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मुस्लिम लीग की स्थापना। 1909 का भारत परिषद अधिनियम

 
Indian councils act 1909


मुस्लिम लीग की स्थापना

अलीगढ़ कॉलेज के प्रिंसिपल आर्च बोल्ड ने एक मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल को गवर्नर जनरल लॉर्ड मिंटो द्वितीय से मिलने की सलाह दी।
• 1 अक्टूबर 1906 को एक मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल सर आगा खां के नेतृत्व में शिमला में गवर्नर जनरल लॉर्ड मिंटो द्वितीय से मिला। 
लॉर्ड मिंटो द्वितीय ने उन्हें संघ/संगठन बनाने की सलाह दी।
• 30 दिसंबर 1906 को ढाका में मुस्लिम लीग की स्थापना की गई।
संस्थापक:- नवाब सलीम उल्ला खां
प्रथम अध्यक्ष:- वकार-उल-मुल्क
• 1908 में सर आगा खां को स्थाई अध्यक्ष बनाया गया।
• 1908 के अमृतसर अधिवेशन में मुस्लिम लीग ने पृथक निर्वाचन की मांग की।


1909 का भारत परिषद अधिनियम

इसे मार्ले - मिंटो सुधार अधिनियम भी कहते है।
मार्ले :- भारत सचिव
मिंटो :- गवर्नर जनरल

भारत परिषद:- लंदन में 15 सदस्यों की समिति थी। (1858 में बनी)
इसके कार्यालय को इंडिया हाउस कहा जाता था।
इसका प्रमुख भारत सचिव/मंत्री होता था।
भारत सचिव ब्रिटेन के कैबिनेट में मंत्री होता था, जिसका कार्य भारत से संबंधित मामलों की देखरेख करना था।
 
सुधार के कारण :-
1. 1892 के सुधारों को लंबा समय बीत चुका था तथा कांग्रेस सुधारों की मांग कर रही थी।
2. ब्रिटिश सरकार हिंदू-मुस्लिम एकता को समाप्त करना चाहती थी।
3. सुधारों के माध्यम से नरमपंथियों को संतुष्ट करना चाहते थे।
4. ब्रिटिश सरकार गरमपंथियों और क्रांतिकारी आंदोलन को दबाना चाहती थी।
5. भारत में स्वदेशी आंदोलन चल रहा था और अंग्रेजों को डर था कि यह 1857 के विद्रोह की तरह हिंसक हो सकता है।


1909 के अधिनियम के प्रावधान:-

भारत परिषद में एक भारतीय सदस्य नियुक्त किया जाएगा। हालांकि भारतीय सदस्य पहले से ही नियुक्त होते थे लेकिन अब अनिवार्य कर दिया गया था।
1907 में भारत परिषद में दो भारतीय सदस्य थे -
1. सैय्यद हुसैन बिलग्रामी       2. K.G. गुप्ता

केंद्रीय विधानपरिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई।
अब 69 सदस्य कर दिए गए जिनमें से 9 स्थाई तथा 60 अतिरिक्त सदस्य थे।

 9 स्थाई :- 1 गवर्नर जनरल + 8 अन्य सदस्य
60 अतिरिक्त :- 28 official (nominated) + 32 non official.

32 non official :- 5 nominated + 27 elected.

27 elected :- 
2 special electorates + 13 general electorates + 12 class electorates.

12 class electorates :-
6 land holders constituencies + 6 muslim constituencies.
 
• मुस्लिमों को पृथक निर्वाचन दिया गया।
• गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद में पहली बार एक भारतीय सदस्य शामिल किया गया।
एस पी सिन्हा (सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा) को विधि/कानूनी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। 

• अतिरिक्त सदस्यों के अधिकारों में वृद्धि की गई -
जैसे - पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार दिया गया। (Supplementary)
- बजट पर बहस कर सकते थे लेकिन बजट पर मत विभाजन नहीं करवाया जा सकता था।

• प्रांतीय विधानपरिषद में सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई।
बंगाल, मद्रास, बॉम्बे, यूपी - 60 सदस्य
पंजाब, बर्मा, असम - 30 सदस्य


1909 के अधिनियम की कमियां

1. मुस्लिमों को पृथक निर्वाचन देने से देश में सांप्रदायिकता फैली जो कालांतर में द्विराष्ट्रीय सिद्धांत में बदल गई जिससे देश का विभाजन हुआ।
लार्ड मार्ले ने लॉर्ड मिंटो को लिखा था -

पृथक निर्वाचन मंडल स्थापित करके हम नाग के दांत बो रहे हैं और इसका फल भीषण होगा।

Granting separate electorates we are sowing  dragon's teeth and the harvest will be bitter.

2. मुस्लिमों को पृथक निर्वाचन दिया गया तो सिख और एंग्लो इंडियन ने भी मांग की जिससे हमारी राष्ट्रीय एकता में कमी आई।

3. सामान्य मतदाता व मुस्लिम मतदाताओं के बीच भेदभाव था। क्योंकि मुस्लिम मतदाता सीधे केंद्रीय विधानपरिषद के सदस्य का चुनाव कर सकते थे।
परंतु सामान्य मतदाता पहले प्रांतीय विधान परिषद के सदस्यों को चुनता था तथा वे केंद्रीय विधान परिषद के सदस्यों को चुनते थे।

4. अतिरिक्त सदस्य कुछ विषयों से संबंधित प्रश्न नहीं पूछ सकते थे -
विदेशी मामले, देशी रियासतें, रेलवे, ऋण, ब्याज।

5. भारतीयों को कार्यकारी परिषद में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।

6. गवर्नर जनरल के पास वीटो एवं अध्यादेश की शक्ति होती थी।

प्रश्न.1909 के मार्ले-मिंटो अधिनियम का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए ?

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