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रक्षा प्रौद्योगिकी । मिसाइलों के प्रकार

 
Defence technology

मिसाइलों के प्रकार

Types of missiles.

मिसाइल:- मिसाइल एक हवाई वाहन है, जिसका उपयोग युद्धभार को एक निश्चित स्थान तक ले जाने हेतु किया जाता है।

मिसाइल के प्रकार:-

(A) पथ के आधार पर:-
• क्रूज मिसाइल
• बैलेस्टिक मिसाइल 

(B) प्रक्षेपण मोड़ के आधार पर:-
• सतह से सतह पर मार करने वाली
• सतह से हवा में मार करने वाली
• हवा से सतह पर मार करने वाली
• हवा से हवा में मार करने वाली
• जल से सतह/हवा में मार करने वाली
• जल से जल में मार करने वाली (टारपीडो)

(C) परास के आधार पर:-
• कम दूरी की (Short range)
• मध्यम दूरी की (Medium range)
• इंटरमीडिएट रेंज
• अंतर महाद्वीपीय (Inter continental)

(D) गति के आधार पर:-
• सब सोनिक (<1 मैक)
• सुपर सोनिक (1-5 मैक)
• हाइपरसोनिक (>5 मैक)

नोट:- 1मैक = ध्वनि की गति।

(E) उपयोग के आधार पर:-
• युद्धक (Tactical)
• सामरिक (Strategic)

क्रूज मिसाइल
बैलिस्टिक मिसाइल
• वे मिसाइल जिनकी संपूर्ण उड़ान स्वप्रणोदित व निर्देशित होती है, क्रूज मिसाइल कहलाती है।

• इन्हें उड़ान के दौरान निर्देशित किया जा सकता है।

• ये गाइडेंस सिस्टम के अनुरूप गति करती है।

• इन्हें डिटेक्ट करना मुश्किल है।

• इनमें जेट इंजन का उपयोग

• इनका वर्गीकरण सामान्यतः गति के आधार पर किया जाता है।

उदाहरण - ब्रह्मोस
• वे मिसाइल जिन्हें आरंभ में तो प्रणोदित व निर्देशित किया जाता है, तत्पश्चात वे गुरुत्वाकर्षण बल के अधीन प्रक्षेेप्य पथ पर गति करते हुए अपने लक्ष्य को भेदती है।

• इन्हेें प्रक्षेपण के बाद नियंत्रित या निर्देशित नहींं किया जा सकता है।

• ये गुरुत्वाकर्षण बल के अधीन गति करती है।

• इन्हें डिटेक्ट कर आसान है।

• इनमें रॉकेट इंजन का उपयोग

• इनका वर्गीकरण सामान्यतः परास के आधार पर किया जाता है।

उदाहरण - पृथ्वी, अग्नि

युद्धक
सामरिक
• इनका उपयोग सामान्यतः युद्ध में किया जाता है।

• परास सामान्यतः कम

• सामान्यतः परंपरागत हथियार ले जाने में सक्षम

• उदाहरण - ब्रह्मोस, त्रिशूल
• सामान्यतः युद्ध में नहीं किया जाता बल्कि इन्हें निवारक क्षमता (Deterrence capacity) के रूप में विकसित किया जाता है।

• परास सामान्यतः उच्च

• सामान्यतः परंपरागत के साथ-2 गैर-परंपरागत हथियार ले जाने में सक्षम

• • उदाहरण - अग्नि


हथियारों के प्रकार (Types of warheads):-
• परंपरागत हथियार - विस्फोटक पदार्थ
• गैर-परंपरागत हथियार - परमाणु, नाभिकीय, जैविक हथियार

गाइडेंस सिस्टम के प्रकार:-
• RADAR आधारित - आकाश
• LASER आधारित - LAHAT (लेजर होमिंग एंटी टैंक मिसाइल)
• Heat/Infrared - नाग
• GPS/सैटेलाइट आधारित - ब्रह्मोस, अग्नि

RADAR - Radio Detection And Ranging.
LASER - Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation.
DRDO - Defence research and development organisation.
 
