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यूरोपीय संघ।। IR Notes for RAS

European Union

यूरोपीय संघ

European union
यह एक क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन है।
वर्तमान सदस्य - 27
इसमें  विश्व की 7.5% जनसंख्या निवास करती है।
यह विश्व की जीडीपी में 22.5% का योगदान करता है।
इसमें वस्तु,सेवा, निवेश और मानव संसाधन का मुक्त प्रवाह होता है।
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की साझा रक्षा और विदेश नीति होती है।

नोट - यूरोपीय संघ के 28 सदस्य थे, परंतु 31 जनवरी 2020 को ब्रेक्जिट होने के बाद वर्तमान में इसके 27 सदस्य है।

यूरोपीय संघ की पृष्ठभूमि -
1951 में पेरिस संधि की गई और यूरोपियन कॉल एंड स्टील कम्युनिटी की स्थापना की गई।
इसमें 6 देश शामिल थे -
1. पश्चिमी जर्मनी    2. फ्रांस
3. इटली                4. बेल्जियम
5. नीदरलैंड           6.लक्जमबर्ग

1957 में रोम संधि हुई व यूरोपियन इकोनॉमिक कम्युनिटी की स्थापना की गई। 1967 ईस्वी में यूरोपियन कॉल एंड स्टील कम्युनिटी का यूरोपियन इकोनॉमिक कम्युनिटी में विलय किया गया।
1973 में यूनाइटेड किंगडम इसका सदस्य बना।
इसके बाद अन्य देशों ने भी इसकी सदस्यता ली।
1993 में मास्ट्रिच संधि की गई जिससे यूरोपियन संघ की स्थापना की गई तथा यूरोपीय नागरिकता का सिद्धांत अस्तित्व में आया।
1998 में एक मौद्रिक संघ की स्थापना की गई।

2002 में 19 देशों ने यूरो को अपनी मुद्रा के रूप में अपना लिया। इन देशों को यूरोजोन के देश कहा जाता है।

1985 में शेन्गेन समझौता हुआ, जो 1995 में लागू हुआ, यह एक वीजा मुक्त क्षेत्र है जिसमें 26 देश शामिल है।
22 देश ऐसे हैं, जो शेन्गेन व यूरोपीय संघ दोनों के सदस्य हैं।

4 देश ऐसे हैं, जो कि शेन्गेन के सदस्य हैं, परंतु यूरोपियन संघ के सदस्य नहीं है -
1. नॉर्वे
2.आइसलैंड
3. लिचेंस्टीन
4. स्विट्जरलैंड

5 देश ऐसे हैं जो कि यूरोपियन संघ के सदस्य हैं परंतु शेन्गेन के सदस्य नहीं है
1.आयरलैंड
2.बुल्गारिया
3. रोमानिया
4.साइप्रस
5.क्रोएशिया

नोट - यूनाइटेड किंगडम, शेन्गेन व यूरोपीय संघ दोनों का सदस्य नहीं हैं।

2007 में लिस्बन संधि की गई जो कि 2009 में लागू हुई।
यूरोपीय संघ का वर्तमान स्वरूप इस संधि से अस्तित्व में आया।


यूरोपीय संघ की संरचना - 


यूरोपीय संघ में सात अंग है।

1. यूरोपीय परिषद
यह निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।
यह यूरोपीय संघ को राजनीतिक दिशा प्रदान करती है।
अध्यक्ष - चार्ल्स मिशेल

2. यूरोपीय संघ परिषद
यह मंत्रिपरिषद की तरह कार्य करती है।
कार्य - साझा रक्षा व विदेश नीति का निर्माण करना।

3. यूरोपीय संसद
कार्य-कानून निर्माण व बजट पारित करना।

4. यूरोपीय आयोग
यह नौकरशाही की तरह कार्य करती है।
प्रमुख - उर्सुला वॉन डेर लेयेन है।

नोट - उपरोक्त चारों संस्थाओं का मुख्यालय ब्रूसेल्स में है, जिसे यूरोपीय संघ की राजधानी कहा जाता है

5. यूरोपीय केंद्रीय बैंक

कार्य - मौद्रिक नीति निर्माण करना
मुख्यालय - फ्रैंकफर्ट (जर्मनी)

6. यूरोपियन न्यायालय
कार्य - कानूनों  की व्याख्या करना व विवादों का निपटारा करना।
मुख्यालय - लक्जमबर्ग

7. अंकेक्षक
कार्य - अंकेक्षण   का कार्य
मुख्यालय -लक्जमबर्ग


भारत व यूरोपीय संघ के संबंध

1994 में भारत व यूरोपियन संघ के मध्य सहयोग का समझौता किया गया।
2004 में सामरिक साझेदारी का समझौता हुआ।
वर्ष 2000 से भारत व यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

