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राजस्थान में सेवा क्षेत्र । राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2021-22

 
Service sector in Rajasthan


राजस्थान में सेवा क्षेत्र

Service sector in Rajasthan.

सेवा क्षेत्र:- सेवा क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, होटल, पर्यटन, जलपान गृह, परिवहन, भंडारण, संचार, वित्तीय सेवाएं, लोक प्रशासन एवं पेशेवर सेवाएं आदि को शामिल किया जाता है।

प्रचलित कीमतों पर राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में सेवा क्षेत्र का योगदान - 45.43%
स्थिर कीमतों पर राजस्थान के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर - 11.89%

सेवा क्षेत्र का प्रचलित कीमतों पर उप-क्षेत्रवार वितरण:-
• व्यापार, होटल, जलपान गृह = 28.42%
• स्थावर संपदा (Real estate), आवासीय गृहों का स्वामित्व तथा पेशेवय सेवाएं = 23.05%

2011-12 में राजस्थान का सेवा क्षेत्र 1.62 लाख करोड़ रुपए का था।
• 2021-22 में (स्थिर कीमतों पर) = 3.02 लाख करोड़ रुपए (4.93% वृद्धि दर)
• 2021-22 में (प्रचलित कीमतों पर) = 5.03 लाख करोड़ रुपए (9.38% वृद्धि दर)

राजस्थान में पर्यटन:-
• 1989 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया। ऐसा करने वाला राजस्थान, भारत का प्रथम राज्य बना।
• राजस्थान पर्यटन की टैगलाइन - 'भारत का अतुल्य राज्य' है। (The incredible state of India !)
• राजस्थान पर्यटन का स्लोगन - पधारो म्हारो देस
• 9 सितंबर 2020 को नई राजस्थान पर्यटन नीति लागू की गई।
• पर्यटकों की सुरक्षा के लिए 3 पर्यटक पुलिस थाना बनाए गए है - जयपुर उदयपुर जोधपुर
• 2021 में पर्यटक आए = 220.24 लाख (219.89 लाख - घरेलू + 0.35 लाख - विदेशी)
• 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।

पर्यटन को बढ़ावा (उपलब्धियां)
• राजस्थान पर्यटन नीति  9 सितंबर 2020
• 16 अप्रैल 2021 को गेस्ट हाउस स्कीम 2021 लागू की गई।
• 21 अक्टूबर 2021 को राजस्थान होमस्टे योजना 2021 लागू की गई।
• पर्यटक स्वागत केंद्र (सीकर)
• पर्यटक सूचना ब्यूरो (अहमदाबाद) खोला गया है।
• राजस्थान टूरिज्म मोबाइल ऐप
• गौडवाड पर्यटन सर्किट - पाली, जालौर, बाड़मेर, सिरोही
• ट्राइबल सर्किट - उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़
• राजस्थान इको टूरिज्म पॉलिसी 2021
• मुख्यमंत्री पर्यटन उद्योग संबल योजना 
27 सितंबर 2021 को शुरू।
उद्यमियों को ₹25 लाख तक के ऋण पर ब्याज अनुदान 9% किया गया है।

पुरातत्व एवं संग्रहालय:-
• पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा 'पुरासंपदा' नामक शोध पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है।
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा निम्नलिखित स्मारकों के संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य प्रगति पर है - 

 हर्ष देवल शिव मन्दिर-बिलाड़ा (जोधपुर)
सूर्य मन्दिर-बूढ़ादीत (कोटा)
सेठानी का जोहड़ा-चूरू
मीनारयुक्त कूप बूटिया (चूरू)
जलमहल-कुम्हेर (भरतपुर)
किशोरी महल (भरतपुर)
भवानी नाट्यशाला (झालावाड़)
छनेरी पनेरी देवालय (झालावाड़)
  शेरगढ़ किला - अटरू (बारां)
तालाब-ए-शाही - बाड़ी (धौलपुर)
सुखमहल (बूंदी)
चौरासी खम्भों की छतरी (बूंदी) 
पुरास्थल धूलकोट - (उदयपुर)
रुठी रानी का मंदिर (घौड, चित्तौड़गढ़)
देवताओं की साल (मंडोर, जोधपुर)
चांदसिह की छतरी (सीकर)

देवस्थान विभाग:-
विभाग द्वारा निम्न योजनाएं चलाई जा रही है-
1. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना एवं सिंधु दर्शन:- देश के विभिन्न स्थानों (जैसे - रामेश्वर, जगन्नाथपुरी, वैष्णोदेवी, शिरडी, द्वारकापुरी, तिरुपति, कामाख्या, उज्जैन, वाराणसी, अमृतसर , श्रवण बेलगोला आदि) की राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त यात्रा और दर्शन की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

2. कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा योजना:- इसके अन्तर्गत राज्य के तीर्थ यात्रियों को कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए 1 लाख रू. की वित्तीय सहायता दी जाती हैं।

3. मोक्ष कलश योजना:- कोविड-19 के दौरान परिवहन संसाधनों का संचालन बाधित होने के कारण इस योजना के अन्तर्गत RSRTC द्वारा गरीब परिवारों के मृत प्रियजनों की अस्थियों के यथासमय गंगाजी में विसर्जन हेतु अस्थि कलश के साथ परिवार के दो सदस्यों को हरिद्वार की नि:शुल्क यात्रा करवाई गई।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार (आईटी एंड सी)
21 मार्च को सूचना प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है।

1. जनसूचना पोर्टल:- 
• 13 सितंबर 2019 को लांच किया गया।
• राजस्थान जन सूचना पोर्टल लॉन्च करने वाला पहला राज्य बना।
• सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित।
• आरटीआई एक्ट की धारा 4 (2) के तहत राजस्थान सरकार ने जन सूचना पोर्टल लांच किया।
• यह राजीव मिशन के तहत संचालित है। (RAJIV - Rajasthan Innovation Mission)
नोट:- आर्थिक समीक्षा के अनुसार 115 विभागों में चल रही 260 योजनाओं की 562 जानकारी जन सूचना पोर्टल पर उपलब्ध है। (परंतु यह आंकड़ा बदलता रहता है।)
2. यू.आई. डी. (आधार) - 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या।
3. राजस्थान स्टार्टअप - आई. स्टार्ट पोर्टल (istart.rajasthan.gov.in) स्टार्टअप्स के लिए सिंगल विंडो की तरह कार्य करता हैं। इसके अतिरिक्त चैलेंज फॉर चेंज राजस्थान स्टैक, क्यूरेट रैकिंग सिस्टम इनक्यूबेटर, आइस्टार्ट नेस्ट आदि भी स्टार्टअप्स को सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं ।
4. राजस्थान सम्पर्क पोर्टल -
इसका उपयोग केन्द्रीयकृत्त शिकायत निवारण मंच के रूप में किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाईन के लिए एक नया टोल फ्री नम्बर 181 प्रारम्भ किया गया हैं।
5. वीडियों वॉल -
राज्य की प्रत्येक पंचायत समिति में सरकारी नवाचारों / आयोजनों के ऑडियों वीडियो प्रसारण के लिए वीडियो वॉल की स्थापना की गई हैं।
6. वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग
 राज्य के सभी ब्लॉकों में राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर राजस्थान सम्पर्क केन्द्र (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधाओं सहित) स्थापित किए गए हैं। 
7. राजनेट
राजस्थान स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (राजस्वान) के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर तक क्नेक्टिविटी प्रदान की जा रही हैं इसमें जिला कलेक्ट्रेट एवं ब्लॉक स्तर के कार्यालयों में कमरा आधारित वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा एवं लो-बैंडविथ पर साफ्टवेयर आधारित वीडियों कॉनफ्रेसिंग सुविधा ग्राम पंचायत तक उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
 8. वाईफाई सुविधा - सभी विभागीय मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों पर प्रदान की गई हैं
9. ई-मित्र - राज्य में 88,382 ई-मित्र कियोस्को के माध्यम से 475 से अधिक सरकारी/निजी सेवाएं इलेक्ट्रोनिक रूप में नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं।
10. ई-मित्र प्लस
यह ए.टी.एम. की भांति किसी भी मानव इंटरफेस के बिना सीधे ई-सेवाएं प्रदान करता हैं। इससे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की जा सकती है। राज्य में 14,891 से अधिक ई-मित्र प्लस कियोस्क स्थापित हैं।
11. राज ई-साइन
सरकारी विभागा के लिए डिजीटल हस्ताक्षर कार्य अब आर.आई.एस.एल. के माध्यम से किया जा रहा हैं।
12. ई-संचार एवं आई-फैक्ट - ई-संचार एप्लीकेशन के माध्यम से सरकारी सूचनाओं को SMS/वॉइस मैसेज के रूप में भेजा जाता हैं। 
आई-फैक्ट का उपयोग राजस्थान सम्पर्क के माध्यम से वास्तविकता जाँच के लिए किया जाता हैं।
13. स्टेट डाटा सेंटर (SDC) - विभिन्न सेवाओं की प्रभावी इलेक्ट्रोनिक सेवा प्रदान करता हैं।
14. हिन्दी ई-मेल (राजमेल) - राजस्थान एकमात्र राज्य है, जो अपने निवासियों को हिन्दी में ई-मेल उपलब्ध करवाता हैं।
15. सिंगल साइन ऑन (SSO) - 
केवल एक बार साइन इन करने से सभी विभागो की एप्लीकेशंस पर कार्य किया जा सकता हैं।
16. राजकाज:- इसके तहत सरकारी कर्मचारियो के सेवा सम्बन्धी सभी कार्य SSO के साथ लागू किए जा रहे हैं।
17. कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर (अभय) - GPS तथा CCTV कैमरा आधारित सुरक्षा के एकीकृत समाधान हेतु 7 सम्भागीय मुख्यालयों और 26 जिलों में यह सेंटर स्थापित किए गए हैं। शेष जिलों में कार्य प्रगति पर हैं।
18. राज-पेमेंट:- भुगतान सुविधा।

