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चक्रवात || हाल ही में चर्चा में क्यों ?


भारत में चक्रवात, फणि चक्रवात



चक्रवात क्या है ?

कम वायुमंडलीय दाब के चारों ओर गर्म हवाओं की तेज आंधी को चक्रवात कहते हैं।
दक्षिणी गोलार्द्ध में इन गर्म हवाओं को चक्रवात कहते हैं और ये घड़ी की सुई के चलने की दिशा में चलती है। जबकि उत्तरी गोलार्द्ध में इन गर्म हवाओं को हरीकेन अथवा टायफून कहा जाता है और ये घड़ी की सुई के विपरीत दिशा में चलती हैं।


चक्रवात क्यों आता है ?

उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (गर्म क्षेत्रों) के समुद्र में सूर्य की भयंकर गर्मी से हवा गर्म होकर अत्यंत कम वायुदाब का क्षेत्र बना देती है।
हवा गर्म होकर तेजी से ऊपर आती है और ऊपर की नमी से संतृप्त होकर संघनन से बादलों का निर्माण करती है।
रिक्त स्थान को भरने के लिए नम हवाएं तेजी के साथ नीचे जाकर ऊपर आती है जिसके परिणाम स्वरुप हवाऐं बहुत ही तेजी के साथ उस क्षेत्र के चारों तरफ घूमकर घने बादलों का निर्माण करती है और बिजली कड़कने के साथ-साथ मूसलाधार बारिश करती हैं।
तेज घूमती इन हवाओं के क्षेत्र का व्यास हजारों किलोमीटर में होता है।

चक्रवात की विशेषताएँ

चक्रवात बनने के लिए सागर जल सतह का तापमान 27 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक होना चाहिए ताकि वाष्पीकरण तेजी से हो।
चक्रवात निम्न दाब के केंद्र होते हैं जिनके चारों तरफ उच्च दाब होता है।
सामान्यतः चक्रवात समुद्र पर विकसित होते हैं और तटीय भागों पर वर्षा करते हैं।

चक्रवात का नामकरण ?

चक्रवातों के नाम रखने की परंपरा ऑस्ट्रेलिया से शुरू हुई।
19वीं सदी में ऑस्ट्रेलिया में चक्रवातों का नाम भ्रष्ट राजनेताओं के नाम पर रखा जाने लगा था।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठने वाले चक्रवातों को नाम देने की शुरुआत 2000 में हुई थी।
वर्ष 2000 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन और एशिया में प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक आयोग के 27वें सत्र में इसको लेकर सहमति बनी थी।
(यूनाइटेड नेशंस इकोनामिक एंड सोशल कमीशन फॉर इंडिया एंड पेसिफिक)

2004 में चक्रवात के नामकरण की यह प्रक्रिया शुरू की गई थी।

नाम देने के लिए गठित पैनल में दोनों सागर के किनारे बसे 13 देश शामिल है -
भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन।

बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड एक साथ मिलकर आने वाले चक्रवातों के 64 (प्रत्येक देश 8 नाम) नाम तय करते हैं।

कुछ देशों द्वारा चक्रवात के नाम -

बांग्लादेश - ओनिल, ओगनी, निशा, गिरी, हेलेन, चपाला, ओखी, फणि

भारत - अग्नि, आकाश, बिजली, जल, लहर, मेघ, सागर, वायु

पाकिस्तान - फानूस, नरगिस, लैला, निलम, निलोफर, वर्धा, तितली, बुलबुल

श्रीलंका - माला, रश्मी, वियारु, अश्होबा, मारुथा, गाजा, पवन

मालदीव - हिबारु, गोनू, आइला, केईला, मदी, रोअु, मेकुनु, हिका

म्यांमार - प्यार, येमाइन, फयान, थाने, ननौक, क्यांट, डेई, क्यार

ओमान - बाज, सिद्र, वार्ड, मुर्जन, हुदहुद, नाडा, लुबन, माहा

थाईलैंड - मुकडा, खाइमुक, फेत, फैलिन, कोमन, मोरा, फेथई, अम्फान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अप्रैल 2020 में 160 नामों की सूची जारी की थी। नई सूची में निसर्ग के अलावा अर्णव, आग, व्योग, अजर, प्रभंजन, तेज, गति, लुलु आदि नाम शामिल है।

नई सूची में पुरानी सूची से आखिरी नाम अम्फान भी शामिल किया गया था।

विभिन्न देशों (क्षेत्रों) में चक्रवात के नाम -

अमेरिका - हरीकेन
कैरेबियन सागर व मैक्सिको - टोरनेडो
चीन व जापान - टायफून
ऑस्ट्रेलिया - विलीविलीज
बंगाल की खाडी - चक्रवात

अम्फान चक्रवातीय तूफान
बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय तूफान अम्फान गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है।
• यह 20 मई 2020 को पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों को पार करेगा।
• भारतीय मौसम विभाग के पैमाने के अनुसार गंभीर चक्रवाती तूफान वह तूफान होता है, जिसमें हवाओं की गति 89-117 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
• अम्फान नाम थाईलैंड द्वारा दिया गया है।

हवा की गति के आधार पर तूफानों का वर्गीकरण -
• चक्रवातीय तूफान - 63-88 किलोमीटर प्रति घंटा
• गंभीर चक्रवाती तूफान - 89-117 किलोमीटर प्रति घंटा
• बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान - 118-165 किलोमीटर प्रति घंटा
• अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान - 166-220 किलोमीटर प्रति घंटा
• सुपर साइक्लोनिक तूफान - 220 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक

निसर्ग तूफान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान निसर्ग के 3 जून 2020 को महाराष्ट्र और गुजरात से टकराने की चेतावनी जारी की है।
निसर्ग का अर्थ प्रकृति होता है और यह नाम बांग्लादेश ने दिया है।

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