14वां शिखर सम्मेलन 2017 में भारत में आयोजित किया गया।

जिसमें निम्न मुद्दों पर चर्चा की गई-

1. विदेशी मामलों में सहयोग।
2. आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग।
3. साइबर सुरक्षा के लिए सहयोग।
4. भारत - ईयू कार्य योजना 2020 को लागू किया  जाएगा।
5. साझा आव्रजन नीति पर सहमति बनी।
6. आधारभूत ढांचे हेतु ईयू द्वारा वित्त उपलब्ध करवाया जाएगा।
7. भारत ईयू जल साझेदारी स्थापित की जाएगी।
8. लखनऊ मेट्रो परियोजना हेतु ईयू द्वारा वित्त उपलब्ध करवाया गया।
भविष्य में बेंगलुरु मेट्रो परियोजना हेतु  भी वित्त उपलब्ध करवाया जाएगा।

नोट - भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की 15 वीं बैठक 15 जुलाई 2020 को वर्चूअल मोड में आयोजित की गई। शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की। 14 वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन 6 अक्टूबर 2017 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

यूरोपियन संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापार सहयोगी है।
व्यापार को बढ़ाने के लिए भारत व यूरोपीय संघ के मध्य 2007 से ब्रॉड बेस्ड ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट एग्रीमेंट पर बातचीत चल रही  है।

इसमें निम्न बाधाएं  हैं -
1. यूरोपियन संघ मोटर वाहन तथा मादक पदार्थों को मुक्त व्यापार समझौते में शामिल करना चाहता है परंतु भारत इसके लिए सहमत नहीं है क्योंकि इससे भारत के घरेलू उद्योगों को नुकसान हो सकता है।
2. यूरोपियन संघ एफडीआई के नियमों में और अधिक छूट जाता है।
3. निवेश संबंधी विवाद के लिए यूरोपियन संघ सीधे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता चाहता है।
4. डब्ल्यूटीओ के सेनेटरी एंड फाइटोसैनिटरी मीजर्स के तहत भारत के खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित कर दिया जाता है। जैसे - अल्फांसो आम तथा 700 जेनरिक दवाइयां।
5. भारत डाटा सिक्योर कंट्री के दर्जे की मांग कर रहा है।
6. भारत व इटली के मध्य नाविकों को लेकर विवाद हुआ जिसके कारण इस समझौते की वार्ता प्रभावित हुई।

2018 में यूरोपीय संघ द्वारा एक सामरिक पत्र जारी किया गया जिसके तहत दोनों देशों के मध्य रक्षा सलाहकारों की नियुक्ति की जाएगी तथा मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न किया जाएगा।


यूरोपियन संघ की समस्याएं

1. शरणार्थियों की समस्या
2. आर्थिक समस्या
3. ब्रेक्जिट

1. शरणार्थियों की समस्या
2015 में पश्चिमी एशिया व उत्तरी अफ्रीका से बड़ी संख्या में शरणार्थी यूरोप पहुंचे। परंतु यूरोप के देश इन्हें शरण देने हेतु तैयार नहीं थे। शरणार्थी मानव तस्करों के शिकार हुए तथा बड़ी संख्या में लोग भूमध्य सागर में मारे गए।
इस समस्या को हल करने के लिए यूरोपियन संघ द्वारा एक कोटा नीति जारी की गई परंतु सदस्य देशों ने इसे मानने से इनकार कर दिया क्योंकि वे शरणार्थियों व आव्रजकों में भेद चाहते थे।
2016 में तुर्की के साथ एक समझौता किया गया जिसके अनुसार अतिरिक्त शरणार्थियों को तुर्की में शरण दी जाएगी जिससे इस समस्या की तीव्रता कम हुई।

European Union problems




2. आर्थिक समस्या
यूरोपीय संघ की आर्थिक  वृद्धि दर अधिक नहीं है।
2011 में यूरोजोन में आर्थिक संकट आया जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है। यहां कई देश दिवालिया होने की कगार पर है। जैसे - ग्रीस
व्यापार को बढ़ाने के लिए कनाडा व सिंगापुर के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए गए परंतु ये समझौते अभी तक लागू नहीं हुए है, क्योंकि राष्ट्रीय सरकारों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
• यूएसए की संरक्षणवादी नीतियों का नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है। जैसे - यूएसए द्वारा स्टील पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई।

नोट - मई 2020 में यूरोपीय यूनियन (ईयू) की कार्यकारी परिषद ने कोरोनावायरस महामारी से बर्बाद हुए आर्थिक हालात से निपटने के लिए 750 अरब यूरो की साझा निधि बनाने का प्रस्ताव बनाया है।
इस निधि से यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की मंदी से निकलने के लिए सहायता की जाएगी।


3. ब्रेक्जिट - इसके बारे में अगली पोस्ट में विस्तारपूर्वक पढ़ें।

SAVE WATER

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