कोविड-19 के दौरान विभाग द्वारा उठाये गए कदम:-
1. वेबसाईट:- कोविड-19 से सम्बन्धित सूचनाओं को एकत्रित कर प्रसारण के लिए www.covidinfo.rajasthan.gov.in वेबसाईट का संचालन किया जा रहा हैं।
2. ई-औषधी-कोविड-19:- इसके द्वारा महामारी में काम आने वाली 57 प्रकार की महत्वपूर्ण औषधियों एवं अन्य उपकरणों के स्टॉक की मॉनिटरिंग की जा रही हैं।
3. राज कोविड इन्फो एप:- इसके द्वारा मनुष्यों में कोविड-19 के संक्रमण एवं जियो फेंसिंग तकनीक के द्वारा क्वारंटाइन प्रक्रिया के क्रियान्वयन की मानिटरिंग की गई।
4. मोबिलिटी पास:-
राजकोप सिटिजन एप के माध्यम से व्यक्तियों एवं वाहनों के आपातकालीन आवागम के लिए आवेदन की सुविधा एवं आवागमन की अनुमति प्रदान की गई।

राजस्थान जन आधार योजना:-
विभिन्न योजनाओं के लाभ सरलता, सुगमता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 'एक नम्बर, एक कार्ड, एक पहचान' की विचारधारा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 18 दिसम्बर 2019 को राजस्थान जनआधार योजना का शुभारंभ किया गया।
• लागू - 1 अप्रैल 2020
• • प्रदेश के सभी निवासी इसके पात्र होंगे।
• इससे प्रत्येक परिवार को एक नंबर-एक कार्ड, एक पहचान मिलेगी।
नामांकित परिवारों को 10 अंक का और परिवार के सदस्यों को 11 अंकों का यूनिक पहचान नंबर दिया जा रहा है। (नोट- आधार कार्ड में 12 अंक होते हैं)
• 18 वर्ष या इससे अधिक आयु वाली महिला मुखिया होगी।
महिला नहीं है, तो 21 वर्ष या इससे अधिक आयु का पुरुष मुखिया होगा।
• राज्य सरकार की सभी नकद सब्सिडी इस कार्ड के जरिए मिलेगी।
इसमें जन आधार पंजीयन, जन्म-मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन, आधार पंजीयन होंगे।
• आयोजना विभाग इसका प्रशासनिक विभाग होगा।
• QR CODE
• JAN AADHAR PORTAL
• 18 दिसंबर 2019 को राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम 2020 लागू किया गया।
• राजस्थान जन आधार प्राधिकरण का गठन किया गया है। (चेयरमैन -मुख्य सचिव)(मुख्यालय - जयपुर)
• यह आइडेंटी प्रूफ के लिए वैध है।
• यह एड्रेस प्रूफ के लिए वैध है।
• इस योजना का क्रियान्वयन -
राज्य स्तर पर - आयोजना विभाग
जिला स्तर पर - जिला कलेक्टर
ब्लॉक स्तर पर - उपखंड अधिकारी करते हैं।
उद्देश्य:-
1. राजस्थान के निवासी परिवारों का डाटाबेस तैयार कर उन्हें 'एक नम्बर, एक कार्ड, एक पहचान प्रदान करना
2. लाभार्थियों को नकद लाभ बैंक खातों में तथा गैर नकद लाभ आधार प्रमाणन के उपरान्त घर के नजदीक हस्तान्तरित करवाना।
3. राज्य के निवासियों को विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में ई-कॉमर्स ओर बीमा सुविधाएं उपलब्ध करवाना।
4. ई-मित्र तंत्र को जनआधार प्राधिकरण के अधीन लाकर उन पर प्रभावी नियन्त्रण रखना।
5. महिला सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना।
6. राज्य में विद्यमान तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक ढाँचे का विस्तार करना।
• जन कल्याणकारी योजनाओं हेतु परिवार/परिवार के सदस्यों की पात्रता का निर्धारण करना।

