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दक्षिण अमेरिका महाद्वीप। झीलें। नदियां। मैदान। औद्योगिक क्षेत्र

 
Rivers of South America


दक्षिण अमेरिका महाद्वीप

दक्षिण अमेरिका की झीलें
1. मराकाइबो झील:-
• यह वेनेजुएला की प्रमुख झील है।
• कैरेबियन सागर से जुड़ी है। अतः लवणीय है।
• यह दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी झील है, परंतु
वास्तव में यह एक तटीय खाड़ी है।
• इस झील वाले क्षेत्र में पेट्रोलियम के भंडार पाए
जाते हैं। 
तबलाज़ो जलसंधि इस झील को वेनेजुएला की खाड़ी से जोड़ती है।

2. टिटिकाका झील:-
• यह पेरू-बोलीविया के सीमा क्षेत्र में बोलीविया के पठार पर स्थित है।
• दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील
है।
• यह विश्व में सर्वाधिक ऊँची नौकायन उपयुक्त झील
है।

3.पोपो/ पूपो झील:-
• बोलीविया में स्थित दूसरी सबसे बड़ी झील थी जो अब पूर्ण रूप से सूख चुकी है। यह लवणीय झील थी जो बोलीविया के पठार पर स्थित थी।


दक्षिण अमेरिका की नदियां:-

1. ओरिनोको नदी Orinoco river
2. अमेज़न नदी Amazon River
3. साउ फ्रांसिस्को नदी Sao Francisco
4. पराना नदी Parana River
5.कोलोराडो नदी Colorado river

ओरिनोको नदी:-
• उद्गम गुयाना पठार से होता है तथा अटलांटिक महासागर में गिरती है।
• यह वेनेजुएला देश की प्रमुख नदी है।
• इस नदी के बेसिन क्षेत्र में लानोस घास के मैदान स्थित हैं तथा पेट्रोलि के भंडार पाए जाते हैं।
• इसकी प्रमुख सहायक नदी कैरोनी है जिस पर गुरी बांध स्थित है।
• कैरोनी की प्रमुख सहायक नदी चुरून है, जिस पर एंजिल जलप्रपात स्थित है।
एंजिल जलप्रपात विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात है।

अमेजन नदी:-
• उद्गम एंडीज पर्वत से होता है तथा यह अटलांटिक महासागर में गिरती है।
• यह विश्व की सबसे बड़ी (Largest) तथा विश्व की दूसरी सबसे लंबी (Longest) नदी भी है।
• इस नदी के बेसिन में सेलवास नामक वर्षावन स्थित हैं तथा कैंपोस, सेराडोस, कैटिंगस नामक उष्णकटिबंधीय घास के मैदान भी स्थित हैं।
• अमेज़न की प्रमुख सहायक नदियां नेग्रो तथा मेडीरा है।
• अमेज़न नदी मुख्यतः ब्राजील, कोलंबिया, पेरू से बहती है

साउ फ्रांसिस्को नदी:-
• उद्गम ब्राजील के पठार से होता है तथाअटलांटिक महासागर में गिरती है।
• यह पूर्ण रूप से ब्राजील में बहने वाली सबसे लंबी
नदी है।
• इसे राष्ट्रीय एकता की नदी कहते हैं। (ब्राजील के दक्षिणी भाग को उत्तरी भाग से जोड़ती है।)

पराना नदी:-
• इसका उद्गम ब्राजील के पठार से होता है तथा यह रिओ डी ला प्लाटा में गिरती है।
• प्रमुख सहायक नदी - पराग्वे तथा उरूग्वे हैं। 
• यह दक्षिण अमेरिका की दूसरी सबसे लंबी नदी है।
• पराना, पराग्वे तथा उरूग्वे नदियां मिलकर सम्मिलित रूप से प्लाटा नदियां कहलाती है।
• इसके बेसिन में ग्रान चाको नामक घास का मैदान स्थित है। 
• पराना नदी पर इताईपू बांध स्थित है। यह विश्व का
दूसरा सबसे बड़ा जल विद्युत उत्पादन करने वाला बांध है।
• प्लाटा नदियाँ दक्षिण अमेरिका के विभिन्न देशों के बीच सीमा का निर्माण करती हैं।

कोलोराडो नदी:-
• उद्गम एंडीज पर्वत से होता है तथा अटलांटिक महासागर में गिरती है।
• यह नदी पैटेगोनिया मरुस्थल की उत्तरी सीमा तथा पम्पास घास के मैदान की दक्षिणी सीमा का निर्धारण करती है।

