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कांग्रेस के महत्त्वपूर्ण अधिवेशन

 
Important sessions of Congress

कांग्रेस के महत्त्वपूर्ण अधिवेशन

कांग्रेस प्रतिवर्ष दिसंबर महीने में अपना अधिवेशन आयोजित करती थी।

पहला अधिवेशन - 1885 (बॉम्बे)
अध्यक्ष - व्योमेश चंद्र बनर्जी (प्रथम ईसाई अध्यक्ष)
• इस सम्मेलन में 72 सदस्यों ने भाग लिया था।
• इस सम्मेलन में 9 प्रस्ताव पारित किए गए थे तथा इनमें से एक भी प्रस्ताव किसानों व मजदूरों से संबंधित नहीं था।
****सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने इस अधिवेशन में भाग नहीं लिया।

दूसरा अधिवेशन - 1886 (कलकत्ता)
अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (प्रथम पारसी अध्यक्ष)
गवर्नर जनरल लॉर्ड डफरिन ने कांग्रेस के सदस्यों को दावत दी।
नेशनल कांफ्रेंस का कांग्रेस में विलय कर लिया गया।

तीसरा अधिवेशन - 1887 (मद्रास)
अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैयब्बजी (प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष)

चौथा अधिवेशन - 1888 (इलाहाबाद)
अध्यक्ष - जॉर्ज यूल (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)

पांचवा अधिवेशन - 1889 (बॉम्बे)
अध्यक्ष - विलियम वेडरबर्न (1910 में भी बने)
ए ओ ह्यूम के जीवनीकार

छठा अधिवेशन - 1890 (कलकत्ता)
अध्यक्ष - फिरोजशाह मेहता
• इस अधिवेशन में कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रथम महिला ग्रेजुएट कादंबिनी गांगुली ने भाषण दिया था।

कांग्रेस का नागपुर अधिवेशन - 1891
अध्यक्ष - पी आनंद चारलू (प्रथम हिंदू अध्यक्ष)

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1896
अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी
• इस अधिवेशन में पहली बार वंदे मातरम गीत गाया गया था।

नोट - वंदे मातरम बंकिम चंद्र चटर्जी के आनंद मठ उपन्यास से लिया गया है।

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1901
अध्यक्ष - दिनशा वाचा
पहली बार गांधीजी ने भाग लिया।

कांग्रेस का बनारस अधिवेशन - 1905
अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले। (गांधीजी के राजनीतिक गुरु)
• स्वदेशी आंदोलन को समर्थन दिया गया।

नोट - इस समय कांग्रेस में तिलक जैसे गरम दल के नेता का प्रभाव बढ़ रहा था तथा स्वदेशी आंदोलन को पूरे देश में फैलाने की मांग बढ़ी।

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1906
अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी
• पहली बार स्वराज की मांग की गई।
• इस सम्मेलन में 4 प्रस्ताव पारित किए गए थे।
1. राष्ट्रीय शिक्षा 2. स्वराज
3. स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग
4. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार

कांग्रेस का सूरत अधिवेशन - 1907
अध्यक्ष - रासबिहारी घोष
• कांग्रेस का नरम दल व गरम दल में विभाजन हो गया था।
कारण - अध्यक्ष कौन बने, स्वदेशी आंदोलन की दशा और दिशा तथा कलकत्ता अधिवेशन के प्रस्तावों के क्रियान्वयन को लेकर विवाद हो गया था।

नोट - गरम पंथी लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाना चाहते थे। यह कांग्रेस का 23 वां अधिवेशन था तथा ताप्ती नदी के किनारे आयोजित किया गया।

1908 के मद्रास अधिवेशन में भी रासबिहारी घोष को अध्यक्ष बनाया गया।

💥 विभाजन के बाद अरविंद घोष पांडिचेरी जाकर साधु बन गए। बिपिन चंद्र पाल ने राजनीति से संयास ले लिया।
बाल गंगाधर तिलक को गिरफ्तार करके 6 वर्ष के कारावास के लिए मांडले जेल (बर्मा) भेज दिया गया।
लाला लाजपत राय इंग्लैंड चले गए और बाद में अमेरिका चले गए।

