020 को भारत-लक्ज़मबर्ग के बीच पहली वर्चुअल समिट का आयोजन किया गया। 
दोनों देशों ने 1948 में राजनयिक संबंधों की शुरुआत की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) में शामिल होने की लक्ज़मबर्ग की घोषणा का स्वागत किया।

फाइव आइज गठबंधन 
19 नवंबर, 2020 को ‘फाइव आइज' (Five Eyes) गठबंधन ने चीन से हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।  
हाल ही चीन ने असहमति को रोकने के लिए शहर के अधिकारियों को नई शक्तियां प्रदान करते हुए हांगकांग के चार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को लेजिस्लेटिव काउंसिल से निष्कासित कर दिया था।  
संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रियों ने चीन से इस कार्यवाही पर पुनर्विचार करने और लेजिस्लेटिव काउंसिल सदस्यों को तुरंत बहाल करने का आग्रह किया है। इन पांच देशों के समूह को 'फाइव आईज' गठबंधन के रूप में भी जाना जाता है।
ब्रिटेन ने 1997 में एक समझौते के तहत हांगकांग को चीन को सौंप दिया था, लेकिन समझौते में यह निर्धारित किया था, कि 50 वर्षों के बाद हांगकांग को स्थानीय मामलों में स्वायत्तता दी जाएगी।

भूटान में लांच हुआ रुपे कार्ड 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2019 में भारतीय रुपे कार्ड के पहले चरण को लांच किया। उन्होंने यहां के सर्वाधिक पुराने मठों में शुमार सिमतोखा जोंग (मठ) में एक खरीदारी करते हुए इसे लांच किया था।
इस कार्ड को दो चरणों में लांच किया जाना है।
• पहले चरण में भारतीय बैंक भारतीयों के लिए ऐसे रुपे कार्ड जारी करेंगे, जिनका भूटान में प्रयोग हो सकेगा।
• दूसरे चरण में भूटान के बैंकों को ऐसे रुपे कार्ड जारी करने का अधिकार दिया जाएगा, जिनका प्रयोग भारत आने वाले भूटानी नागरिक कर सकेंगे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 नवंबर 2020 को भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग के साथ दूसरे चरण का रुपे कार्ड लांच किया। 
मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग का उल्लेख किया। इसमें भूटानी सेटलाइटों को अंतरिक्ष में पहुंचाने की इसरो की तैयारियां और तीसरे इंटरनेशनल इंटरनेट गेटवे के संबंध में भूटान के साथ बीएसएनएल का समझौता शामिल हैं।

रुपे कार्ड क्या है ?
रुपे कार्ड एक भारतीय डेबिट और क्रेडिट कार्ड पेमेंट नेटवर्क है, जो एटीएम, पीओएस और ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर स्वीकार्य है।

सिटमेक्स नौसैनिक युद्धाभ्यास
• 21-22 नवंबर 2020 को अंडमान सागर में भारत सिंगापुर और थाईलैंड की 9 सेनाओं के बीच सिटमेक्स-20 नौसैनिक युद्धाभ्यास का आयोजन किया गया।
• यह इस युद्धाभ्यास का दूसरा संस्करण था।
• भारतीय नौसेना की तरफ से स्वदेशी पनडुब्बी रोधी कोर्वेट (छोटा युद्धपोत) कामोरता और मिसाइल कोर्वेट कार्मुक ने भाग लिया।
• सिटमेक्स का पहला संस्करण सितंबर 2019 में भारतीय नौसेना द्वारा पोर्ट ब्लेयर में आयोजित किया गया।
• दूसरे संस्करण का आयोजन सिंगापुर नौसेना द्वारा किया गया है।
• सिटमेक्स का लक्ष्य - आपस में समन्वय, सहयोग और साझेदारी विकसित करना।

जी-20 आभासी सम्मेलन - 21-22 नवंबर 2020
21-22 नवंबर 2020 को सऊदी अरब की अध्यक्षता में जी-20 देशों का आभासी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
• यह सम्मेलन मुख्य रूप से कोरोना महामारी के प्रभावों से उबरने के उपायों, स्वास्थ सुविधाओं को लेकर भावी योजनाओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर केंद्रित है।
• इटली दिसंबर 2021 में जी-20 देशों की अध्यक्षता करेगा, 2022 में इंडोनेशिया जबकि 2023 में भारत जी-20 की अध्यक्षता करेगा।
2024 में ब्राजील अध्यक्षता करेगा। 

SIMBEX-20 समुद्री अभ्यास
भारत-सिंगापुर द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास SIMBEX-20 के 27वें संस्करण का आयोजन 23 से 25 नवंबर 2020 तक अंडमान सागर में किया गया। भारतीय नौसेना ने SIMBEX के 2020 संस्करण की मेजबानी की। 
वर्ष 1994 से प्रतिवर्ष भारतीय नौसेना और रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी के बीच SIMBEX अभ्यासों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।

जिनेवा में 23 से 24 नवंबर 2020 तक अफगानिस्तान सम्मेलन 2020 का आयोजन किया गया। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस सम्मेलन की सह-मेजबानी संयुक्त राष्ट्र, अफगानिस्तान सरकार और फ़िनलैंड सरकार ने की।
भारत ने अफगानिस्तान में सामुदायिक विकास परियोजनाओं के चौथे चरण की शुरुआत की घोषणा की। इसके तहत 8 करोड़ डॉलर की 100 से अधिक परियोजनाएं चलाई जाएंगी।
भारत द्वारा 202 किलोमीटर के फुल-ए-खुमरी ट्रांसमिशन लाइन पर शतूत बांध का निर्माण किया जाएगा। यह बांध काबुल शहर के बीस लाख निवासियों को स्वच्छ पेयजल प्रदान करेगा।
फुल-ए-खुमरी ट्रांसमिशन लाइन को 2019 में काबुल शहर को बिजली प्रदान करने के लिए  भारत द्वारा बनाया गया था।

30 नवंबर 2020 को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के प्रमुखों की बैठक की पहली बार भारत ने अध्यक्षता की।

चीन, तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर अपनी 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-25) के तहत एक बांध का निर्माण करेगा।
• ब्रह्मपुत्र नदी भारत और बांग्लादेश से होकर गुजरती है। ऐसे में बांध निर्माण के प्रस्ताव से दोनों देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ब्रह्मपुत्र का तिब्बती नाम :- यारलुंग जंग्बो नदी।

SAVE WATER

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