पश्चिमी तटवर्ती मैदान:-
• विश्व के सबसे लंबे तटवर्ती मैदान है।
• यह संकरे मैदान है तथा यहाँ तांबे के भंडार पाए जाते
हैं।
• समुद्री पक्षियों की बीट के कारण इस मैदानी क्षेत्र की मृदा में नाइट्रेट-फास्फेट की मात्रा अधिक पाई जाती है। इन समुद्री पक्षियों की बीट को गुआनो कहते हैं तथा इन पक्षियों को गुआनो पक्षी कहते हैं।
• इस मैदानी क्षेत्र के मध्यवर्ती भाग में अटाकामा मरुस्थल स्थित है जो विश्व का शुष्कतम मरुस्थल है।
अटाकामा मरुस्थथल मुख्यतः पेरू तथा चिली में
स्थित है।
इस मरुस्थथल में विश्व का शुष्कतम स्थान अरिका स्थित है।

मध्यवर्ती मैदानी प्रदेश:-
•इस मैदानी क्षेत्र में वर्षा वन, उष्णकटिबंधीय तथा शीतोष्णकटिबंधीय घास के मैदान स्थित हैं।
• इस क्षेत्र में स्थित वर्षा वन सेलवास कहलाते हैं। सेलवास अमेजन नदी के बेसिन में स्थित है। अतः इन्हें विश्व के फेफड़े कहा जाता है। यहाँ बालसा नामक विश्व की सबसे हल्की लकड़ी वाले वृक्ष पाए जाते हैं।
• यहाँ के प्रमुख उष्णकटिबंधीय घास के मैदान लानोस, ग्रान चाको, कैंपोज, सैराडोस, कैटिंगस हैं।
• यहाँ पम्पास नामक शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान स्थित हैं।
• यहाँ के घास के मैदानों का उपयोग कृषि एवं पशुपालन के लिए किया जाता है।

पम्पास घास के मैदान:-
• यह शीतोष्णकटिबंधीय घास के मैदान हैं, जो मुख्यतः अर्जेंटीना में स्थित है। यह घास के मैदान ब्राजील तथा उरूग्वे के कुछ भाग में भी पाए जाते हैं।
• इस घास के मैदान में चरनोजम मृदा पाई जाती है।
• इन घास के मैदानों में पौष्टिक घास का विकास होता है। यहाँ अल्फा-अल्फा घास पाई जाती है।
• इन घास के मैदानों का उपयोग कृषि तथा पशुपालन के लिए किया जाता है। यहाँ मुख्यतः गेहूं का उत्पादन किया जाता है।
• यहाँ के मवेशी फार्म को एस्टेंशिया कहते हैं तथा इनकी देखरेख करने वालो को ग्वाचो कहते हैं।
• पम्पास के कुछ भाग का उपयोग अंगूर की खेती के लिए किया जाने लगा है। अर्जेंटीना का मेंडोसा शहर वाइन उत्पादन के लिए विख्यात है।


दक्षिण अमेरिका के औद्योगिक प्रदेश

ब्राजील:-
• अमापा खान - मैंगनीज
• रेसीफे - चीनी निर्यातक बंदरगह
• इल्हूस - कोकोआ
• मिनास गेरास राज्य के इताबिरा और बेलो हॉरिजॉन्टे से लौह अयस्क निकलता है।
• वोल्टा रेडोन्डो (रियो डी जनेरो) - स्टील उद्योग
• साओ पाउलो - कॉफी
• सेंटोस - कॉफी बंदरगाह
नोट:- ब्राजील में कॉफी फार्म को फजेण्डा कहते है।
यहां टेरा रोसा मृदा पाई जाती है, जो कॉफी उत्पादन के लिए उपयुक्त होती है।

कोलंबिया:-
• मेडेलिन और मानीजेल्स - कॉफी
• कॉफी फार्म को फिन्का कहते हैं।

इक्वेडोर:- रबड़, कॉफी, केले
गुयाना, सूरीनाम:- बॉक्साइट
वेनेजुएला:- तेल
पेरू:- सेर्रो डी पास्को - चांदी
चिली:- चुक्किमाता - तांबा***

अर्जेंटीना:-
• ब्यूनस आयर्स - जहाज निर्माण, गेहूं निर्यात
• बाहिया ब्लांका - मक्का तथा तंबाकू निर्यातक बंदरगाह
• मेंडोसा - वाइन (शराब)***


SAVE WATER

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