समन्वित निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम (IGMDP)
(Integrated guided missile development programme):-
• इसकी शुरुआत 1983 में की गई तथा इसका नेतृत्व डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा किया गया।
• उद्देश्य - मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भरउन्नत (Advanced) बनाना।
• इसकी जिम्मेदारी DRDO को दी गई।
• इसके तहत पांच मिसाइलें विकसित की गई -
1. पृथ्वी 2. अग्नि 3. त्रिशूल 4. नाग 5. आकाश
Trick - PATNA
• यह कार्यक्रम 2008 में संपूर्ण हुआ।

1. पृथ्वी मिसाइल:-
पृथ्वी - I
पृथ्वी - II
पृथ्वी - III
 परास 150-250 किमी
• थल सेना संस्करण
• उन्नत संस्करण - प्रहार, प्रनाश

250-350 किमी
• वायुसेना संस्करण
350-600 किमी
• नौसेना संस्करण
• अन्य नाम - धनुष


यह डीआरडीओ द्वारा IGMDP के तहत विकसित -
सतह से सतह पर मार करने वाली, कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह एक युद्धक मिसाइल है, जो कि परंपरागत हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
इसमें कंप्यूटर आधारित हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक गाइडेंस सिस्टम का प्रयोग किया गया है।

नोट:- पृथ्वी - II मिसाइल 2004 में भारतीय थल सेना को स्थानांतरित कर दी गई। वर्तमान में यह मिसाइल नाभिकीय हथियारों को ले जाने में सक्षम है। (सामरिक मिसाइल)

2. अग्नि मिसाइल:-
अग्नि - I
परास 700-1200 किमी
MRBM (मध्यम दूरी)
अग्नि - II

परास 2000-2500 किमी
MRBM (मध्यम दूरी)
अग्नि - III
परास 3200-3500 किमी
IRBM (इंटरमीडिएट रेंज)
अग्नि - 4

परास 3000-4000 किमी
IRBM (इंटरमीडिएट रेंज)
अग्नि - 5
परास 5500 किमी
ICBM (अंतर महाद्वीपीय)

यह डीआरडीओ द्वारा IGMDP के तहत विकसित -
सतह से सतह पर मार करने वाली, मध्यम/इंटरमीडिएट/अंतर महाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है।
यह एक सामरिक मिसाइल है, जो कि परंपरागत केेेेे साथ-साथ नाभिकीय हथियारों को भी ले जाने में सक्षम है।
इसमें GPS/सैटेलाइट आधारित हाईटेक गाइडेंस सिस्टम का प्रयोग किया गया है।

3. त्रिशूल मिसाइल:-
यह डीआरडीओ द्वारा IGMDP के तहत विकसित -
सतह से हवा में मार करने वाली, कम दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
परास - 9 किमी
यह एक युद्धक मिसाइल है, जिसका विकास सेना के तीनों अंगों हेतु किया गया है। (थल सेना, वायु सेना, नौसेना)
गाइडेंस सिस्टम - रेडियो एल्टीमीटर
उपयोग - मुख्यत: एयरबेस की सुरक्षा हेतु।

4. आकाश मिसाइल:-
यह डीआरडीओ द्वारा IGMDP के तहत विकसित -
सतह से हवा में मार करने वाली, मध्यम दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
परास - 30 किमी
यह एक युद्धक मिसाइल है, जो परंपरागत हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
गाइडेंस सिस्टम - कमांड गाइडेंस सिस्टम व राजेंद्र राडार

राजेंद्र राडार:- डीआरडीओ द्वारा विकसित multi-mode राडार है जिसकी परास 60 किलोमीटर है।
 
5. नाग मिसाइल:-
यह डीआरडीओ द्वारा IGMDP के तहत विकसित -
एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है।
परास - 4-9 किमी
• इसमें इंफ्रारेड इमेजिंग प्रणाली का उपयोग किया गया जिससे यह रात्रि में भी कार्य करने में सक्षम है।
• यह दागो और भूल जाओ (Fire and forget) तकनीक पर आधारित है।
• इसके स्थलीय परिवहन व प्रक्षेपण हेतु NAMICA (नाग मिसाइल कैरियर) का उपयोग किया जाता है।
• इसका वायुसेना संस्करण HeliNa (हेलीकॉप्टर नाग) तथा उन्नत संस्करण ध्रुवास्त्र है।

अन्य महत्वपूर्ण मिसाइल:-

1. ब्रह्मोस मिसाइल:-
यह भारत (डीआरडीओ) एवं उसकी संयुक्त परियोजना है। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रुस की मॉस्कवा नदी (Moskva) के नाम पर रखा गया है।
• यह लंबी दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
परास - 290 किमी  गति - 2.8 - 3 मैक
• इसे कहीं से भी प्रक्षेपित किया जा सकता है। (सतह, हवा, जल)
• परंपरागत के साथ-साथ नाभिकीय हथियारों को ले जाने में सक्षम।
• यह दुनिया की सबसे तेज एंटी शिप क्रूज मिसाइल है।

2. ब्रह्मोस - II मिसाइल:-
यह ब्रह्मोस का उन्नत संस्करण है।
• लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल
परास - 600-800 किमी 
गति - 7-8 मैक
• इसमें स्क्रैमजेट इंजन का उपयोग किया गया है।
• यह दागो और भूल जाओ (Fire and forget) तकनीक पर आधारित है।

