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अफ्रीका महाद्वीप का भूगोल। प्रमुख झीलें। प्रमुख नदियां। औद्योगिक क्षेत्र

 
Lakes of Africa

अफ्रीका महाद्वीप की झीलें

1.विक्टोरिया झील
2.टैंगनाइका झील
3.चाद झील

1.विक्टोरिया झील:-
•यह झील केनिया, युगांडा तथा तंजानिया के सीमा क्षेत्र में स्थित है।
• यह अफ्रीका की सबसे बड़ी तथा विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।
• इस झील से विषुवत रेखा गुजरती है। 
• यह झील भ्रंश घाटी में स्थित नहीं है।
• इस झील से श्वेत नील नदी का उद्गम होता है।

2.टैंगनाइका झील:-
• यह झील कांगो प्रजातंत्रिक गणराज्य, तंजानिया, बुरुंडी तथा जांबिया के सीमा क्षेत्र में स्थित है।
• यह झील भ्रंश घाटी में स्थित है। 
• यह विश्व की सबसे लंबी, दूसरी सबसे गहरी तथा दूसरी सबसे पुरानी मीठे पानी की झील है।

अफ्रीका की महान झीलें:-
• पूर्वी अफ्रीका में भ्रंश घाटी में स्थित झीलों को अफ्रीका की महान झीलेंले कहते हैं।
• भ्रंश घाटी में स्थित ये झीलें गहरी तथा लंबी है।
• यहां की अधिकतम झीलें मीठे पानी की है।
• उदाहरण - एडवर्ड झील, कीबु झल, तुर्काना झील, मालावी झील, टैंगनाइका झील, रूक्वा झील

3.चाद झील:-
• यह नाइजीरिया, नाइजर, चाद तथा कैमरून देशों के सीमा क्षेत्र पर स्थित मीठे पानी की झील है, जो निरंतर सिकुड़ रही है। 
• इस झील का अस्तित्व खतरे में है।
• इस झील में चारी नदी गिरती है। अतः इसमें अंतः स्थलीय अपवाह तंत्र पाया जाता है। 
• यह झील रामसर सूची में सम्मिलित है।


अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख नदियां:-

1.वोल्टा नदी
2.नाइजर नदी (जोलिबा नदी)
3.कांगो नदी (ज़ायर नदी)
4.जाम्बेजी नदी
5.ऑरेंज नदी
6.लिम्पोपो
7. नील

1.वोल्टा नदी:-
• इस नदी का उद्गम बुर्किना फासो के पठारी क्षेत्र से होता है।
• इस नदी का निर्माण काली, सफेद तथा लाल वोल्टा नदियों के मिलने से होता है।
• यह घाना की प्रमुख नदी है।
• इस नदी पर अकोसॉम्बो बाँध स्थित है, जिससे वोल्टा झील का निर्माण होता है।
• क्षेत्रफल की दृष्टि से वोल्टा विश्व की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है।

2.नाइजर नदी (जोलिबा नदी):-
• गिनी उच्चभूमि से उद्गम होता है तथा नाइजीरिया में डेल्टा बनाने के बाद गिनी की खाड़ी में गिरती है।
बेन्यू इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
• यह पश्चिमी अफ्रीका की सबसे लंबी एवं प्रमुख
नदी है।
• माली का प्रमुख शहर टिंबक्टू और राजधानी बमाको इस नदी के किनारे स्थित है। 
• इस नदी को घुमाव वाली या मोड वाली नदी भी
कहते हैं। 

3.कांगो नदी (ज़ायर नदी):-
• कतांगा पठार से उद्गम होता है तथा यह अटलांटिक
महासागर में गिरती है।
विश्व की सबसे गहरी तथा दूसरी सबसे बड़ी नदी है।
• अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी है।
• इस नदी में विश्व की सर्वाधिक जल विद्युत उत्पादन क्षमता पाई जाती है। 
इस पर ग्रेट इंगा परियोजना स्थापित की जा रही है।
• यह नदी विषुवत रेखा को दो बार काटती है।
• इस पर स्टेन्ली एवं लिविंगस्टोन जलप्रपात स्थित है।
• इसके बेसिन क्षेत्र में पिग्मी जनजाति निवास करती है।

4.जाम्बेजी नदी:-
• यह नदी उद्गम उत्तर पश्चिमी जाम्बिया से निकलकर  मोजांबिक चैनल में गिरती है।
• इस नदी पर करीबा बाँध स्थित है जिससे करीबा झील का निर्माण होता है। 
आयतन की दृष्टि से करीबा विश्व की सबसे बड़ी मानव
निर्मित झील है।
• इस नदी पर विक्टोरिया जलप्रपात स्थित है।

5.ऑरेंज नदी:-
• इस नदी का उद्गम ड्रेकेंसबर्ग पर्वत से होता है तथा
यह अटलांटिक महासागर में गिरती है।
• यह दक्षिण अफ्रीका की सबसे प्रमुख एवं लंबी नदी
है।
• यह नदी नामीबिया तथा दक्षिण अफ्रीका के मध्य
सीमा क्षेत्र से बहती है।
• इसकी प्रमुख सहायक नदी वॉल है।