राजस्थान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:-
• 1983 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग स्थापित किया गया।
इसके द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं -
1. राज्य सुदूर संवेदन उपयोग केंद्र जोधपुर (SRSAC) - 
राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सूचना प्रदान करता है।
साथ ही इसके द्वारा मृदा, जल, वन, कृषि तथा खनिज आदि क्षेत्रों की पहचान, दोहन एवं प्रबंधन के लिए अध्ययन किया जाता है।
2. अनुसंधान एवं विकास विभाग
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एप्लीकेशन आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना।
3. विज्ञान एवं समाज प्रभाग (Division)
राज्य के समग्र विकास के लिए संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित अनुप्रयोग (Application) उपलब्ध कराना।
4. उद्यमिता विकास प्रभाग
उद्यमिता जागरूकता शिविर, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करना।
5. जैव प्रौद्योगिकी प्रभाग
6. विज्ञान संचार एवं लोकप्रियकरण प्रभाग
7. पेटेंट सूचना केंद्र
• विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन एक अंतर विभागीय समिति का गठन किया गया है, जो राज्य के संभावित भौगोलिक संकेतको (G.I.) की पहचान का कार्य कर रही है।
• विभाग द्वारा 21 जनवरी 2021 से एस्ट्रो नाईट स्काई टूरिज्म कार्यक्रम शुरू किया गया।
• विभाग के प्रयासों से 14 सितंबर 2021 को सोजत मेहंदी को जीआई टैग प्राप्त हो गया।

राजस्थान फाउण्डेशन:-
• देश-विदेश में बसे अप्रवासी राजस्थानियों से निरन्तर सम्पर्क एवं संवाद बनाये रखने हेतु राजस्थान फाउण्डेशन की स्थापना 30 मार्च 2001 को की गई ताकि राज्य के विकास की गतिविधियों में उनकी सहभागिता को बढ़ाया जा सके।
• राजस्थान फाउण्डेशन ने 12 शहरों चेन्नई, कोयम्बटूर, कोलकता, सूरत, मुम्बई, बैंगलुरू, अहमदाबाद, हैदराबाद, इंदौर, लन्दन, न्यूयॉर्क एवं काठमांडू में शाखाएँ खोली हैं।
फाउण्डेशन द्वारा किए गए कार्य:-
• 'हम-राजस्थानी' - इसके अन्तर्गत ऐसे प्रवासी राजस्थानियों से रूबरू करवाया गया जिन्होनें अपने कार्यों से देश-विदेश में ख्याति प्राप्त की।
• मिलिये सरकार से (4 सितंबर 2021)
प्रवासी राजस्थानी, राजस्थान के मंत्रियों और सांसदों से सीधा वार्तालाप कर सकते हैं।
• प्रवासी राजस्थानी डॉक्टर्स को निःशुल्क परामर्श हेतु कॉल डोरी मोबाइल एप लॉन्च किया गया है।

बैंकिंग एवं वित्त:-
• राज्य में वर्ष 2021 की अनुमानित जनसंख्या 824 लाख के अनुसार राजस्थान में औसतन 10,576 व्यक्तियों पर बैंक की एक शाखा कार्यरत है।
• राज्य में 23,571 व्यवसायिक संवाददाता कार्यरत है।

स्टैण्ड अप इण्डिया योजना:- अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला उद्यमियों में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने लिए 10 लाख रू. से 1 करोड़ रू तक ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है। 
इस ऋण को 7 वर्ष की अवधि में लौटाना होगा जो कि गैर कृषि क्षेत्र में हरित क्षेत्र के उद्यमों की स्थापना के लिए दिया जाता है। योजना के सफल संचालन के लिए SIDBI ने एक पोर्टल http://www.standupmitra.in स्थापित
किया हैं।

अटल पेंशन योजना:- यह पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारो पर केन्द्रित हैं। इसके अन्तर्गत आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष हैं। 
इस योजना के तहत 60 वर्ष की आय पूर्ण होने पर प्रतिमाह गारटेड 1000रू. न्यूनतम पेंशन प्रदान की जाती हैं।

इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना 2021
शहरी क्षेत्रों के लगभग 5 लाख रेहड़ी-पटरी वालों तथा सेवा क्षेत्र के युवाओं और बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ऋण उपलब्ध करवाने के लिए राजस्थान सरकार ने इस योजना के प्रारुप को मंजूरी दी।
• इस योजना में लाभार्थी को बिना किसी गारंटी के ₹50,000 तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा।
• ऋण राशि का भुगतान चतुर्थ से 15वें/21वें महीने तक 12,/18 समान किश्तों में किया जाएगा।

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना:-
• मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य डीबीटी सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है, जो 5 अक्टूबर 2021 से प्रभावी है।
• डीबीटी योजनाओं की व्यापक पहचान करना और 'उमंग' मोबाइल एप पर उनका एकीकरण करना।

SAVE WATER

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