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तीन तलाक

तीन तलाक

तीन तलाक

तलाक दे तो रहे हो जुनून ओ केहर के साथ,
मेरा शबाब भी लौटा दो, मेरी मेहर के साथ।

शाहबानो केस (1985)
सुप्रीम कोर्ट ने जीवन निर्वाह हेतु भत्ता निश्चित किया।
राजीव गांधी सरकार ने एक्ट बनाया, जिसके तहत वक्फ बोर्ड द्वारा 3 महीने भत्ता दिया जाएगा।

सायरा बानो केस (2017)
सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अवैध घोषित किया तथा केंद्र सरकार को इसके खिलाफ कानून बनाने हेतु निर्देश दिए।
• केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 पारित किया।



 मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के प्रावधान -

• यह बिल तलाक ए बिद्दत या तत्काल तीन तलाक को निरर्थक एवं गैर-कानूनी घोषित करता है।
• दंडनीय अपराध घोषित कर 3 वर्ष के कारावास का प्रावधान रखा गया है।
• इसे संज्ञेय अपराध बनाया गया है। अर्थात गिरफ्तारी हेतु वारंट जरूरी नहीं होगा।
यदि विवाहित मुस्लिम महिला या उसके रक्त या विवाह से संबंधित किसी भी व्यक्ति द्वारा पुलिस को अपराध होने के संबंध में सूचना दी जाती है, तो कार्यवाही की जाएगी।
• यदि दोनों पक्ष कार्यवाही को रोकने तथा विवाद को सुलझाने हेतु सहमत हो, तो यह अधिनियम निकाह हलाला की प्रक्रिया से गुजरे बिना सुलह हेतु अवसर प्रदान करता है।
• भत्ते मजिस्ट्रेट द्वारा तय किए जाएंगे।
• मजिस्ट्रेट पत्नी के पक्ष को सुनने के बाद पति को जमानत दे सकता है।

पक्ष में तर्क
• सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार कठोर कानूनों की आवश्यकता है।
• महिलाओं का अधिकार है।
• इस्लामी धर्म ग्रंथों में भी तीन तलाक को स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है।
• पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित अन्य मुस्लिम देशों में भी ऐसा कानून है।
• यह समान नागरिक संहिता की तरफ एक कदम है।

विपक्ष में तर्क
• दीवानी (Civil) गलती को आपराधिक (Criminal) घोषित करता है।
यह अधिनियम स्वतंत्र भारत का ऐसा प्रथम कानून है, जहां विवाह और तलाक जैसे दीवानी मामलों हेतु अपराधिक प्रावधान किए गए हैं।
• 3 वर्ष के कारावास के साथ-2 भत्ते देना व्यवहारिक नहीं है।

नोट - तलाक के प्रकार
1. तलाक ए बिद्दत
2. तलाक उल सुन्नत

1. तलाक ए बिद्दत
इसमें निकाह हलाला करते हैं अर्थात महिला किसी दूसरे पुरुष से शादी करके और उससे तलाक लेकर ही वापिस पहले पति से शादी कर सकती हैं।
• तलाक ए बिद्दत को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

2. तलाक उल सुन्नत
इसमें 3 महीने के इद्दत पीरियड में रहना पड़ता है।
• इसे प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

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