6.लिम्पोपो नदी:-
• इस नदी का उद्गम क्रोकोडाइल तथा मारिको नदियों के मिलने से होता है।
• यह नदी मकर रेखा को दो बार काटती है।
• यह दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना तथा जिम्बाब्वे के बीच सीमा क्षेत्र पर बहती है ।
• यह नदी डेलागोवा खाड़ी (हिंद महासागर) में गिरती है।

7.नील नदी:-
• इस नदी का उद्गम सुडान की राजधानी खार्तूम से होता है, जहाँ श्वेत नील तथा ब्लू नील नदियाँ मिलती है। डेल्टा बनाते हुए भूमध्य सागर में गिरती है।
• इसके बेसिन में चावल एवं कपास की खेती की जाती है।
मिस्त्र के किसान फेल्लाह कहलाते हैं। काहिरा और सिकंदरिया सूती वस्त्र उद्योग के प्रमुख केन्द्र हैं।
• यह विश्व की सबसे लंबी नदी है। (Longest)
• मिस्त्र को नील नदी का उपहार कहा जाता है।
• मिस्त्र में इस नदी पर अस्वान बाँध स्थित है।
• इथियोपिया में ब्लू नील नदी पर ग्रेट रेनेसा बांध विकसित किया जा रहा है, जिसका मिस्त्र और सूडान विरोध करते हैैं।


अफ्रीका के घास के मैदान

1.सवाना घास के मैदान:-
यह उष्णकटिबंधीय घास के मैदान है। (Tropical Grassland)
• यहाँ मुख्यत: घास तथा वृक्ष एवं झाड़ियाँ भी पाई जाती है।
• यहाँ लगभग 75 से 100 सेंटीमीटर वर्षा प्राप्त होती है।
सीमित वर्षा के कारण यहाँ लंबी, मोटी एवं पौष्टिक घास
का विकास होता है। जिसे हाथी घास कहते है।
• इस घास के मैदान में विश्व के सबसे बड़े स्थलीय जीव पाए जाते हैं।
• वन्यजीवों के कारण प्राचीन काल में यहाँ शिकार किया जाता था। अतः इसे लैंड ऑफ बिग गेम भी कहते थे।
• सवाना तुल्य जलवायु क्षेत्रों में शीत तथा ग्रीष्म ऋतु का पूर्ण रूप से निर्माण होता है तथा ऐसे जलवायु क्षेत्रों में आर्द्र तथा शुष्क ऋतु स्पष्ट दिखाई देती है।

2.वेल्ड:-
• यह दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी उच्च भूमि में स्थित शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान है।
• इसका विस्तार स्वाज़ीलैण्ड, लेसोथो, जिम्बाब्वे,
बोत्सवाना में भी है।
• यहाँ की मुख्य नदी वॉल है।
• कृषि एवं पशुपालन के लिए उपयोगी है।
मक्का यहाँ की प्रमुख फसल है। इसलिए इस क्षेत्र को मक्का त्रिभुज भी कहते है।
• यहाँ की मेरिनो भेड़ अच्छी किस्म की ऊन के लिए विख्यात है।


अफ्रीका के मरूस्थल:-

1. सहारा मरुस्थल:-
• यह विश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है, जो उत्तरी
अफ्रीका के 11 देशों में विस्तृत है - अल्जीरिया,
चाद, मिस्र, लीबिया, मोरक्को, माली, मॉरिटानिया,
नाइजर, सुडान, ट्यूनीशिया।
• यह पथरीला मरुस्थल है। (हमादा)
• यहां लाल मृदा पाई जाती है।
• इस मरुस्थल में तुआरेग एवं बेदुइन जातियाँ निवास करती है।
• लीबिया के अल अजीजिया नामक स्थान में उच्च
तापमान (58° C) रिकॉर्ड किया गया है।
सहारा मरुस्थल बनने के कारण:-
(i) उपोषण कटिबंधीय उच्च दाब पेटी (STHPB)
(ii) शुष्क व्यापारिक पवनें
(iii) ठंडी कैनेडी धारा

2. कालाहारी मरुस्थल:-
• यह मरुस्थल बोत्सवाना देश में स्थित है। इस मरुस्थल का कुछ भाग नामीबिया तथा दक्षिण अफ्रीका में भी स्थित है।
• यह रेतीला मरुस्थल है। (अर्ग Erg)
• इस मरुस्थलीय क्षेत्र में बुशमैन जनजाति निवास करती है।
• ओकावांगो नदी इस मरुस्थलीय क्षेत्र में आकर लुप्त हो जाती है। 
माक्गाडिक्गाडी सॉल्ट पैन भी इस मरुस्थल में स्थित है।
माक्गाडिक्गाडी आर्द्रभूमि क्षेत्र में वन्यजीव पाये जाते हैं तथा यह संरक्षित क्षेत्र है।

