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जम्मू-कश्मीर में डोमिसाइल नियम



जम्मू-कश्मीर में डोमिसाइल

31 मार्च 2020 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (राज्य कानूनों का अनुकूलन) आदेश, 2020 एक गजट अधिसूचना प्रकाशित करके जारी किया।
इस आदेश ने 29 कानूनों को निरस्त कर दिया और जम्मू और कश्मीर राज्य के 109 कानूनों में संशोधन किया।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने 2010 के जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा (विकेंद्रीकरण और भर्ती अधिनियम) कानून में संशोधन किया और "स्थायी निवासियों" शब्द को "जम्मू कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के अधिवासी" शब्द से प्रतिस्थापित किया गया।
20 मई 2020 को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आदेश को स्वीकृति प्रदान की।
संशोधित आदेश की धारा 3A के तहत परिभाषित अधिवास नियम अब से जम्मू-कश्मीर में सभी सरकारी पदों पर भर्ती का निर्धारण करेंगे।

2010 का क़ानून

यह अधिनियम सिविल सेवा में रोजगार के बारे में बात करता है, जिसमें "जिला, मंडल और राज्य" संवर्ग के पद शामिल हैं।
जम्मू और कश्मीर के केवल स्थायी निवासी राजपत्रित और गैर-राजपत्रित पदों के लिए आवेदन करने के पात्र थे।
धारा 370 और अनुच्छेद 35A ने जम्मू-कश्मीर विधानमंडल को "स्थायी निवासियों" का निर्धारण करने की शक्ति प्रदान की, ताकि गैर-जेएंडके निवासी को संपत्ति खरीदने से रोका जा सके और अपने निवासियों के लिए नौकरी का आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

अधिवास प्रमाणपत्र संबंधी योग्यता

• जम्मू-कश्मीर में 15 साल से रह रहे नागरिक
• बच्चे जिन्होंने 7 वर्ष तक प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई की है और 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है वे सभी डोमिसाइल (मूल निवासी) होंगे।
• जम्मू-कश्मीर के राहत और पुनर्वास आयुक्त (प्रवासियों) के पास प्रवासी के रूप में पंजीकृत व्यक्ति डोमिसाइल कहलाएंगे।
• अखिल भारतीय सेवा, सार्वजनिक उपक्रमों, केंद्र सरकार के स्वायत्त निकाय, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, वैधानिक निकायों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों तथा मान्यता प्राप्त अनुसंधान संस्थानों के ऐसे अधिकारी जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में दस वर्ष सेवा प्रदान की है, उनके बच्चें डोमिसाइल होंगे।
• केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के बच्चे जो बाहरी राज्यों में नौकरियां, बिजनेस कर रहे हैं लेकिन उनके अभिभावक नियम व शर्ते पूरी करते हैं, तो वे भी जम्मू-कश्मीर के डोमिसाइल कहलाएंगे।

प्रभाव ?

31 मार्च का आदेश → ग्रूप D और प्रवेश स्तर के गैर राजपत्रित सरकारी पद सिर्फ़ अधिवासियों के लिए आरक्षित रहेंगे। परंतु इस आदेश का विरोध हुआ।
3 अप्रैल→ ताजा आदेश→ नई नीति सभी पदों पर लागू होगी, इसका मतलब है कि सभी सरकारी पद "डोमिसाइल 'के लिए आरक्षित हैं।
रिक्तियों की संख्या, 18 फरवरी को -
• जम्मू और कश्मीर में कुल = 84,000 रिक्तियां
• चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी = 22,078 रिक्तियां
• गैर राजपत्रित = 54,375,
• राजपत्रित स्तर = 7,552 रिक्तियां

अधिवास प्रमाणपत्र जारी करने संबंधी नियम

• 18 मई→ 'जम्मू-कश्मीर ग्रांट ऑफ डोमिसाइल सर्टिफिकेट (प्रोसीजर) रूल्स 2020' के आधार पर ही
अधिवास प्रमाणपत्र जारी किये जाएंगे।
तहसीलदार को अधिवास प्रमाण-पत्र जारी करने के लिये सक्षम प्राधिकारी के रूप में प्राधिकृत करते हैं।
समयावधि →15 दिनों की अवधि निर्धारित की गई। देरी के लिए जुर्माना: वेतन से 50,000 रुपये
• J&K के निवासी जो की राज्य से बाहर रह रहें हैं वे अधिवास प्रमाण पत्र के लिए निम्नलिखित दस्तावेज
दिखा सकते हैं -
“स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC), राशन कार्ड कॉपी, वोटर कार्ड या कोई अन्य वैध दस्तावेज
• जो प्रवासी राहत और पुनर्वास विभाग के साथ पंजीकृत नहीं हैं, वे निम्नलिखित दस्तावेज पेश कर सकते हैं -
1988 की मतदाता सूची, देश के किसी भी राज्य में प्रवासी के रूप में पंजीकरण का प्रमाण या कोई अन्य वैध
दस्तावेज।
• प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन प्राप्त करने का प्रावधान है।

लाभ ?

वाल्मीकियों, सिखों, गोरखाओं आदि के खिलाफ भेदभाव समाप्त हो जाएगा।
लिंग भेदभाव का अंत
केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को एक अनुकूल वातावरण मिलेगा।
कश्मीर पंडितों को उनका अधिकार मिलेगा
स्थानीय रोजगार

नीति का विरोध क्यों हो रहा है?

दो मुख्य राजनीतिक दलों, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने आदेश का विरोध किया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) -  यह जम्मू-कश्मीर की जनसांख्यिकी को बदलने के उद्देश्य से था।
- जेएंडके पुनर्गठन अधिनियम 2019 को जिसे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष कई याचिकाओं में चुनौती दी गई है। अतः इस अधिनियम का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
पीडीपी - वह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से नीति का विरोध करेगी।
- जनसांख्यिकीय परिवर्तन और असंतुष्टि जेएंडके मुद्दे को और जटिल कर देगी।
जे साई दीपक (वकील) ने इसे नई बोतल में पुरानी शराब कहा है।

अपडेट एवं सुधार के लिए 
www.devedunotes.com देखते रहे।

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