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नमस्ते ट्रंप ।। ट्रंप की भारत यात्रा



नमस्ते ट्रंप

24-25 फरवरी 2020 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत की यात्रा पर आए। इस दौरान अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में नमस्ते ट्रंप नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ट्रंप से पहले भी 6 अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आ चुके हैं -
1. ड्वाइट आइजनहावर 1959 में
2. रिचर्ड निक्सन 1969 में
3. जिम्मी कार्टर 1978 में
4. बिल क्लिंटन 2000 में
5. जॉर्ज डब्ल्यू बुश 2006 में
6. बराक ओबामा 2010 व 2015 में

महत्व

• इस यात्रा का सामरिक महत्व रहा।
• यह एक सोलो विजिट (केवल भारत की यात्रा) थी। जो कि भारत और अमेरिकी रिश्तों की अहमियत दर्शाती है।
• रक्षा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग एवं तकनीक हस्तांतरण। उल्लेखनीय है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बन चुका है साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार भारत की ओर झुका हुआ है। अर्थात भारत निर्यात ज्यादा तथा आयात कम करता है।
• आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग
• प्रवासी भारतीय (Indian Diaspora) - ट्रंप इस वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में प्रवासी भारतीयों को अपने पक्ष में करना चाहते है।

सहयोग के क्षेत्र

1. सामरिक सहयोग

भारत-अमेरिका के बीच सामरिक सहयोग को व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है। (कंप्रिहेंसिव ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप)
भारत स्वयं को वैश्विक नेतृत्व कर्ता के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। जिसमें प्रमुख रूप से अमेरिका द्वारा सहयोग किया जा रहा है -
• संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन अमेरिका करता है।
• परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता का समर्थन अमेरिका कर रहा है।
एनएसजी, नाभिकीय सामग्री एवं नाभिकीय तकनीक के निर्यात को नियंत्रित करने वाला समूह है।
एनएसजी की स्थापना 1974 में की गई।
कुल 48 देश इसके सदस्य है।
• अमेरिका द्वारा भारत को ब्लू डॉट नेटवर्क में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र
• अमेरिका द्वारा एशिया-प्रशांत क्षेत्र को हिंद-प्रशांत क्षेत्र नाम दिया गया है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे है।
भारत-अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता आयोजित की जाती है।
जापान-अमेरिका-भारत (JAI) की त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाती है।
Quad भारत-अमेरिका-जापान-ऑस्ट्रेलिया की चतुष्कोणीय वार्ता आयोजित की जाती है।
USAID+DPA
अमेरिकी एजेंसी USAID और भारतीय एजेंसी DPA के बीच सहयोग किया जाएगा।
USAID = US Agency of International Development.
DPA = Development Partnership Administration.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र के खुला, मुक्त, समावेशी, शांतिपूर्ण और समृद्धि पूर्ण होने पर बल दिया जा रहा है।
इस क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था को लागू करने एवं उसके पालन पर बल दिया जा रहा है। ताकि इस क्षेत्र में नौवहन, वायु परिवहन की स्वतंत्रता बनी रहे।
दक्षिण चीन सागर में स्थित देशों के हितों की रक्षा हेतु अंतर्राष्ट्रीय आचार संहिता (नियम-कानूनों) का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

2. रक्षा  सहयोग

3 बिलियन डॉलर की डील पर सहमति बनी है, जिसके तहत भारत अमेरिका से 24 MH-60 रोमियो हेलीकॉप्टर तथा 6 अपाचे हेलीकॉप्टर आयात करेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भारत अमेरिका से चिनूक, C-17 ग्लोब मास्टर, C-130 J हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट आदि खरीद चुका है।
साथ ही भारत द्वारा Advanced Defence System और Combat and Non Combat Drones भी खरीदे जाएंगे।

मानव तस्करी, हिंसक अतिवाद, साइबर अपराध, ड्रग तस्करी जैसे अंतर्राष्ट्रीय अपराधों को रोकने के लिए भी दोनों देश सहयोग करेंगे।

3. ऊर्जा सहयोग

भारत की आईओसीएल और अमेरिका की Exxon Mobil LNG Pvt. Ltd. के बीच प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर एक समझौता किया गया।
यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास हेतु 600 मिलियन डॉलर देगा।
भारत की एनपीसीआईएल और अमेरिका की वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कंपनी के बीच भारत में 6 नाभिकीय संयंत्र लगाए जाने पर सहमति बनी है।
मेक इन इंडिया के तहत तकनीक हस्तांतरण किया जाएगा।

4. स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग

स्वास्थ्य के क्षेत्र में दो समझौते किए गए है -
• मानसिक स्वास्थ्य के लिए
• चिकित्सकीय उपकरणों की सुरक्षा के लिए
नशीले पदार्थों को रोकने के लिए यूएसए की एजेंसी काउंटरिंग नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप के साथ सहयोग किया जाएगा।
अमेरिका के W-GDP प्रोग्राम और भारत के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के बीच सहयोग किया जाएगा।
W-GDP प्रोग्राम - अमेरिका द्वारा अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु चलाया गया प्रोग्राम।

यात्रा की चुनौतियां/कमियां

• व्यापार समझौता नहीं किया गया जबकि भारत और अमेरिका के बीच में मुख्य विवाद व्यापार से संबंधित है।
• अफगानिस्तान-तालिबान समझौते में भारतीय हितों की अनदेखी।
• पाकिस्तान पर नरम रुख।
• भारत अमेरिका की मध्य पूर्व नीति (विशेषकर ईरान नीति) का समर्थन नहीं करता है।
• अमेरिकी ऑयल का महंगा होना।
• काटसा (CAATSA)
Countering American Adversaries Through Trade Sanctions Act.
इस कानून के तहत यूएसए के द्वारा उत्तरी कोरिया, ईरान और रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए गए है।
भारत पर दबाव बनाया जा रहा है कि इन देशों से ऊर्जा और रक्षा का व्यापार ना किया जाए।


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