3. नामिब मरूस्थल:-
• यह मरुस्थल मुख्यतः नामीबिया में स्थित है, परंतु
इसका कुछ भाग अंगोला तथा दक्षिण अफ्रीका में भी
विस्तृत है।
• यह रेतीला मरुस्थल है, जिसका निर्माण ठंडी बेंगुएला
धारा के कारण हुआ है।
• यह मरुस्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, क्योंकि यहां कोहरे से ढके हुए बालुका स्तूप पाए जाते हैं। 

साहेल प्रदेश:-
• यह सवाना घास के मैदान तथा सहारा मरुस्थल के बीच स्थित संक्रमण क्षेत्र है।
• इस पश्चिम से पूर्व तक फैली पट्टी में विकास बहुत कम हुआ है तथा यहां बहुत सी सामाजिक समस्याएं व्याप्त है। जैसे - गरीबी, कुपोषण, अशिक्षा।
• साहिल प्रदेश में ग्रेट ग्रीन वॉल परियोजना के माध्यम से मरुस्थलीकरण के विस्तार को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। यह परियोजना अफ्रीकन यूनियन की है।

महान अफ्रीकी भ्रंश घाटी:-
• यह भ्रंश घाटी अरब प्रायद्वीप तथा पूर्वी अफ्रीका में स्थित है।
• उत्तरी सीरिया से प्रारंभ होकर मृत सागर, लाल सागर से होते हुए पूर्वी अफ्रीका में मोजांबिक देश (मलावी झील) तक जाती है।
• यह विश्व की सबसे लंबी भ्रंश घाटी है। (6400 km)
इस भ्रंश घाटी का निर्माण नूबियन तथा सोमाली प्लेट के अपसरण (Divergence) से हुआ है।
• इस भ्रंश घाटी के पास बहुत से ज्वालामुखी पर्वत स्थित है जैसे- किलिमंजारो
• इसमें बहुत सी झीलें स्थित है। जैसे - तुर्काना, अल्बर्ट,
एडवर्ड, कीवु, टैंगनाइका, न्यासा (मलावी) झील आदि।

सिनाई प्रायद्वीप:-
• यह प्रायद्वीप लाल सागर के उत्तर में स्थित है। 
• यह एशिया तथा अफ्रीका को जोड़ता है। यह मिस्त्र का ही भाग है। यह एशिया का भाग माना जाता है। अत: मिस्त्र देश का कुछ भाग एशिया में स्थित है।

स्वेज नहर:-
• इस नहर का निर्माण 1869 में हुआ था। 
• यह नहर लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है।
• यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है।
• यह नहर पोर्ट सईद को पोर्ट स्वेज से जोड़ती है।
• इस नहर का नियंत्रण मिस्त्र द्वारा किया जाता है।

जिब्राल्टर जलसंधि:-
• यह जलसंधि भूमध्य सागर को अटलांटिक महासागर से जोड़ती है। 
• यह अफ्रीका को यूरोप से अलग करती है।
• यह मोरको एवं क्यूटा (स्पेन) को जिब्राल्टर (यूके) से अलग करती है।
• इसे भूमध्य सागर की कुंजी कहते है।

बाब-एल-मैंडेब जलसंधि:-
• यह जलसंधि लाल सागर को अदन की खाड़ी (हिंद महासागर) से जोड़ती है। 
• यह अप्रीका को एशिया से अलग करती है।
• यह जिबूती को यमन से अलग करती है।

अफ्रीका के उद्योग एवं खनिज:-
तेल - अल्जीरिया, लीबिया, नाइजीरिया
कपास - मिस्त्र
रबर, तेल ताड (Oil palm) - कांगो, कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य (DRC)
तांबा, कोबाल्ट - कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य (DRC), जांबिया

कॉफी - काफा (इथियोपिया)
हीरा -
किम्बर्ले (दक्षिण अफ्रीका),
 बकवांगा खान (मबुजी मायी शहर, DRC)
चाय - केन्या
लौंग - पेम्बा द्वीप, जंजीबार द्वीप

दक्षिण अफ्रीका:-
• प्रिटोरिया - दक्षिण अफ्रीका की प्रशासनिक राजधानी।
प्रिटोरिया का नया नाम - शवाने
• ब्लूफॉन्टेन - दक्षिण अफ्रीका की न्यायिक राजधानी
• केपटाउन -  दक्षिण अफ्रीका की विधायी राजधानी
• जोहान्सबर्ग - सोना
• किम्बर्ले - हीरा
• दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख बंदरगाह:-
(i) ईस्ट लंदन
(ii) पोर्ट एलिजाबेथ
(iii) डरबन

प्रश्न.विश्व की हीरे की राजधानी किसे कहा जाता है ? - किम्बर्ले

आगे पढ़े 👉 यूरोप महाद्वीप

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