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एक देश एक राशन कार्ड योजना

Govt schemes 2020, www.devedunotes.com



एक देश एक राशन कार्ड योजना

• इस योजना पर अप्रैल 2018 से काम चल रहा था।

• 1 जनवरी 2020 को इसे 12 राज्यों में लागू किया गया।
आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा।

• 1 मई 2020 को इसमें पांच और राज्यों को शामिल कर लिया गया।

• 1 जून 2020 से इस योजना में ओडिशा, सिक्किम और मिजोरम राज्य शामिल हो गए हैं।

• इस योजना के तहत लाभार्थी एक ही राशन कार्ड से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत देश के किसी भी हिस्से में उचित मूल्य की दुकान से अनाज ले सकते हैं।
अर्थात अगर कोई व्यक्ति एक राज्य से किसी दूसरे राज्य में रहने लगता है तो वह उस राज्य की किसी भी पीडीएस राशन की दुकान से अपने हिस्से का राशन ले सकता है।

• लाभार्थियों की पहचान आधार कार्ड के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल मशीन से की जाएगी।

• राशन कार्ड को आधार से लिंक कराने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2020 है।

• इस योजना से जुड़े राज्य हैं - आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, ओडिशा, सिक्किम और मिजोरम।

• अगस्त 2020 तक 23 राज्‍यों के 67 करोड़ लाभार्थियों को इस योजना में कवर कर लिया जाएगा। ये 67 करोड़ लोग पीडीएस आबादी का 83 फीसदी हिस्सा हैं।
• साथ ही मार्च, 2021 से पहले 100 फीसदी नेशनल पोर्टेबिलिटी हासिल कर ली जाएगी अर्थात मार्च 2021 तक यह योजना देशभर में लागू हो जाएगी।

एक देश एक राशन कार्ड योजना का लाभ

• यह योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता लाएगी।
इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (E-PoS) मशीनें लगाई गई है।
गौरतलब है कि पीडीएस में सुधार पर गठित वाधवा समिति के अनुसार उचित मूल्य की दुकान ही भ्रष्टाचार का केंद्र है। 42% अनाज राशन की दुकानों से निकलकर कालाबाजारी के लिए पहुंच जाता है। पूर्वोत्तर के राज्यों में तो यह आंकड़ा 97% तक है।
• भ्रष्टाचार में कमी आएगी।
• इसका सर्वाधिक लाभ गरीबों विशेषकर प्रवासी मजदूरों को मिलेगा।

अन्य जानकारी

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत गरीबों को 2 रुपए प्रति किलो. गेहूँ और 3 रुपए प्रति किलो. चावल देने की व्यवस्था की गई है।

पीडीएस में सुधार का छत्तीसगढ़ मॉडल

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तीन स्तरों पर पीडीएस में सुधार के उपाय किए गए -
• पहला सुधार - सरकार ने अति गरीबों और आदिवासियों को घर के नजदीक अनाज उपलब्ध कराने के लिए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस निजी व्यापारियों के बजाय स्थानीय समुदाय को सौंप दिए।
• दूसरा सुधार - राशन की दुकानों की संख्या बढ़ाई गई।
• तीसरा सुधार - दुकानों तक अनाज पहुंचाने में किया गया।
इसके तहत हर महीने की 6 तारीख तक पीले रंग के विशेष ट्रकों में पूरी सामग्री सीधे दुकानों तक पहुंचाई जाने लगी।
साथ ही दुकानदारों का कमीशन बढ़ाया गया।

Update

केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान के अनुसार आज 1 अगस्त 2020 को एक देश एक राशन कार्ड योजना में 4 नए राज्य मणिपुर, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जुड गए हैं और अब कुल 24 राज्यों के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध हो गई है।

क्या है राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी
जिस प्रकार मोबाइल पोर्ट कराने पर नंबर नहीं बदलता है उसी प्रकार राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी में राशन कार्ड नहीं बदलेगा। एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर राशन कार्ड बदलने की जरूरत नहीं है, पहले वाले राशन कार्ड से ही देश के किसी भी राज्य में सरकारी राशन लिया जा सकता है।

सितंबर 2020 में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और लक्षद्वीप वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का हिस्सा बन गए हैं। इस योजना से अब केंद्र शासित प्रदेशों सहित कुल 26 राज्य जुड़ गए हैं।

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