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RAS Notes । निर्वनीकरण । Deforestation

 
Deforestation


निर्वनीकरण (Deforestation)

मानवीय गतिविधियों की सुविधा के लिए जंगलों (या अन्य भूमि) से बड़े पैमाने पर पेड़ों को हटाना निर्वनीकरण कहलाता है।

निर्वनीकरण से संबंधित आंकड़े:-
वन पृथ्वी की कुल भूमि की सतह का लगभग 31% भाग कवर करते हैं।
2000 और 2012 के बीच, 568 मिलियन एकड से अधिक वनों की कटाई की गई हैं।
वर्ष 2018 में लगभग 9 मिलियन एकड उष्ण कटिबंधीय वन काट दिये गये थे।
वनों की कटाई के कारण अमेजन वर्षा वन हर मिनट अपने क्षेत्र का लगभग 1.32 एकड खो देते हैं।
(अमेजन वर्षा वन दुनिया की 20% ऑक्सीजन आपूर्ति के स्त्रोत है)


वनों का महत्व:-

• वन ग्रीनहाउस गैसों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड) को अवशोषित करके और कार्बन स्टोरहाउस के रूप में कार्य करके जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करते हैं।
• ऑक्सीजन, भोजन, स्वच्छ जल और औषधि के स्त्रोत हैं।
जल चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। (वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया के माध्यम से वातावरण में पानी बढाने का काम करते हैं।)
• वन बाढ़ के पानी के सिंक के रूप में कार्य करके बाढ़ के विनाशकारी प्रभावों को कम करने में मदद करते हैं।
• वन क्षेत्रों में पेड़ो का बड़ा समूह मिट्टी को यांत्रिक सहायता प्रदान करके मिट्टी के कटाव का मुकाबला करता है।
• वन पृथ्वी पर सभी ज्ञात प्रजातियों के 50% से अधिक के लिए आवास प्रदान करते हैं।
उद्योगों के लिए कच्चे माल का स्त्रोत भी हैं। (कागज, लकड़ी और कपड़ा उद्योग)
• लगभग 1.6 बिलियन नौकरियां वनों पर निर्भर हैं।


निर्वनीकरण के कारण:-

मानवजनित कारण
कृषि - छोटे पैमाने पर और बड़े पैमाने पर
लॉगिंग - कच्चे माल के रूप में उपयोग के
लिए पेड़ों की कटाई
खनन एवं शहरीकरण।
UNFCCC (जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट फ्रेमवर्क कन्वेंशन) के अनुसार वनों की कटाई में योगदान -  
कृषि 80% > लॉगिंग में 14% > लकड़ी का ईंधन के रूप में उपयोग 5%

प्राकृतिक कारण
• ज्वालामुखी विस्फोट ज्वालामुखी के आसपास की वन भूमि को जला देते हैं।
• तूफान, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण जंगलों का विनाश।
• पेड़ों को नष्ट करने वाले परजीवियों द्वारा वन पास्थितिकी तंत्र पर आक्रमण।
• जंगल की आग।

NOTE:- वनों की कटाई में प्राकृतिक कारकों की बहुत छोटी हिस्सेदारी हैं।


निर्वनीकरण के दुष्प्रभाव:-

जल चक्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हैं।
• वनों की कटाई वाली भूमि के लिए अत्यंत शुष्क जलवायु का अनुभव करना सामान्य हैं।
वनों की कटाई मरूस्थलीकरण और सूखे का कारण बनती है।
• वनों की कटाई के परिणाम स्वरूप मृदा अपरदन होता हैं।
• ढलान वाली भूमि में वनों की कटाई से अक्सर भूस्खलन होता हैं, क्योंकि पेड़ो की अनुपस्थिति के कारण मिट्टी में आपसी पकड़ नहीं रहती हैं।
• कुछ प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़ से मिट्टी के कटाव की सीमा बढ़ जाती हैं।
• वन कटाई अधिक होने पर ग्रीन हाउस गैसों के अवशोषण में कमी आती है जिससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है।
• जैव विविधता में कमी।
• उद्योगों के लिए कच्चे माल की कमी। (कागज, लकड़ी, कपड़ा उद्योग)
• वनों की कटाई से अल्पकालिक आर्थिक लाभ होता है परंतु दीर्घकालिक उत्पादकता क हो जाती है।


निर्वनीकरण को कैसे नियंत्रित किया जा सकता हैं?

सरकार द्वारा उपाय:-
1. अवैध कटाई को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय और सख्त कानूनों का कार्यान्वयन।
2. सरकारी संरक्षण में वनों की संख्या और सीमा बढ़ाना।
3. वन क्षेत्र के नुकसान को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे (सड़कों, बाधों, आदि) के निर्माण की योजना सावधानीपूर्वक बनाना।
4. कृषि उद्योग (जैसे हाइड्रोपोनिक्स) में नई तकनीकों में निवेश करना और किसानों को पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों (जैसे चक्रीय कृषि) को लागू करने में मदद करना।
5. अकुशल कृषि पद्धतियों (जैसे स्लैश एंड बर्न कृषि) पर प्रतिबंध लगाना।
6. लकड़ी के विकल्पों का उत्पादन बढ़ाना। उदाहरण के
लिए, बांस लकड़ी के ईधन के विकल्प के रूप में काम कर सकता हैं।
7. वनों की कटाई वाली भूमि को बहाल करने के लिए नए वनीकरण अभियान शुरू करना।

व्यक्तियों द्वारा उपाय:-
• एक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में 3R (Reduce, Reuse, and Recycle) सिद्धांत को लागू करके वनों
की कटाई की रोकथाम में योगदान दे सकता हैं।
• व्यक्ति इसके नकारात्मक परिणामों के बारें में जागरूकता फैलाकर और वृक्षारोपण अभियानों में भाग लेकर वनों की कटाई का मुकाबला कर सकते हैं।

UNREDD कार्यक्रम:-
Reducing emission from deforestation and forest degradation.
• यह संयुक्त राष्ट्र का सहयोगात्मक कार्यक्रम है जिससे विकासशील देशों में निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण में कमी करके ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती की जा सके।
• स्थापना - 2008
• मुख्यालय - जेनेवा (स्विटजरलैंड)
• यह FAO, UNDP और UNEP का सामूहिक कार्यक्रम है।
• यह विकासशील देशों में REDD+ को लागू करने के लिए तकनीकी क्षमताओं की स्थापना में सहयोग करता है।

REDD+ कार्यक्रम:-
उद्देश्य:- विकासशील देशों में निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण में कमी करके ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती के साथ-साथ वन संरक्षण, वन प्रबंधन एवं कार्बन स्टॉक में वृद्धि करना।
• यह एक प्रक्रिया (Mechanism) है जिसे UNFCCC पार्टीज ने विकसित किया है।
• यह वनों में संग्रहित कार्बन के लिए एक वित्तीय मूल्य प्रदान करता है।
• इसके अंतर्गत विकासशील देशों को परिणाम आधारित कार्यवाही के लिए परिणाम आधारित भुगतान प्राप्त होता है।

SAVE WATER

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