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1911
अध्यक्ष - पं. बिशन नारायण धर
पहली बार जन गण मन गाया गया।
रवीन्द्र नाथ टैगोर ने पहली बार जॉर्ज पंचम के स्वागत में गाया था।

1914 में तिलक जेल से बाहर आए। 
1915 में गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोज शाह मेहता का निधन हो गया।
अलीगढ़ मुस्लिम कॉलेज - 1875
बनारस हिंदू कॉलेज - 1898 (एनी बीसेंट)

कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन - 1916
अध्यक्ष - अम्बिका चरण मजूमदार
• एनी बीसेंट व तिलक के प्रयासों से नरम दल और गरम दल में समझौता हो गया।
• तिलक व जिन्ना के प्रयासों से कांग्रेस व मुस्लिम लीग के बीच समझौता हुआ जिसे लखनऊ समझौता कहा जाता है।
💥 मदन मोहन मालवीय ने इस समझौते का विरोध किया था।

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1917
अध्यक्ष - ऐनी बीसेंट (कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष)

1923 का विशेष अधिवेशन - दिल्ली
अध्यक्ष - मौलाना अबुल कलाम आजाद (सबसे युवा अध्यक्ष)

1924 का बेलगाम अधिवेशन - कर्नाटक
अध्यक्ष - महात्मा गांधी (केवल एक बार अध्यक्ष)
• हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ।

कांग्रेस का कानपुर अधिवेशन - 1925
अध्यक्ष - सरोजिनी नायडू (प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष)

नोट - सरोजिनी नायडू भारत की प्रथम महिला राज्यपाल रही।

कांग्रेस का गुवाहाटी अधिवेशन - 1926
अध्यक्ष - श्रीनिवास आयंगर
• कांग्रेस सदस्यों के लिए खादी पहनना अनिवार्य किया गया।

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1928
अध्यक्ष - मोतीलाल नेहरू
इससे पहले मोतीलाल नेहरू ने 1919 के अमृतसर सत्र की अध्यक्षता भी की थी। 

कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन - 1929
अध्यक्ष - जवाहरलाल नेहरू
✍️ पूर्ण स्वराज की मांग की गई थी।
• 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की गई।
• सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी को सौंपा गया। (रावी नदी के तट पर)

कांग्रेस का कराची अधिवेशन - 29 मार्च 1931
अध्यक्ष - वल्लभ भाई पटेल
गांधी-इरविन समझौते/दिल्ली समझौते (5 मार्च 1931) को स्वीकार किया गया।
• कांग्रेस ने राजनीतिक तथा आर्थिक घोषणा पत्र जारी किया।
राजनीतिक : लोकतंत्र व मूल अधिकार की मांग की।
आर्थिक : समाजवादी अर्थव्यवस्था की मांग।
- सभी आर्थिक संसाधनों पर सार्वजनिक क्षेत्र का अधिकार हो।
- मजदूर संगठनों (Trade union) को स्वायत्ता दी जाए।

नोट - इस सम्मेलन में गांधी जी ने कहा था कि गांधी मर सकता है, लेकिन गांधीवाद नहीं।
इस सम्मेलन में गांधीजी को भगत सिंह की नौजवान भारत सभा संस्था के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए। (23 मार्च को भगतसिंह को फांसी दी गई)

कांग्रेस का दिल्ली अधिवेशन - 1932
अध्यक्ष - मदन मोहन मालवीय।
मदन मोहन मालवीय के जेल में होने के कारण 1932 में अमृत रणछोड़ दास गट्टानी तथा 1933 में नेल्ली सेनगुप्ता ने अध्यक्षता की थी।

कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन - 1933
अध्यक्ष - नेल्ली सेनगुप्ता (प्रथम आंग्ल भारतीय अध्यक्ष)

कांग्रेस का बॉम्बे अधिवेशन - 1934
अध्यक्ष - डॉ राजेन्द्र प्रसाद।
कांग्रेस समाजवादी दल का गठन किया गया था।
यह कांग्रेस के अंदर एक दबाव समूह था।

कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन - 1936
अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
इसी समय लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन किया गया।
संस्थापक - सहजानंद सरस्वती, एन.जी. रंगा।

