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भारत में क्रांतिकारी आंदोलन का पहला चरण


Revolutionary movement in India



क्रांतिकारी आंदोलन का पहला चरण

Revolutionary movement in India.


महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन


1.वासुदेव बलवंत फड़के
रामोसी जनजाति के साथ विद्रोह किया था। (1870 के दशक में)
यह भारत का प्रथम संगठित क्रांतिकारी आंदोलन था।
मुख्य केंद्र:- बॉम्बे
उद्देश्य:- हिंदू राज्य की स्थापना करना।
अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया। कालांतर में दौलता रामोसी ने विद्रोह को आगे बढ़ाया।

2.चापेकर बंधु
• दामोदर चापेकर  • बालकृष्ण चापेकर
• 22 जून 1897 को दो प्लेग अधिकारी रैंड और आयर्स्ट की हत्या कर दी।
• चापेकर बंधुओं को फांसी हुई।
तिलक को 18 महीने की जेल हुई क्योंकि उन्होंने केसरी समाचार पत्र में आपत्तिजनक लेख लिखा था।

नोट:- तिलक पहले राजनेता थे, जिन्हें जेल हुई।
• चापेकर बंधुओं के विरुद्ध गवाही देने वाले गणेशशंकर पिल्ले की हत्या उनके भाई वासुदेव चापेकर ने कर दी। इस कारण उन्हें भी फांसी दी गई।
 

3.विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर)
•1899 में नासिक में मित्र मेला नामक संगठन की स्थापना की तथा 1904 में इसका नाम बदलकर अभिनव भारत कर दिया गया।
• अभिनव भारत का प्रतीक चिन्ह चित्तौड़गढ़ का विजय स्तंभ था।
• कालांतर में सावरकर पढ़ने हेतु लंदन चले गए
नासिक षड्यंत्र केस:- अभिनव भारत के अनंत लक्ष्मण करकरे ने नासिक के जज जैक्सन की हत्या कर दी।
करकरे को फांसी हुई।

नोट:- इस केस में सावरकर का नाम आया था।
श्यामजी कृष्ण वर्मा मेवाड के प्रधानमंत्री रहे थे।
 

बंगाल में क्रांतिकारी आंदोलन

बंगाल में क्रांतिकारी संगठन अनुशीलन समिति की स्थापना की गई।
कलकत्ता:- पी मित्रा
मिदनापुर:- ज्ञानेंद्र नाथ बसु 
ढाका:- बारिंद्र घोष, भूपेंद्र नाथ दत्त

अनुशीलन समिति ढाका के समाचार पत्र :-
1. युगांतर          2. सन्ध्या

हेमचंद कानूनगो बम निर्माण विधि सीखने हेतु पेरिस चले गए और रूसी व्यक्ति से बम बनाना सीखा।
क्रांतिकारियों ने माणिकत्ला (कलकत्ता) में एक शस्त्रागार की स्थापना की और बम बनाना शुरू किया।
प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस के द्वारा मुजफ्फरपुर के जज किंग्सफोर्ड की हत्या की कोशिश की गई लेकिन गलती से 2 केनेडी महिलाएं मारी गई।
प्रफुल्ल चाकी ने पुलिस से बचने के लिए आत्महत्या कर ली तथा खुदीराम बोस को फांसी दी गई।
अंग्रेजों ने माणिकत्ला से 34 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया इनमें अरविंद घोष भी शामिल थे।
इसे अलीपुर षड्यंत्र मुकदमा कहा जाता है।

नरेंद्र गोसाई (34 में से था) सरकारी गवाह बन गया था इसलिए बाकी क्रांतिकारियों ने उसकी हत्या कर दी। 
• अरविंद घोष को सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया।
अरविंद घोष पांडिचेरी चले गए और आध्यात्मिक चिंतक बन गए। (आश्रम खोला)

अरविंद घोष की पुस्तकें :-
1. सावित्री
2. *लाइफ डिवाइन*
3. एसेज ऑन गीता (Essays on Geeta)
4. न्यू लैम्पस फॉर ओल्ड (New lamps for old)
- इसमें नरमपंथियों की आलोचना की गई थी।

नोट:- बाघा जतिन 1915 में बालासोर (उड़ीसा) में पुलिस मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।


पंजाब में क्रांतिकारी आंदोलन

मुख्य नेता :- 
• लाला लाजपत राय 
• अजीत सिंह (भगत सिंह के चाचा)
अजीत सिंह का संगठन - अंजुमन-ए-मोहब्बत-ए-वतन
समाचार पत्र - भारत माता

लाला लाजपत राय  की पुस्तकें :-
योगीराज कृष्ण
अनहैप्पी इंडिया

आगे पढ़े 👉 विदेशों में क्रांतिकारी गतिविधियां

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