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अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी। अंतरिक्ष उपयोग केंद्र

 
Space Application Centre


अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

 अंतरिक्ष अनुसंधान में मुख्यतः 3 तरीके हैं :-
1. पृथ्वी पर रहते हुए अंतरिक्ष का अध्ययन करना।
2. अंतरिक्ष से आने वाली विकिरणों व पिंडों का अध्ययन करना।
3. अंतरिक्ष में किसी उपकरण अथवा मानव को भेजना।

संक्षिप्त इतिहास - 
अक्टूबर 1957 : USSR के द्वारा स्पूतनिक -1 सैटेलाइट प्रक्षेपित किया गया। यह अंतरिक्ष में प्रेषित प्रथम मानव निर्मित उपग्रह था।
नवंबर 1957 : USSR  के द्वारा स्पूतनिक -2 सेटेलाइट प्रक्षेपित किया गया। उसमें लाइका नामक कुत्ते को अंतरिक्ष में भेजा गया।
अक्टूबर 1958 : USA द्वारा NASA (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) की स्थापना की गई।
1961 : नासा द्वारा अपोलो प्रोग्राम की शुरुआत की गई। इसके तहत 1970 में प्रक्षेपित अपोलो- 11 में बज एल्ड्रिन व नील आर्मस्ट्रांग ने पहली बार चंद्रमा पर कदम रखा।

भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान की शुरुआत 1960 के दशक में हुई। 
इसकी जिम्मेदारी परमाणु ऊर्जा विभाग को दी गई। 
परमाणु ऊर्जा विभाग
स्थापना : 1954
प्रथम अध्यक्ष - होमी जहांगीर भाभा, 
दूसरे अध्यक्ष - विक्रम साराभाई ।

1962 :  INCOSPAR (इंडियन नेशनल कमिटी फॉर स्पेस रिसर्च) का गठन किया गया।
इसके अध्यक्ष डॉ. विक्रम साराभाई थे जिन्हें भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान का जनक कहा जाता है।

1962 : थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन(TERLS) की स्थापना की गई।
नवंबर 1963 में TERLS से भारत का पहला नाइक अपाचे नामक साउंडिंग रॉकेट प्रक्षेपित किया गया।

15 अगस्त 1969 :- ISRO (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन)‌ की स्थापना की गई।

1972 : अंतरिक्ष आयोग का गठन किया गया व अंतरिक्ष विभाग की स्थापना की गई -
• आयोग का कार्य नीति निर्माण करना तथा विभाग का कार्य इन नीतियों का क्रियान्वयन करना है।
•  विभाग का सचिव अंतरिक्ष आयोग का पदेन अध्यक्ष भी होता है।
•  अंतरिक्ष विभाग प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करता है।

1975 :- भारत ने प्रथम प्रायोगिक उपग्रह आर्यभट्ट का  USSR की सहायता से सफल प्रक्षेपण किया।
1979 :- भारत ने प्रथम प्रायोगिक सुदूर संवेदी उपग्रह भास्कर-1 का USSR‌ की सहायता से सफल प्रक्षेपण किया।
1980 : स्वदेशी निर्मित प्रक्षेपण यान SLV-3 द्वारा स्वदेशी निर्मित उपग्रह रोहिणी rs-1 का सतीश धवन स्पेस सेंटर (श्रीहरिकोटा) से सफल प्रक्षेपण किया गया।

1982 :- INSAT-1A नामक संचार उपग्रह नासा की सहायता से प्रक्षेपित किया गया। यह प्रक्षेपण असफल रहा।
1983 :- INSAT-1B  नासा की सहायता से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।

1984 : राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय बने। वे सोवियत संघ के रॉकेट सोयूज t -11 द्वारा सोवियत संघ के स्पेस स्टेशन salyut-7 में गए। 
1987 :- ASLV‌ का सफल प्रक्षेपण।
1994 :- PSLV का सफल प्रक्षेपण।
2001 :- GSLV का सफल प्रक्षेपण। इसरो का सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान।
2008 : ISRO ने प्रथम अंतरग्रहीय मिशन चंद्रयान -1 का सफल संचालन किया।
2013 : स्वदेशी नौवहन तंत्र NAVIC के प्रथम उपग्रह  IRNSS-1A‌ का सफल प्रक्षेपण।

2013 : मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) का सफल प्रक्षेपण।
2014 : भारत ने स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया।
2017 : इसरो द्वारा 104 उपग्रह एक साथ सफलतापूर्वक स्थापित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया
2019 : चंद्रयान-2 प्रक्षेपित किया गया।

अंतरिक्ष विभाग के अधीन कार्यरत्त संस्थान :-
     1. PRL
     2. NARL
     3. NE-SAC
     4. SCL
     5. IIST
     6. ISRO
     7. Antrix corporation
     8. NSIL

1. भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद :
•  सौर वेधशाला, झील फतेह सागर, उदयपुर
•  इन्फ्रारेड वेधशाला, माउंट आबू

यह खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी, सौर मंडल, ब्रह्मांडीय विकिरण, पृथ्वी विज्ञान से संबंधित अनुसंधान से संबंधित है।

2. राष्ट्रीय वायुमंडलीय अनुसंधान प्रयोगशाला, गडंकी (तिरुपति) आंध्र प्रदेश :
• यह रडार LIDAR की मदद से वातावरण, मौसम, जलवायु, बादल, आयनमंडल, विकिरण से संबंधित अनुसंधान से संबंधित है।

3. उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, उमियम, शिलांग, मेघालय :
• यह भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में उनके विकास को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों की खोज के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग करता है।

4. सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला, चंडीगढ़ :
• यह अर्धचालक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास से संबंधित है। सूक्ष्म विद्युत यांत्रिक प्रणाली -
सर्किट और उपकरण - दूरसंचार, सेंसर और अन्य अंतरिक्ष क्षेत्रों के लिए उपयोग किया जाता है।

5. भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुवनंतपुरम, केरल

6. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, बेंगलुरु कर्नाटक

7. एंट्रिक्स, बेंगलुरु :
•  यह भारत संरकार के स्वामित्व वाली एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह विदेशी ग्राहकों से निपटने के लिए अंतरिक्ष उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के संबंध में इसरो की विपणन और वाणिज्यिक शाखा है।

8. न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड, बेंगलुरु :
• यह भारत सरकार का एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है । यह अंतरिक्ष के क्षेत्र में घरेलू उद्योगों के व्यावसायिक जुड़ाव और क्षमता निर्माण से संबंधित होगा। (उद्योग, तकनीकी परामर्श के लिए लघु उपग्रह प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण)। एनएसआईएल एंट्रिक्स का पूरक होगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
INCOSPAR को ISRO के रूप में 15 अगस्त 1969 को स्थापित किया गया।
मुख्यालय - बेंगलुरु
उद्देश्य :- राष्ट्रीय हित और राष्ट्र के विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और इसके अनुप्रयोगों का उपयोग करना।

इसरो के अध्यक्ष :-
1969 - 1972 विक्रम साराभाई
1972 - 1984 सतीश‌धवन
1984 - 1994 U R राव
1994 - 2003 K. कस्तूरीरंगन
2003 - 2009 G. माधवन नायर
2009 - 2014 K. राधाकृष्णन
2014 - 2018 A. S. किरन कुमार
2018 - वर्तमान K सिवन

ISRO के अधीन कार्यरत संस्थान :-
1. विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, तिरुवंतपुरम
पूर्व में "TERLS" के रूप में जाना जाता था। 
सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल PSLV GSLV यहां विकसित की जाते हैं।

2. UR राव सैटलाइट सेंटर, बेंगलुरू
उपग्रह और अंतरिक्ष यान यहां विकसित की जाते हैं।

3. सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
श्रीहरिकोटा हाई एल्टीट्यूड रेंज
भारत में उपग्रह यहां से लांच की जाते हैं।(उपमहाद्वीप के पूर्वी तट पर भूमध्य रेखा के पास)।

4. लिक्विड प्रपल्शन सिस्टम्स सेंटर, तिरुवंतपुरम,बेंगलुरु
यह ठोस और तरल प्रणोदन प्रणाली के डिजाइन और विकास का कार्य करता है।

5. इसरो प्रपल्शन कंपलेक्स, महेंद्रगिरी हिल्स, तमिलनाडु
पूर्व में लिक्विड प्रपल्शन सिस्टम्स सेंटर के रूप में जाना जाता था।
यह अपर स्टेज तरल प्रणोदक और क्रायोजेनिक चरण के विकास से संबंधित कार्य करता है।

6. मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी, (हसन कर्नाटक) ,(भोपाल मध्य प्रदेश) 
इसरो के सभी भूस्थिर/भूतुल्कालिक उपग्रहों की निगरानी और नियंत्रण इस केंद्र से किया जाता है।

7. नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद
सुदूर संवेदी उपग्रहों से प्राप्त डेटा को विभिन्न तकनीकों और अनुप्रयोगों के साथ इस केंद्र में संग्रहित और संसाधित किया जाता है ताकि इसका उपयोग आपदा प्रबंधन, भू स्थानिक सेवाओं, शासन और क्षमता निर्माण में किया जा सके।
• NRSC के छह की क्षेत्रीय केंद्र है - देहरादून ,जोधपुर ,नागपुर ,बेंगलुरु, खड़कपुर ,शिलांग।

8. ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर, बेंगलुरु
हाल ही में गगनयान परियोजना के कार्यान्वयन के लिए "इंडियन ह्यूमन स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम" के तहत इसे स्थापित किया गया है।

9. इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क, ब्यालालू नेटवर्क
यह ISTRAC की मदद से अंतरग्रहीय मिशन के साथ संपर्क स्थापित करता है।

10. ISRO टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क
ग्राउंड स्टेशन्स का वैश्विक नेटवर्क जो उपग्रह और प्रक्षेपण यान मिशनों को टेलीमेंट्री ट्रैकिंग और निर्देशन में सहायता प्रदान करता है।
भारत में केंद्र :- पोर्ट ब्लेयर, तिरुवंतपुरम/त्रिवेंद्रम, बेंगलुरु, श्रीहरिकोटा, लखनऊ।
वैश्विक स्टेशन :- मॉरीशस, इंडोनेशिया, वियतनाम, रूस, नॉर्वे, पनामा।

11. स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर, अहमदाबाद - दिल्ली
यह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित विभिन्न अनुप्रयोगों और प्रणालियों के अनुसंधान एवं विकास का कार्य करता है( दूरसंचार, सुदूर संवेदन, उपग्रह नौवहन, मौसम विज्ञान आदि से संबंधित)।

12. भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, देहरादून उत्तराखंड


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