कांग्रेस का फैजपुर अधिवेशन - 1937
अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
• मूलभूत कृषि भूमि कार्यक्रम जारी किया गया।
• यह कांग्रेस का प्रथम ग्रामीण अधिवेशन था। (महाराष्ट्र के फैजपुर गांव में)
• यह कांग्रेस का 50 वां अधिवेशन था। (स्वर्ण जयंती अधिवेशन)
गौरतलब है कि 1930 व 1935 में कांग्रेस का अधिवेशन नहीं हुआ था।

✍️ इस सम्मेलन के समानांतर लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का सम्मेलन हुआ। 
अध्यक्ष - एन.जी. रंगा।

कांग्रेस का हरिपुरा अधिवेशन - 1938
अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
• रियासतों में चल रहे प्रजामंडल आंदोलनों को कांग्रेस ने समर्थन दिया।
योजना समिति (Planning Committee) का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरु थे।

कांग्रेस का त्रिपुरी (MP) अधिवेशन - 1939
अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
• सुभाष चंद्र बोस ने गांधीजी के उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैय्या को हराया था।
• कार्यकारिणी को लेकर सुभाष चंद्र बोस ने इस्तीफा दे दिया तथा डॉ राजेंद्र प्रसाद को नया अध्यक्ष बनाया गया।
• सुभाष चंद्र बोस ने फॉरवर्ड ब्लॉक नामक नई संस्था की स्थापना की।

प्रश्न.त्रिपुरी संकट के बारे में आप क्या जानते हैं ?

कांग्रेस का रामगढ़ अधिवेशन - 1940
अध्यक्ष - मौलाना अबुल कलाम आजाद।
• सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे।
• राष्ट्रीय एकता का प्रस्ताव पारित किया गया था।

नोट - 1940 के बाद कांग्रेस का अगला अधिवेशन 1946 में हुआ।

कांग्रेस का मेरठ अधिवेशन - 1946
अध्यक्ष - जे बी कृपलानी।
• आजादी के समय कांग्रेस के अध्यक्ष थे।

कांग्रेस का दिल्ली अधिवेशन - 1947
अध्यक्ष - राजेंद्र प्रसाद।

कांग्रेस का जयपुर अधिवेशन - 1948
अध्यक्ष - पट्टाभि सीतारमैय्या।

नोट - जवाहर लाल नेहरू तथा दादा भाई नौरोजी (1886, 1893, 1906) कांग्रेस के तीन-तीन बार अध्यक्ष रहे।
मौलाना अबुल कलाम आजाद सबसे लंबे समय (1940-45) तक अध्यक्ष रहे।

• बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल तथा लाला लाजपत राय जैसे गरम दल के नेता कांग्रेस के किसी भी नियमित अधिवेशन के अध्यक्ष नहीं बन पाए।
👉 लाला लाजपत राय 1920 में कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में अध्यक्ष रहे।
• तिलक को कांग्रेस का बेताज बादशाह कहा जाता है।
• ए ओ ह्यूम आजीवन कांग्रेस के सचिव रहे।
• 1889 में विलियम डिग्बी की अध्यक्षता में लंदन में ब्रिटिश कमेटी ऑफ इंडियन नेशनल कांग्रेस का गठन किया।
यह कमेटी दादा भाई नौरोजी के साथ मिलकर इंडिया नामक मैगजीन का प्रकाशन करती थी।

मदन मोहन मालवीय चार बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे।
1909 - लाहौर   1918 - दिल्ली
1932 - दिल्ली   1933 - कलकत्ता
• मदन मोहन मालवीय के जेल में होने के कारण 1932 में अमृत रणछोड़ दास गट्टानी तथा 1933 में नेल्ली सेनगुप्ता ने अध्यक्षता की थी।


कांग्रेस की महिला अध्यक्ष

 अधिवेशन

 वर्ष

 स्थान

 महिला अध्यक्ष

 32वां

 1917

कलकत्ता

 एनी बीसेंट
(प्रथम महिला अध्यक्ष)

 40वां

 1925

कानपुर

 सरोजिनी नायडू
(प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष)

 47वां

 1933

कलकत्ता

 नेल्ली सेनगुप्ता
(प्रथम आंग्ल भारतीय महिला अध्यक्ष)

SAVE WATER

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