3. सागरिका (K-15):-
यह डीआरडीओ द्वारा विकसित 'सबमरीन लॉन्चड बैलिस्टिक मिसाइल' (SLBM) है।
• अरिहंत पनडुब्बी पर तैनात।
परास - 750-1500 किमी
• परंपरागत के साथ-साथ नाभिकीय हथियारों को ले जाने में सक्षम।
• इसके दो उन्नत संस्करण निर्माणाधीन है -
K-4:- परास - 2000-3500 किमी
K-5:- परास - 5000 किमी
• भारत अंडर वाटर मिसाइल टेक्नोलॉजी विकसित करने वाला विश्व का 5वां देश है।

4. अस्त्र मिसाइल:-
यह डीआरडीओ द्वारा विकसित -
हवा से हवा में वार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
परास - कम दूरी - 20 किमी
        - लंबी दूरी - 80 किमी
• यह एक युद्धक मिसाइल है, जो परंपरागत हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
• इसे सुखोई, मिग-29 एवं तेजस पर तैनात किया गया है।

5. निर्भय मिसाइल:- 
डीआरडीओ द्वारा विकसित (निर्माणाधीन)
लंबी दूरी की सब सोनिक क्रूज मिसाइल
परास - 1000 किमी
गति - 0.7 - 0.8 मैक
• परंपरागत + नाभिकीय हथियार ले जाने में सक्षम।

6. शौर्य मिसाइल:-
डीआरडीओ द्वारा विकसित (निर्माणाधीन)
लंबी दूरी की हाइपर सोनिक क्रूज मिसाइल
परास -  1200 किमी
गति - 7 - 8 मैक
• परंपरागत + नाभिकीय हथियार ले जाने में सक्षम।
• यह सागरिका (K-15) का सतह संस्करण है।

7. सूर्य मिसाइल:-
डीआरडीओ द्वारा विकसित (निर्माणाधीन)
अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है। (ICBM)
परास - सूर्य-I - 5000-8000 किमी
        - सूर्य-II - 12000 किमी
• परंपरागत + नाभिकीय हथियार ले जाने में सक्षम।
• इसमें स्वदेशी निर्मित क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग किया गया है।

8. रूद्रम मिसाइल:-
डीआरडीओ द्वारा विकसित
• भारत की पहली स्वदेशी विकिरण रोधी मिसाइल
परास -  200 किमी
गति - 0.6 - 2 मैक
• यह दुश्मन के विकिरण उत्सर्जन स्त्रोतों (जैसे - रडार, संचार केंद्रों व अन्य रेडियो फ्रिक्वेंसी उत्सर्जन उपकरणों) का पता लगाता है, ट्रैक करता है तथा उन्हें नष्ट कर सकता है।

9. मिशन शिक्ति (ASAT)
Anti satellite missile system:-
• यह डीआरडीओ और इसरो का संयुक्त कार्यक्रम है।
• यह पृथ्वी की कक्षा में उपस्थित गतिमान (Moving) उपग्रह को नष्ट करने वाली मिसाइल आधारित प्रणाली है।
• भारत की ASAT मिसाइल ने निम्न भू कक्षा में 300 किमी की ऊंचाई पर गतिमान उपग्रह को सफलतापूर्वक नष्ट किया।
• भारत यह तकनीक विकसित करने वाला विश्व का चौथा देश है।

10. बराक 8 :-
भारत (डीआरडीओ) एवं इजरायल की संयुक्त परियोजना।
• सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
परास - 100 किमी
• यह सभी प्रकार के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, मानवरहित विमानों, क्रूज मिसाइल एवं बैलेस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है।
• इस का उन्नत संस्करण बराक 8ER निर्माणाधीन है, जिसकी परास 150 किमी होगी।

11. QRSAM (क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल)
डीआरडीओ द्वारा विकसित
• यह भारतीय थल सेना का एयर डिफेंस सिस्टम है।
(इसने आकाश एयर डिफेंस सिस्टम को प्रतिस्थापित किया है)
परास - 25-30 किमी
• यह 360° कवरेज प्रदान करती है तथा एक साथ अनेक निशाने लगाने में सक्षम है।

12. वरुणास्त्र:-
डीआरडीओ द्वारा विकसित
• युद्धपोत/पनडुब्बी से प्रक्षेपित विद्युत संचालित, हैवीवेट टॉरपीडो है।
परास - 40 किमी
• यह स्टेल्थ पनडुब्बियों को निशाना बनाने में सक्षम है।

13. स्पाइक:-
इजराइल से आयातित।
एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है।
मानव द्वारा वहनीय है।
परास - 4 किमी
• टैंक व बंकर को नष्ट करने में सक्षम।

SAVE WATER

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