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अध्याय - 15. प्रशासनिक विकास

  Administrative development

प्रशासनिक विकास 

Administrative Development.

प्रशासनिक विकास, विकास प्रशासन का वह भाग है, जो नवीन परिस्थितियों तथा विकास प्रशासन के उद्देश्यों के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रशासन में संरचनात्मक, प्रक्रियात्मक तथा व्यवहारात्मक सुधारों का समर्थक है।

प्रशासनिक विकास के तीन माध्यम है:-
1. प्रशासनिक सुधार - भारत में अब तक दो प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया जा चुका है।
2. नवाचार - बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, 360 डिग्री फीडबैक सिस्टम, सीसीटीवी
3. स्वतः प्रशासनिक विकास।

प्रशासनिक विकास की विशेषताएं:-
1.  प्रशासनिक विकास के माध्यम से तीन प्रकार के परिवर्तन किए जाते हैं -  प्रशासन की संरचना, व्यवहार और प्रक्रिया में।
2. प्रशासनिक सुधार प्रशासनिक विकास का प्रभावी माध्यम है।
3. प्रशासनिक विकास का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि करना है।

प्रशासनिक विकास की समस्याएं:-
1. प्रशासनिक अधिकारियों की यथास्थिति रखने की मानसिकता।
2. प्रशासनिक अधिकारियों व अधीनस्थों में समन्वय का अभाव।
3. प्रशासन में भ्रष्टाचार।
4. प्रशासनिक अधिकारियों में पहल की भावना का अभाव।
5. प्रशासन में लालफीताशाही।
6. तकनीकी नवाचार ना होना।
7. संसाधनों का अभाव।
8. प्रशासन पर अत्यधिक राजनीतिक नियंत्रण।
9. प्रशासन में जन सहभागिता का अभाव।


विकास प्रशासन व प्रशासनिक विकास में अंतर:-


विकास प्रशासन -
1. यह व्यापक अवधारणा है।
2. यह लोक कल्याणकारी राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।
3. यह सामाजिक, आर्थिक परिवर्तनों पर बल देता है।
4. यह प्रशासन द्वारा विकास है।
5. यह बहुआयामी दृष्टिकोण है।

प्रशासनिक विकास -
1. चूंकि यह विकास प्रशासन का ही भाग है अतः यह संकुचित अवधारणा है।
2. यह विकास प्रशासन के उद्देश्यों की पूर्ति करता है।
3. प्रशासन में संरचनात्मक, प्रक्रियात्मक, व्यवहारात्मक परिवर्तनों पर बल देता है।
4. यह प्रशासन का विकास है।
5. यह एकल आयामी दृष्टिकोण है।

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