आपका स्वागत है, डार्क मोड में पढ़ने के लिए ऊपर क्लिक करें यूट्यूब, टेलीग्राम, प्ले स्टोर पर DevEduNotes सर्च करें।

जीआई टैग क्या होता है ?। राजस्थान में जीआई टैग

राजस्थान में जीआई टैग


जीआई टैग क्या है ?

जीआई मुख्य रूप से कृषि, प्राकृतिक या एक निर्मित उत्पाद (हस्तशिल्प और औद्योगिक सामान) है, जो एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होता है।

किसी वस्तु या उत्पाद की किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में हुई उत्पत्ति तथा उससे जुड़े गुणों को सूचित करने हेतु जी आई टैग दिया जाता है।

GI = Geographical Indication.  = भौगोलिक संकेतक
 
यह उसी उत्पाद को दिया जाता है जो विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में 10 वर्ष या अधिक समय से निर्मित या उत्पादित किया जा रहा हो।
जीआई टैग को औद्योगिक संपत्ति के संरक्षण के लिए पेरिस समझौते के तहत बौद्धिक संपदा अधिकार के तत्व के रूप में शामिल किया गया है।

जीआई टैग मिलने के बाद कोई भी अन्य निर्माता समान उत्पादों को बाजार में लाने के लिए नाम का दुरुपयोग नहीं कर सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीआई टैग को डब्ल्यूटीओ के व्यापार संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकारों के ट्रिप्स समझौते के तहत नियंत्रित किया जाता है।

TRIPS - Trade Related Intellectual Property Rights.

भारत में जीआई को वस्तुओं के भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और सुरक्षा) अधिनियम 1999 के द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
यह अधिनियम 2003 में लागू हुआ।

पहला जीआई टैग 2004 में दार्जिलिंग चाय को दिया गया।

2018 में मिले जीआई टैग

कड़कनाथ मुर्गा - झाबुआ मध्यप्रदेश
अल्फांसो आम     - कोंकण क्षेत्र (महाराष्ट्र)
सांगली हल्दी - महाराष्ट्र

शाही लीची - बिहार
वारंगल की दरिया - तेलंगाना


2019 में मिले जीआई टैग

पंचतीर्थम - मुरूगन मंदिर (तमिलनाडु)
रसगुल्ला - ओडिशा
कंधमान हल्दी - ओडिशा
मरयूर गुड - केरल
तिरूर पान का पत्ता - केरल
जोहा धान - असम
कोल्हापुरी चप्पल - महाराष्ट्र और कर्नाटक
डिंडीगुल के ताले - तमिलनाडु
कंडांगी साड़ियां - तमिलनाडु

अन्य प्रमुख जीआई टैग

नागपुरी संतरा - महाराष्ट्र
वायनाड रॉबस्टा कॉफी - केरल
अरेबिका कॉफी - कर्नाटक
सिरसी सुपारी - कर्नाटक
इरोड हल्दी - कोयंबटूर (तमिलनाडु)
काला जीरा - हिमाचल प्रदेश
तिरुपत्ति लड्डू - चितूर (आंध्रप्रदेश)
मधुबनी पेंटिंग - बिहार
चंदेरी साड़ी - मध्यप्रदेश
बनारसी साड़ी - उत्तरप्रदेश
लखनऊ चिकनकारी - उत्तरप्रदेश
कश्मीरी पश्मीना - जम्मू-कश्मीर

NOTE - अब तक 300 से अधिक जीआई टैग दिए जा चुके है।

राजस्थान में जीआई टैग

फुलकारी - राजस्थान, पंजाब, हरियाणा राजस्थान की निम्न 11 वस्तुओं (लोगो सहित शामिल करने पर 15) को जी आई टैग दिया जा चुका है -

 
जी आई टैग
 क्षेत्र
 वस्तु/कला
1
बगरू प्रिंट 
 जयपुर
 हस्तशिल्प
2
बीकानेरी भुजिया
 बीकानेर
 खाद्य वस्तु
3
ब्लू पॉटरी
 जयपुर
 हस्तशिल्प
4
ब्लू पॉटरी (लोगो)
 जयपुर
 हस्तशिल्प
5
कठपुतली 
 राजस्थान
 हस्तशिल्प
6
कठपुतली (लोगो)
 राजस्थान
 हस्तशिल्प
7
कोटा डोरिया
 कोटा
 हस्तशिल्प
8
कोटा डोरिया (लोगो)
 कोटा
 हस्तशिल्प
9
मकराना संगमरमर
मकराना (नागौर) 
 प्राकृतिक वस्तु
10
मोलेला मिट्टी कार्य
मोलेला, नाथद्वारा (राजसमंद)
 हस्तशिल्प
11
मोलेला मिट्टी कार्य (लोगो)
मोलेला, नाथद्वारा (राजसमंद)

 हस्तशिल्प

12
फुलकारी
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा
 हस्तशिल्प
13
सांगानेरी प्रिंट
जयपुर
 हस्तशिल्प
14 
थेवा कला
प्रतापगढ़
 हस्तशिल्प
 15
पोकरण पॉटरी (2018 में मिला)
पोकरण (जैसलमेर)
 हस्तशिल्प
 
एक वस्तु को एक से अधिक भौगोलिक क्षेत्रों के लिए भी जी आई टैग दिया जा सकता है। जैसे - फुलकारी को राजस्थान के अलावा पंजाब और हरियाणा को भी जी आई टैग दिया गया है।

जीके तथा डेली Handwritten करेंट अफेयर्स के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल को Join करें
Telegram Join 👉 Click Here
नोट:-  सभी महीनों का राजस्थान करेंट अफेयर्स भी फ्री उपलब्ध है।



जीआई टैग लिस्ट 2020

हाल ही 30 अप्रैल 2020 को मणिपुर के काले चावल (चाक-हाओ), गोरखपुर के टेराकोटा और तमिलनाडु की कोविलपट्टी कदलाई मितई को जीआई टैग दिया गया है।
टेराकोटा - दोमट मिट्टी से तैयार की गई छोटी-बड़ी आकृतियां और मूर्तियां।
कोविलपट्टी कदलाई मितई  - मूंगफली और गुड़ से बनी एक कैंडी

कश्मीरी केसर को भी जीआई टैग प्रदान किया गया है।
केसर की खेती करेवा मिट्टी में की जाती है।

ईरान विश्व में केसर का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

हाल ही मई 2020 में झारखंड की दो प्रमुख लोक चित्रकलाओं सोहराय व कोहबर को जीआई टैग दिया गया है।
यह झारखंड को किसी भी श्रेणी में मिला पहला जीआई टैग है।

साथ ही तेलंगाना के तेलिया रुमाल को जीआई टैग मिला है।

सिक्किम की लाल चेरी मिर्च को जीआई टैग
हाल ही अक्टूबर 2020 में सिक्किम की लाल चेरी मिर्च को जीआई टैग दिया गया है। इसे स्थानीय रूप से “Dalle Khursani” (डले खुर्सीनी) के नाम से जाना जाता है। यह दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक मानी जाती है।

हाल ही नवंबर 2020 में असम की तेजपुर लीची को GI टैग मिला है।


जीआई टैग लिस्ट 2021

हापुस आम - महाराष्ट्र
मिट्टी के खिलौने - तमिलनाडु

SAVE WATER

Post a Comment

0 Comments